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Jaunpur News: भीड़भाड़ वाले इलाकों में खुले में रखे ट्रांसफाॅर्मरों से हादसे का डर
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भीड़भाड़ वाले इलाकों में खुले में रखे ट्रांसफाॅर्मरों से हादसे का डर
जौनपुर। बारिश शुरू हो गई है, ऐसे में शहर में अधिकतर जगहों पर खुले में रखे ट्रांसफाॅर्मर हादसे का सबब बन सकते हैं। ट्रांसफार्मरों से निकले व झूलते तारों व पास में लगे बाॅक्सों से कई बार मवेशी झुलस चुके हैं। ट्रांसफाॅर्मरों की घेराबंदी कराने की मांग भी उठती रही, पर हर बार बारिश से पहले समस्या के निजात का बिजली विभाग के अधिकारी झूठा आश्वासन देते रहे हैं। तीन लाख से अधिक आबादी वाले शहर में करीब 52 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इनको बिजली आपूर्ति के लिए छोटे-बड़े कुल 660 ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। शहर में कई भीड़भाड़ वाले जगहों पर खुले में प्लेटफाॅर्म पर ट्रांसफाॅर्मर रखा गया है। ट्रांसफार्मरों के चारों ओर लोहे की जाली तक नहीं लगाई गई है। इससे इन ट्रांसफार्मर के आसपास के लोगों में हादसे को लेकर हमेशा भय बना रहता है। यह स्थिति ओलंदगंज, जेसीज चौराहा मार्ग, पाॅलिटेक्निक स्थित मडियाहूं रोड, दीवानी मोड़, आंबेडकर तिराहे के पास, इंग्लिश क्लब तिराहा के पास, रूहट्टा, मछलीशर पड़ाव, मंडी चौराहा समेत अन्य जगहों पर बनी हुई है।
केस वन :- दीवानी कचहरी मोड के पास कई ठेले वाले दुकान लगाते हैं। उन्हें भी खुले में रखे ट्रांसफाॅर्मर व उससे होने वाली स्पार्किंग से खतरा बना रहता है। स्थानीय दुकानदार भी घेराबंदी कराए जाने की मांग कर चुके हैं। इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
केस टू :- पुरानी मंडी चौराहा के समीप खुले में ट्रांसफाॅर्मर रखा गया है जो दुकान लगाने वालों के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। मंडी होने की वजह सुबह शाम भीड़ लगती है। कई बार हादसा होते-होते बचा। दुकानदार रामफेर, दिनेश मौर्या, राजकेशर आदि लोगों ने ट्रांसफाॅर्मर की घेराबंदी कराने की मांग की है।
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केस थ्री :- ओलंदगंज जेसीज मार्ग पर खुले में ट्रांसफाॅर्मर रखा है। बीते मई माह में निकली चिंगारी से ट्रांसफाॅर्मर में आग भी लग चुकी है। इसके आस-पास छुट्टा पशु टहलते हैं। बारिश में करंट आने का खतरा रहता है। आसपास के दुकानदारों ने ट्रांसफाॅर्मर की घेराबंदी कर सुरक्षित करने की मांग की है।
केस फोर :- ओलंदगंज से पाॅलिटेक्निक जाने वाले मार्ग रूहट्टा में सड़क के किनारे खुले में ट्रांसफाॅर्मर रखा गया है। इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब चार से पांच हजार लोग आवागमन करते हैं। छुट्टा पशु भी आस-पास टहलते रहते हैं। मोहल्लेवासी सौरभ तिवारी, अंशु, विमलेश आदि लोगों ने ट्रांसफाॅर्मर घेराबंदी कराए जाने की मांग की है।
यह शिकायत कई जगह से मिली है। जल्द ही प्रस्ताव बनाकर शासन स्तर पर भेजा जाएगा। बजट स्वीकृत होने पर शहर में सड़क के किनारे खुले में रखे सभी ट्रांसफाॅर्मर की घेराबंदी कराई जाएगी। ताकि लोग सुरक्षित रहेंगे।- एसके सिन्हा, अधिशासी अभियंता विद्युत तृतीय।
