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उठान नहीं होने से क्रय केंद्रों पर डंप है धान, खरीद बंद
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मछलीशहर धान क्रय केंद्र पर धान तौल के लिए इंतजलार करते किसान। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। जिले में अधिकांश क्रय केंद्रों पर धान की खरीद नहीं हो रही है। कारण खरीदे गए धान का उठान क्रय केंद्रों से नहीं हो रहा है। क्रय केंद्रों पर ही धान डंप पड़े हुए हैं। इससे क्रय केंद्र प्रभारी किसानों का धान नहीं खरीद रहे हैं। उनके सामने सबसे अधिक समस्या धान खरीदने के बाद रखने की है। वहीं किसान धान बचने के लिए लग्रातार क्रय केंद्रों का चक्कर लगाने को विवश है, लेकिन धान नहीं खरीदे जाने से किसानों में रोष व्याप्त हैं।
जिले में आठ लाख 16 हजार किसान हैं। इनकी ओर से एक लाख 47 हजार हेक्टेयर खेत में धान की खेती की गई थी। मौसम अनुकूल रहने से इस बार धान की अच्छी पैदावार हुई थी। कुल 36 लाख 75 हजार कुंतल पैदावार हुआ था। वहीं किसानों को धान बेचने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में 156 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। वहीं, एक लाख 33 हजार 500 एमटी धान की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। जिले में धान की खरीद एक नवंबर से शुरू है, जो 28 फरवरी तक चलेगी। लेकिन अभी तक 13 हजार 491 किसानों से 83 हजार 986 एमटी धान की खरीद की गई है। अभी तक अधिकांश क्रय केंद्रों से मिलरों की ओर से धान का उठान नहीं किया गया है, जिससे धान की खरीद बंद है। खरीद बंद होने से किसान धान नहीं बेच पा रहे हैं। वह धान बेचने के लिए इधर-उधर भटकने को विवश हो रहे हैं। करंजाकला ब्लाक क्षेत्र में मौजूद क्रय केंद्रों पर धान डंप पड़ा हुआ है।
राइस मिल मालिक लिमिट का हवाला देकर धान का उठान नहीं कर रहे हैं। पतहना, कोठवार में धान क्रय केंद्र पर धान का उठान नहीं होने से खरीद बंद है। किसान राजबहादुर पांडेय और राजेश सिंह ने बताया कि मिल मालिक धान की खरीद में बाधा बन रहे हैं। कई बार धान बेचने के लिए आया, लेकिन खरीद नहीं होने से वापस लौटना पड़ा है। वहीं, कुकाह धान क्रय केंद्र एक कांटे पर ही तौल हो रही है, जिससे धीमी गति से धान की खरीद हो रही है। किसान कैलाश यादव और दयाराम ने बताया कि एक कांटे से तौल होने से कई दिनों तक क्रय केंद्र पर रहना पड़ रहा है। जासोपुर क्रय केंद्र पर धान खुलेेे आसमान के नीचे रखा गया है। केराकत तहसील के ग्राम जमुआरी निवासी गोपाल चौहान ने बताया कि आज मैं अपना 60 कुंतल धान बेचने शहाबुद्दीनपुर स्थित क्रय केंद्र पर आया हूं। हमारा धान खरीदा जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम पसेवा निवासी किसान राम आसरे यादव ने बताया कि मेरा 35 कुंतल धान है। ऑनलाइन दर्ज करा चुके हैं। किंतु सभी केंद्र प्रभारी टोकेन से ही धान खरीदने की बात कर रहे हैं। तीन दिन से धान बेचने के लिए दौड़ रहा हूं। बक्सा क्षेत्र के चुरावनपुर व सुजियामऊ सहकारी समिति पर धान की खरीद बंद है। खेतासराय क्षेत्र के जैगहा क्रय केंद्र पर 55 किसानों से 2956 कुंतल, जमदहा क्रय केंद्र पर 46 किसानों से 2460 कुंतल खरीद, खुदौली क्रय केंद्र से 38 किसानों से 2249 कुंतल अब तक धान की खरीद हुई है, लेकिन मिलरों की ओर से समय पर धान की उठान नहीं किया जा रहा है। गोदाम भरे हुए हैं, जिससे धान की खरीद नहीं हो पा रही है। जफराबाद के कबूलपुर साधन सहकारी समिति पर बोरी की किल्लत के कारण धान की खरीद धीमी गति से हो रही है।
