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पुरानी पेंशन बहाली को माध्यमिक शिक्षकों ने रखा मौन व्रत
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माध्यमिक शिक्षक संघ ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने समेत 6 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को आंबेडकर तिराहा स्थित डा.भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चेतनारायण सिंह की मौजूदगी में शिक्षकों ने मौन व्रत रखकर विरोध जताया।
जिलाध्यक्ष सुधाकर सिंह के नेतृत्व प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने कहा कि 2019 में सरकार और संगठन के बीच कई मुद्दों पर वार्ता हुई थी, लेकिन सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। सरकार की तरफ से शिक्षकों को भी चिकित्सीय सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराने, वित्तविहीन शिक्षकों को 15000 रुपये आरटीजीएस के माध्यम से मानदेय देने, पुरानी पेंशन पर समिति के गठन के माध्यम से एनपीएस को व्यावहारिक बनाकर इसे आकर्षक बनाने तथा केंद्र से इसे सुधार के लिए आग्रह करने आदि भरोसा दिया गया था। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि इन सभी मांगों को सरकार ने उसी हाल छोड़कर वादाखिलाफी की है। उल्टा कोरोना के नाम पर एस्मा लगाकर आंदोलन के मूलभूत अधिकारों से वंचित भी किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष सुधाकर एवं जिलामंत्री प्रमोद सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित 6 सूत्री मांग पत्र प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया। प्रांतीय उपाध्यक्ष नरसिंह बहादुर सिंह ने कहा कि क्रांति दिवस पर संगठन ने अपनी मांगों को लेकर मौन व्रत के माध्यम से सांकेतिक विरोध जताया है। इस मौके पर प्रांतीय मंत्री अजय प्रकाश सिंह, जिला उपाध्यक्ष डा. प्रविंद सिंह, जय प्रकाश सिंह, रामप्रकाश सिंह, रणंजय सिंह, प्रशांत पांडेय, राजेश यादव, चंद्रप्रकाश दुबे, संतोष सिंह रघुवंशी, पतिराम यादव, अखिलेश चंद्र, संतोष सिंह, वीएन शाक्य, अशोक पांडेय, राजेश प्रजापति, डा.धीरेंद्र सिंह, गौरव सिंह आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष सुधाकर सिंह के नेतृत्व प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने कहा कि 2019 में सरकार और संगठन के बीच कई मुद्दों पर वार्ता हुई थी, लेकिन सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। सरकार की तरफ से शिक्षकों को भी चिकित्सीय सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराने, वित्तविहीन शिक्षकों को 15000 रुपये आरटीजीएस के माध्यम से मानदेय देने, पुरानी पेंशन पर समिति के गठन के माध्यम से एनपीएस को व्यावहारिक बनाकर इसे आकर्षक बनाने तथा केंद्र से इसे सुधार के लिए आग्रह करने आदि भरोसा दिया गया था। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि इन सभी मांगों को सरकार ने उसी हाल छोड़कर वादाखिलाफी की है। उल्टा कोरोना के नाम पर एस्मा लगाकर आंदोलन के मूलभूत अधिकारों से वंचित भी किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष सुधाकर एवं जिलामंत्री प्रमोद सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित 6 सूत्री मांग पत्र प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया। प्रांतीय उपाध्यक्ष नरसिंह बहादुर सिंह ने कहा कि क्रांति दिवस पर संगठन ने अपनी मांगों को लेकर मौन व्रत के माध्यम से सांकेतिक विरोध जताया है। इस मौके पर प्रांतीय मंत्री अजय प्रकाश सिंह, जिला उपाध्यक्ष डा. प्रविंद सिंह, जय प्रकाश सिंह, रामप्रकाश सिंह, रणंजय सिंह, प्रशांत पांडेय, राजेश यादव, चंद्रप्रकाश दुबे, संतोष सिंह रघुवंशी, पतिराम यादव, अखिलेश चंद्र, संतोष सिंह, वीएन शाक्य, अशोक पांडेय, राजेश प्रजापति, डा.धीरेंद्र सिंह, गौरव सिंह आदि मौजूद रहे।
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