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गैर इरादतन हत्या में पिता-पुत्र को दस वर्ष का सश्रम कारावास
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:05 AM IST
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जौनपुर। शाहगंज थाना क्षेत्र के डोमनपुर में जमीन विवाद को लेकर लाठी डंडे के हमले से मौत मामले के जुर्म में पिता पुत्र को दस वर्ष का सश्रम कारावास व तेरह-तेरह हजार रुपये अर्थदंड और दो अन्य आरोपियों को 1 वर्ष कारावास व तीन-तीन हजार रुपये अर्थ दंड की सजा अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने शुक्रवार को सुनाई है। जबकि क्रास केस में दोष सिद्ध होने पर पांच लोगों को एक वर्ष का कारावास एवं एक-एक हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई गई है।
मृतक के चाचा रामअचल ने शाहगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अभियोजन कथानक के अनुसार 5 फरवरी 2010 को 11:30 बजे दिन वादी के पट्टीदार सहजोर, राम उजागिर, उसका भाई रामजग, रामजग का पुत्र सुनील जमीनी विवाद की रंजिश में लाठी डंडा लेकर गालियां देते हुए दरवाजे पर चढ़ आए। शोर पर भतीजा साहब लाल, रामचंद्र, मीना, रेखा आदि आए और गालियां देने से मना किया तो हमलावर लाठी डंडा, लात मुक्का से सब को मारने लगे। सहजोर व रामउजागिर के ललकारने पर सुनील व रामजग ने साहब लाल को सिर पर जान से मारने की नियत से लाठी से मारा जिससे वह बेहोश हो गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसी दिन साहब लाल की मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना करके चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। एडीजीसी जवाहर लाल यादव व ज्ञानेंद्र यादव ने गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई जबकि क्रास केस में रामअचल सहित पांच आरोपियों को सजा सुनाई।
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मृतक के चाचा रामअचल ने शाहगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अभियोजन कथानक के अनुसार 5 फरवरी 2010 को 11:30 बजे दिन वादी के पट्टीदार सहजोर, राम उजागिर, उसका भाई रामजग, रामजग का पुत्र सुनील जमीनी विवाद की रंजिश में लाठी डंडा लेकर गालियां देते हुए दरवाजे पर चढ़ आए। शोर पर भतीजा साहब लाल, रामचंद्र, मीना, रेखा आदि आए और गालियां देने से मना किया तो हमलावर लाठी डंडा, लात मुक्का से सब को मारने लगे। सहजोर व रामउजागिर के ललकारने पर सुनील व रामजग ने साहब लाल को सिर पर जान से मारने की नियत से लाठी से मारा जिससे वह बेहोश हो गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसी दिन साहब लाल की मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना करके चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। एडीजीसी जवाहर लाल यादव व ज्ञानेंद्र यादव ने गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई जबकि क्रास केस में रामअचल सहित पांच आरोपियों को सजा सुनाई।
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