सुइथाकला। क्षेत्र के सुइथाकलां गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिनकथा के पांचवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने पूतना वध प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए किसी भी रूप में अवतार लेते हैं और दुष्टों का संहार करते हैं। माखनचोरी और नटखट लीलाओं का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की ये लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान की बाल लीलाएं हमें सिखाती हैं कि जीवन में प्रेम, स्नेह और सरलता का कितना महत्व है।
आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान की भक्ति करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में भक्ति, सत्य और सदाचार को अपनाएं। इसके पूर्व मुख्य यजमान इंद्रावती सिंह एवं यमुना प्रसाद सिंह के द्वारा भगवान की आरती किया गया। कार्यक्रम में डीएम डॉ. दिनेश चंद्र, पं. राम सन्मुख तिवारी, एसडीएम कुणाल गौरव, नायब तहसीलदार पीयूष सिंह, विनय त्रिपाठी, बेचन सिंह, प्रमोद सिंह, डॉ. रमेश सिंह आदि मौजूद रहे।