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39 साल बाद मिला इंसाफ: एसओ की हत्या में नौ आरोपियों को उम्रकैद, छह की हो चुकी है मौत; पढ़ें- हैरतअंगेज मामला

Thu, 01 Aug 2024 04:04 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 01 Aug 2024 04:04 PM IST
सार

Jaunpur News: जौनपुर के जिला जज में 1985 से यह वाद चल रहा था। मामला सुरेरी थानाध्यक्ष अमरनाथ भारती की हत्या का था। आरोपियों को 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की भी सजा सुनाई गई है।

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Justice after 39 years in case of SO murder in jaunpur Nine accused sentenced to life imprisonment
जौनपुर के जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल ने सुनाया फैसला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जौनपुर के जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल ने 39 साल पहले सुरेरी में थानाध्यक्ष की हत्या के मामले में नौ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसमें थानाध्यक्ष को पकड़ने वाले आरोपी की भी मौत हो गई थी। 

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कोर्ट ने दोषी मानिकचंद समेत नौ आरोपियों को हत्या व अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व प्रत्येक को 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

वादी के अनुसार 18 दिसंबर 1985 को उप निरीक्षक बब्बन सिंह ने सुरेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया कि 18 दिसंबर 1985 को सुरेरी थानाध्यक्ष अमरनाथ भारती के साथ उप निरीक्षक बब्बन सिंह व अन्य पुलिसकर्मी विवेचना के लिए रवाना होकर 6:45 बजे सुबह ग्राम सुरेरी पूरवा मोडफ पहुंचे तो मुकदमें से संबंधित जमीन पर पुन: आरोपियों द्वारा कब्जा किया जाना पाया गया। 
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पुलिस वाले सुबह 7:30 बजे धनवस्तेपुर में बलिराम के घर पहुंची। उसे गिरफ्तार किया। उसे लेकर थाने की तरफ लेकर चली। सुबह करीब 7:45 बजे सुखनंदन के खेत के पास आरोपित मानिकचंद, जयप्रकाश, ओमप्रकाश, उत्तम, श्री राम, मोहन, नबीउल्ला, रजज्ब, जल्ला व अन्य आरोपित कट्टा, बल्लम, लाठी-डंडा, ईट-पत्थर लेकर पुलिस पार्टी को घेर लिए और बलिराम को छुड़ाने लगे। 
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पुलिस पार्टी पर हमला कर दिए। सोभनाथ ने बल्लम से अमरनाथ भारती को मारा तब बलिराम ने उनके सीने पर चढ़कर ईंट से मारा जिससे उनकी मृत्यु हो गई। सभी पुलिस वालों को आरोपी घेरकर ईंट-पत्थर व कट्टे से फायर कर मारने लगे, जिससे उप निरीक्षक बब्बन सिंह, कांस्टेबल झुल्लन प्रसाद व कांस्टेबल हरकेश गुप्ता को चोटें आईं।

साक्ष्य के अभाव में कई दोषमुक्त
अभियोजन के अनुसार अमरनाथ भारती को सुखनंदन ने पकड़ा था। जयप्रकाश ने कट्टे से अमरनाथ पर फायर किया तो वह झुक गए। गोली सुखनंदन को लगी। उसकी भी मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना कर 26 आरोपी के खिलाफ केस डायरी कोर्ट में प्रेषित किया। 

आरोपित सुखऊ, भूखंदर व हीरालाल की मृत्यु के बाद 23 आरोपितों के खिलाफ हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में कोर्ट में आरोप तय हुआ। कोर्ट में 10 गवाहों के बयान जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश पांडेय व राजनाथ चौहान ने दर्ज कराए। 

दौरान मुकदमा आरोपित बलिराम, चानिका, पुल्लू, अमरनाथ, सोभनाथ व लालमनि की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपित मानिकचंद, जयप्रकाश, ओमप्रकाश, उत्तम, श्रीराम, मोहन, नबी उल्ला, रज्जब व जल्ला को हत्या व अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए दंडित किया। कोर्ट ने प्रेमचंद, मोती, राजकुमार, पट्ठे, लालचंद, लालजी, पंचम व सुरेंद्र शेष आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।

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