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साहित्यकार से वसूली करने वाला दरोगा लाइन हाजिर
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:05 AM IST
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जौनपुर। इलाहाबाद मार्ग पर सिकरारा थाने के सामने साहित्यकार डा. अरुणेश नीरन एवं देवरिया रामलीला समिति के अध्यक्ष मन्नन प्रसाद को रोककर सीट बेल्ट न लगाने के आरोप में एक हजार रुपये की वसूली करने वाले प्रोन्नत वेतनमान के दरोगा ललित सिंह को एसपी डीपी सिंह ने लाइन हाजिर कर दिया है। पूरे मामले की जांच सीओ सदर विनय द्विवेदी को सौंपी गई है। उनकी प्रारंभिक रिपोर्ट पर यह कार्रवाई हुई है। अमर उजाला ने साहित्यकार से वसूली की खबर को 13 अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
देवरिया निवासी साहित्यकार डा. अरुणेश नीरन, देवरिया रामलीला समिति के अध्यक्ष मन्नन प्रसाद मित्रों के साथ चित्रकूट इनोवा गाड़ी से गुरुवार को जा रहे थे। इलाहाबाद रोड स्थित सीहीपुर क्रासिंग पर एक सिपाही ने उनकी गाड़ी रोक लिया। बोला, कोतवाल साहब को इलाहाबाद जाना है, आप लेते जाओ। उन्होंने कहा कि ठीक है साइड में गाड़ी रोकते हैं, जल्दी बुलाओ। थोड़ी देर बाद जब कोतवाल नहीं आए तो उन्होंने अपनी गाड़ी आगे बढ़वा दी। अभी वह सिकरारा पहुंचे थे कि पुलिस ने उनकी गाड़ी रोक ली। जहां एक होमगार्ड एवं सिपाही ने उनके साथ बदसलूकी की। दरोगा ललित सिंह ने कहा कि आफिस में जाकर एक हजार रुपया जमा कराओ। मन्नन प्रसाद और उनके चालक ने डीएल, बीमा, गाड़ी का कागज, प्रदूषण का फिटनेस दरोगा को दिखाया तो उसने कहा कि सीट बेल्ट नहीं लगाए हो जुर्माना दो। इसके एवज में एक हजार सिकरारा थाने के दरोगा ने लिया और रसीद ऐसी दी जो कोई पढ़ नहीं सकता। सीट बेल्ट नहीं लगाने का जुर्माना 100 रुपये से 300 रुपये तक होता है। एसपी दिनेश पाल सिंह के संज्ञान में मामला आते ही उन्होंने सीओ सदर को जांच सौंपकर रिपोर्ट मांगी। प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दरोगा ललित सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद पांडेय दरोगा, यादव सिपाही एवं एक लोकल होमगार्ड के खिलाफ गाज गिरनी तय है। सबसे अधिक लापरवाही सिकरारा के इंस्पेक्टर ने बरती। इतना सब होने के बाद भी वह आवास में आराम फरमा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो होमगार्ड, सिपाही लोगों से बिना किसी जांच पड़ताल के गाड़ियां से पैसे लेकर छोड़वाते देखे गए। एसपी दिनेश पाल सिंह ने कहा है कि एक दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद अन्य पर कार्रवाई होगी।
देवरिया निवासी साहित्यकार डा. अरुणेश नीरन, देवरिया रामलीला समिति के अध्यक्ष मन्नन प्रसाद मित्रों के साथ चित्रकूट इनोवा गाड़ी से गुरुवार को जा रहे थे। इलाहाबाद रोड स्थित सीहीपुर क्रासिंग पर एक सिपाही ने उनकी गाड़ी रोक लिया। बोला, कोतवाल साहब को इलाहाबाद जाना है, आप लेते जाओ। उन्होंने कहा कि ठीक है साइड में गाड़ी रोकते हैं, जल्दी बुलाओ। थोड़ी देर बाद जब कोतवाल नहीं आए तो उन्होंने अपनी गाड़ी आगे बढ़वा दी। अभी वह सिकरारा पहुंचे थे कि पुलिस ने उनकी गाड़ी रोक ली। जहां एक होमगार्ड एवं सिपाही ने उनके साथ बदसलूकी की। दरोगा ललित सिंह ने कहा कि आफिस में जाकर एक हजार रुपया जमा कराओ। मन्नन प्रसाद और उनके चालक ने डीएल, बीमा, गाड़ी का कागज, प्रदूषण का फिटनेस दरोगा को दिखाया तो उसने कहा कि सीट बेल्ट नहीं लगाए हो जुर्माना दो। इसके एवज में एक हजार सिकरारा थाने के दरोगा ने लिया और रसीद ऐसी दी जो कोई पढ़ नहीं सकता। सीट बेल्ट नहीं लगाने का जुर्माना 100 रुपये से 300 रुपये तक होता है। एसपी दिनेश पाल सिंह के संज्ञान में मामला आते ही उन्होंने सीओ सदर को जांच सौंपकर रिपोर्ट मांगी। प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दरोगा ललित सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद पांडेय दरोगा, यादव सिपाही एवं एक लोकल होमगार्ड के खिलाफ गाज गिरनी तय है। सबसे अधिक लापरवाही सिकरारा के इंस्पेक्टर ने बरती। इतना सब होने के बाद भी वह आवास में आराम फरमा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो होमगार्ड, सिपाही लोगों से बिना किसी जांच पड़ताल के गाड़ियां से पैसे लेकर छोड़वाते देखे गए। एसपी दिनेश पाल सिंह ने कहा है कि एक दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद अन्य पर कार्रवाई होगी।
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