फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Many corona patients went missing in the district

जिले में लापता हुए कोरोना के कई मरीज

Sat, 01 Aug 2020 10:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2020 10:33 PM IST
विज्ञापन
Many corona patients went missing in the district
06- कोतवाली थाना परिसर में पुलिस कर्मी का थर्मल स्कैनिंग करता कर्मचारी। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। कोरोना के संक्रमण को लेकर बेपरवाह बने लोगों के लिए यह चिंताजनक खबर है। जिले में कोरोना के 20 से अधिक मरीज लापता हैं। नाम-पता गलत अंकित होने के कारण उन्हें स्वास्थ्य विभाग ट्रेस नहीं कर पाया है। ऐसे में इन मरीजों की निगरानी भी नहीं हो पा रही। वह कहां हैं और किससे मिलते-जुलते रहे हैं, इसके बारे में कोई अनुमान नहीं है। ऐसे में बिना लक्षण वाले यह मरीज किसी के लिए भी खतरे का सबब बन सकते हैं। फिजिकल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाए बिना लोगों से बेधड़क मेलजोल खतरनाक साबित हो सकता है।
विज्ञापन

कोरोना का संक्रमण बढ़ने के साथ ही जिले में जांच में भी तेजी आए है। अभियान चलाकर लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। बार-बार हिदायत दी जा रही है कि खुद को और अपने आसपास के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए शर्म-संकोच छोड़कर जांच कराएं, जिससे उनका समय से समुचित उपचार किया जा सके। उन्हें निगरानी में रखा जाए, ताकि किसी दूसरे में संक्रमण न फैले। बावजूद तमाम लोग कोरोना जांच के दौरान अपने नाम-पते को गलत अंकित करा रहे हैं। इसी का असर है कि 20 से अधिक लोगों को रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद भी ट्रेस नहीं किया जा सका है। न तो उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क हो रहा और न ही पते की पहचान स्पष्ट हो रही। ऐसे में इन मरीजों की निगरानी भी नहीं हो पा रही। 30 जुलाई को आई रिपोर्ट में ऐसे सात मरीज थे, जबकि 31 जुलाई को दो मरीजों का पता ट्रेस नहीं हुआ था। इसके पहले 29 और 28 को भी कई 10 मरीजों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई थी। पूर्व में भी कई मरीज ऐसे मिले थे, जिनके नाम-पते की त्रुटियों से पहचान नहीं हो पाई थी। ऐसे मरीजों से संक्रमण का खतरा अधिक है। वह कहां हैं और किससे मिल-जुल रहे हैं, किसी को जानकारी नहीं है। पता और नंबर गलत होने से मरीजों को भी इसकी सूचना नहीं मिल पाई है कि वह पॉजिटिव हैं या निगेटिव। इस बाबत सीएमओ डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि पूर्व में सैंपल लेते वक्त मरीज के बताए अनुसार नाम-पता नोट कर लिया जाता था। इसमें कई लोगों ने गलत नाम-पता अंकित करा दिया था। रजिस्टर में उनके आगे-पीछे जांच कराने वालों से संपर्क कर पहचान की कोशिश की जा रही है। अब नए मरीजों से फोटोयुक्त पहचान पत्र व मोबाइल नंबर अनिवार्य रुप से लिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed