यूपी: कोरोना पॉजिटिव महिला को लेने पहुंची स्वास्थ्य टीम, पैर पकड़कर रोने लगा बेटा, बोला- मां के बिना नहीं रह सकता
कोरोना के भय से जब रिश्ते टूट रहे हैं तो ऐसे में मां-बेटे के बीच के अगाध प्रेम का भावुक पल भी बुधवार को सामने आया। मां की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद जब स्वास्थ्य टीम उसे लेने पहुंची तो बेटे ने मां के पैर पकड़ लिए। वह उन्हें अस्पताल ले जाने से रोकने लगा। यह कहते हुए उसकी आंखें निर्झर बहने लगीं कि मां के बिना वह नहीं रह सकता। उसे भी मां के साथ ले जाओ या मां को उसके पास छोड़ दो। आंखों से बहते भावनाओं के ज्वार का यह दृश्य देख हर कोई भावुक हो गया। मामला मीरगंज के चौकी खुर्द गांव का है।
गांव निवासी एक महिला की रिपोर्ट मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव आई थी। घर में होम आइसोलेशन के लिए सुविधा न होने पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे एल-1 अस्पताल ले जाने एंबुलेंस लेकर पहुंची। मां ने अपने कपड़े रखे और जाने की तैयारी की।
तभी उसका पुत्र (35) वहां पहुंचा और मां के पैरों में गिर पड़ा। पैर पकड़कर वह अस्पताल न जाने की विनती कर रहा था। आंखों से बहते आंसुओं के बीच वह कह रहा था कि मां के बिना वह कैसे रहेगा। वह आज तक मां के बिना नहीं रहा। अस्पताल में उसकी देखभाल पता नहीं कैसे होगी। मां को मत ले जाओ। युवक अपनी मां के साथ रहता है।
उन्हीं के साथ खाना भी खाता है। मां के पैर पकड़कर वह जोर-जोर से रोते हुए खुद को भी साथ ले जाने की गुहार लगाता रहा। हालांकि उसकी रिपोर्ट निगेटिव होने के कारण स्वास्थ्य टीम अपनी विवशता जताती रही। काफी समझाने के बाद किसी तरह उसने मां के पैरे छोड़े। उसे मनाया गया। हाथ धुलाकर सैनिटाइज कराया गया।
दो दिन से एंबुलेंस को चकमा दे रहा कोरोना मरीज
मीरगंज क्षेत्र के लासा गांव निवासी कोरोना का एक मरीज दो दिनों से स्वास्थ्य विभाग की टीम को चकमा दे रहा है। एंबुलेंस उसे एल-1 अस्पताल ले जाने गांव पहुंचती है तो वह घर से फरार हो जाता है। परेशान हाल स्वास्थ्य विभाग अब उसके विरुद्ध कानूनी कदम उठाने की तैयारी में है। मंगलवार को रामगढ़ कंटेंमेन जोन में अपने बीमार पिता की कोरोना जांच कराने आए युवक की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई।
टीम ने सलाह दी कि जब तक एंबुलेंस नहीं आती वह घर पर ही लोगों से दूरी बनाकर रहे। उस समय तो वह तैयार हो गया, लेकिन कुछ घंटे बाद जब एंबुलेंस गांव पहुंची तो वह घर पर नहीं मिला। चालक ने मोबाइल पर संपर्क किया तो बताया कि मैं फ्लाइट से दिल्ली आ गया हूं, जबकि ग्रामीण उसे गांव में होने की बात कहते रहे।
इसकी सूचना तत्काल चिकित्सा अधीक्षक सहित पुलिस प्रशासन को भी दी गई, लेकिन वह देर रात तक नहीं मिला। बुधवार को भी टीम उसे लेने पहुंची तो वह घर पर नहीं था। मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हुआ।