कब्र से निकला मौत का राज: गला दबाकर हुई थी वृद्धा की हत्या, शव को गलाने के लिए डाला था यूरिया और नमक
जौनपुर के रामपुर निस्फी गांव निवासी 72 वर्षीय धर्मा देवी बीते 19 नवंबर से लापता थी। बीते मंगलवार को पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया और उनकी निशानदेही पर खेत में दफन महिला के शव को निकाला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैरान करने वाला खुलासा हुआ।
विस्तार
जौनपुर जिले के रामपुर निस्फी गांव निवासी धर्मा देवी (72) की मौत मामले में नया खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुबाबिक वृद्धा की मौत गला दबाने से हुई है। इतना ही नहीं, जांच के दौरान यह बात सामने आ रही है कि शव को गलाने के लिए आरोपियों ने यूरिया और नमक तक का इस्तेमाल किया था।
सुरेरी थाना क्षेत्र के रामपुर निस्फी गांव निवासी धर्मा देवी घर पर अकेली रहती थी। पति विष्णु पटेल का दो वर्ष पहले निधन हो गया था। उसके चार बेटे चंद्रशेखर, मुकेश पटेल, रमेश पटेल और कमलेश पटेल गुजरात के अहमदाबाद में रहकर नौकरी करते हैं।
19 नवंबर को शाम चार बजे धर्मा देवी घर से शौच के लिए निकली लेकिन अगले दिन दोपहर तक नहीं दिखाई दी तो पड़ोसियों ने इसकी जानकारी उसके बेटे रमेश को दी। सूचना के बाद वह फ्लाइट से आनन-फानन घर आया और खोजबीन में जुट गया।
वारदात का कारण साफ नहीं
थानाध्यक्ष सुरेरी राज नारायन चौरसिया ने नोनरा निवासी खरपत्तू पाल पुत्र हरीनाथ पाल और रामपुर निस्फी निवासी महेंद्र पुत्र नरई पटेल की निशानदेही पर पर बैगन के खेत में दफन वृद्धा का शव मजिस्ट्रेट की निगरानी में निकाला था। उस समय काफी दुर्गंध उठ रही थी।
वहीं, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इसकी हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। थानाध्यक्ष के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि वृद्धा की गला कसकर दबाने से मौत हुई है। जांच में यह तथ्य सामने आ रहा है कि आरोपियों ने शव को गलाने के लिए यूरिया और नमक का भी सहारा लिया है। वारदात का कारण साफ नहीं है। फिलहाल पूछताछ चल रही है।
आरोपियों ने सुनाई थी झूठी कहानी
शव दफनाने का राज खुलने के बाद आरोपियों ने पुलिस को झूठी कहानी सुनाई। घटना के बाद थानाध्यक्ष ने बताया था कि हिरासत में लिए गए नोनरा निवासी खरपत्तू पाल पुत्र हरीनाथ पाल और रामपुर निस्फी निवासी महेंद्र पुत्र नरई पटेल ने कहा था कि धर्मा देवी शौच करने के लिए निकली थी।
उनके खेत में लगे विद्युत प्रभावित करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। जिसकी जानकारी होने पर दोनों ने मिलकर उसके शव को पास के एक अरहर की खेत में छिपा दिया था। इसके बाद, नोनरा गांव स्थित खरपत्तू पाल के बैगन के खेत से उसके शव को दफन कर दिया था।