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मिलरो को पखवारे की कुटाई की क्षमता के अनुसार धान कुटने के लिए जा रहा है, जिससे क्रय केंद्रों से धान का उठान धीमी गति से हो रही है, जिसके कारण क्रय केंद्रों पर धान डंप पड़ा हुआ है। - एनके पाठक, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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जिले में आठ लाख 16 हजार किसान हैं। इनकी ओर से एक लाख 47 हजार हेक्टेयर खेत में धान की खेती की गई थी। मौसम अनुकूल रहने से इस बार धान की अच्छी पैदावार हुई थी। कुल 36 लाख 75 हजार कुंतल पैदावार हुआ था। वहीं किसानों को धान बेचने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में 156 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। वहीं, एक लाख 33 हजार 500 एमटी धान की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। जिले में धान की खरीद एक नवंबर से शुरू है, जो 28 फरवरी तक चलेगी। लेकिन अभी तक 13 हजार 491 किसानों से 83 हजार 986 एमटी धान की खरीद की गई है। अभी तक अधिकांश क्रय केंद्रों से मिलरों की ओर से धान का उठान नहीं किया गया है, जिससे धान की खरीद बंद है। खरीद बंद होने से किसान धान नहीं बेच पा रहे हैं। वह धान बेचने के लिए इधर-उधर भटकने को विवश हो रहे हैं। करंजाकला ब्लाक क्षेत्र में मौजूद क्रय केंद्रों पर धान डंप पड़ा हुआ है।
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राइस मिल मालिक लिमिट का हवाला देकर धान का उठान नहीं कर रहे हैं। पतहना, कोठवार में धान क्रय केंद्र पर धान का उठान नहीं होने से खरीद बंद है। किसान राजबहादुर पांडेय और राजेश सिंह ने बताया कि मिल मालिक धान की खरीद में बाधा बन रहे हैं। कई बार धान बेचने के लिए आया, लेकिन खरीद नहीं होने से वापस लौटना पड़ा है। वहीं, कुकाह धान क्रय केंद्र एक कांटे पर ही तौल हो रही है, जिससे धीमी गति से धान की खरीद हो रही है। किसान कैलाश यादव और दयाराम ने बताया कि एक कांटे से तौल होने से कई दिनों तक क्रय केंद्र पर रहना पड़ रहा है। जासोपुर क्रय केंद्र पर धान खुलेेे आसमान के नीचे रखा गया है। केराकत तहसील के ग्राम जमुआरी निवासी गोपाल चौहान ने बताया कि आज मैं अपना 60 कुंतल धान बेचने शहाबुद्दीनपुर स्थित क्रय केंद्र पर आया हूं। हमारा धान खरीदा जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम पसेवा निवासी किसान राम आसरे यादव ने बताया कि मेरा 35 कुंतल धान है। ऑनलाइन दर्ज करा चुके हैं। किंतु सभी केंद्र प्रभारी टोकेन से ही धान खरीदने की बात कर रहे हैं। तीन दिन से धान बेचने के लिए दौड़ रहा हूं। बक्सा क्षेत्र के चुरावनपुर व सुजियामऊ सहकारी समिति पर धान की खरीद बंद है। खेतासराय क्षेत्र के जैगहा क्रय केंद्र पर 55 किसानों से 2956 कुंतल, जमदहा क्रय केंद्र पर 46 किसानों से 2460 कुंतल खरीद, खुदौली क्रय केंद्र से 38 किसानों से 2249 कुंतल अब तक धान की खरीद हुई है, लेकिन मिलरों की ओर से समय पर धान की उठान नहीं किया जा रहा है। गोदाम भरे हुए हैं, जिससे धान की खरीद नहीं हो पा रही है। जफराबाद के कबूलपुर साधन सहकारी समिति पर बोरी की किल्लत के कारण धान की खरीद धीमी गति से हो रही है।
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मिलरो को पखवारे की कुटाई की क्षमता के अनुसार धान कुटने के लिए जा रहा है, जिससे क्रय केंद्रों से धान का उठान धीमी गति से हो रही है, जिसके कारण क्रय केंद्रों पर धान डंप पड़ा हुआ है। - एनके पाठक, जिला खाद्य विपणन अधिकारी