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जौनपुर। बारिश शुरू हो गई है, ऐसे में शहर में अधिकतर जगहों पर खुले में रखे ट्रांसफाॅर्मर हादसे का सबब बन सकते हैं। ट्रांसफार्मरों से निकले व झूलते तारों व पास में लगे बाॅक्सों से कई बार मवेशी झुलस चुके हैं। ट्रांसफाॅर्मरों की घेराबंदी कराने की मांग भी उठती रही, पर हर बार बारिश से पहले समस्या के निजात का बिजली विभाग के अधिकारी झूठा आश्वासन देते रहे हैं। तीन लाख से अधिक आबादी वाले शहर में करीब 52 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इनको बिजली आपूर्ति के लिए छोटे-बड़े कुल 660 ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। शहर में कई भीड़भाड़ वाले जगहों पर खुले में प्लेटफाॅर्म पर ट्रांसफाॅर्मर रखा गया है। ट्रांसफार्मरों के चारों ओर लोहे की जाली तक नहीं लगाई गई है। इससे इन ट्रांसफार्मर के आसपास के लोगों में हादसे को लेकर हमेशा भय बना रहता है। यह स्थिति ओलंदगंज, जेसीज चौराहा मार्ग, पाॅलिटेक्निक स्थित मडियाहूं रोड, दीवानी मोड़, आंबेडकर तिराहे के पास, इंग्लिश क्लब तिराहा के पास, रूहट्टा, मछलीशर पड़ाव, मंडी चौराहा समेत अन्य जगहों पर बनी हुई है।
केस वन :- दीवानी कचहरी मोड के पास कई ठेले वाले दुकान लगाते हैं। उन्हें भी खुले में रखे ट्रांसफाॅर्मर व उससे होने वाली स्पार्किंग से खतरा बना रहता है। स्थानीय दुकानदार भी घेराबंदी कराए जाने की मांग कर चुके हैं। इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
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केस टू :- पुरानी मंडी चौराहा के समीप खुले में ट्रांसफाॅर्मर रखा गया है जो दुकान लगाने वालों के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। मंडी होने की वजह सुबह शाम भीड़ लगती है। कई बार हादसा होते-होते बचा। दुकानदार रामफेर, दिनेश मौर्या, राजकेशर आदि लोगों ने ट्रांसफाॅर्मर की घेराबंदी कराने की मांग की है।
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केस थ्री :- ओलंदगंज जेसीज मार्ग पर खुले में ट्रांसफाॅर्मर रखा है। बीते मई माह में निकली चिंगारी से ट्रांसफाॅर्मर में आग भी लग चुकी है। इसके आस-पास छुट्टा पशु टहलते हैं। बारिश में करंट आने का खतरा रहता है। आसपास के दुकानदारों ने ट्रांसफाॅर्मर की घेराबंदी कर सुरक्षित करने की मांग की है।
केस फोर :- ओलंदगंज से पाॅलिटेक्निक जाने वाले मार्ग रूहट्टा में सड़क के किनारे खुले में ट्रांसफाॅर्मर रखा गया है। इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब चार से पांच हजार लोग आवागमन करते हैं। छुट्टा पशु भी आस-पास टहलते रहते हैं। मोहल्लेवासी सौरभ तिवारी, अंशु, विमलेश आदि लोगों ने ट्रांसफाॅर्मर घेराबंदी कराए जाने की मांग की है।
यह शिकायत कई जगह से मिली है। जल्द ही प्रस्ताव बनाकर शासन स्तर पर भेजा जाएगा। बजट स्वीकृत होने पर शहर में सड़क के किनारे खुले में रखे सभी ट्रांसफाॅर्मर की घेराबंदी कराई जाएगी। ताकि लोग सुरक्षित रहेंगे।- एसके सिन्हा, अधिशासी अभियंता विद्युत तृतीय।