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जिला कारागार के बंदी की बीएचयू में मौत
Updated Mon, 02 Apr 2018 12:28 AM IST
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जौनपुर। जिला कारागार में बंद एक बंदी की उपचार के दौरान बीएचयू में शनिवार की रात मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
केराकत कोतवाली क्षेत्र के देवाकलपुर निवासी राजाराम का बेटा संजय गौतम दुराचार के आरोप में पिछले 38 महीने से जेल में बंद था। मृत बंदी के परिजनों का आरोप है कि 26 मार्च को जेलर से उसने तबीयत खराब होने ंकी शिकायत की थी। लेकिन जेलर ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। उसकी शिकायत नजरअंदाज कर दी गई। 28 मार्च को उसकी हालत अधिक गंभीर हुई तो आनन फानन में बीएचयू में भर्ती करा दिया गया था। जहां इलाज के दौरान शनिवार की रात 11:50 पर बजे उसकी मौत हो गई। मृतक संजय के पिता का कहना है कि यदि जेलर ने बेटे की तबीयत खराब होने की शिकायत को समय से सुन लिया होता और उसे अस्पताल पहुंचा दिया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी। इस संबंध में जेलर सुरेश चंद्र का कहना है कि बंदी संजय टीबी का मरीज था। उसका इलाज काफी दिनों से चल रहा था। बीएचयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। इलाज में जेल प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।
केराकत कोतवाली क्षेत्र के देवाकलपुर निवासी राजाराम का बेटा संजय गौतम दुराचार के आरोप में पिछले 38 महीने से जेल में बंद था। मृत बंदी के परिजनों का आरोप है कि 26 मार्च को जेलर से उसने तबीयत खराब होने ंकी शिकायत की थी। लेकिन जेलर ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। उसकी शिकायत नजरअंदाज कर दी गई। 28 मार्च को उसकी हालत अधिक गंभीर हुई तो आनन फानन में बीएचयू में भर्ती करा दिया गया था। जहां इलाज के दौरान शनिवार की रात 11:50 पर बजे उसकी मौत हो गई। मृतक संजय के पिता का कहना है कि यदि जेलर ने बेटे की तबीयत खराब होने की शिकायत को समय से सुन लिया होता और उसे अस्पताल पहुंचा दिया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी। इस संबंध में जेलर सुरेश चंद्र का कहना है कि बंदी संजय टीबी का मरीज था। उसका इलाज काफी दिनों से चल रहा था। बीएचयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। इलाज में जेल प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।