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ललई को मिली जमानत, जेल से हुए रिहा
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:18 AM IST
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जौनपुर। खुटहन उपद्रव मामले में महिला थाने की थानाध्यक्ष की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में भी मंगलवार को जमानत मिलने पर पूर्व मंत्री एवं शाहगंज के विधायक शैलेंद्र यादव ललई जेल से रिहा हो गए। शाम को कोर्ट से परवाना जेल भेजा गया। रिहाई के समय बड़ी संख्या में समर्थक जेल पहुंचे हुए थे। पहली दिसंबर को कोर्ट में समर्पण के बाद अदालत ने अंतरिम जमानत अर्जी को खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया था।
खुटहन उपद्रव में महिला थाने की थानाध्यक्ष की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में विधायक शैलेंद्र यादव ललई को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अजय त्यागी ने एक-एक लाख रुपए की दो जमानत व निजी मुचलके पर मंगलवार को जेल से रिहा करने का आदेश दिया था। आरोपी के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि घटना 11:10 बजे प्रात: की बताई गई जबकि इसी दिनांक को आरोपी के खिलाफ दर्ज अन्य प्राथमिकी में घटना 10:30 बजे की बताई गई तो पुन: 11:10 घटना कैसे हो सकती है। इसके अलावा हत्या के प्रयास का अपराध नहीं बनता क्योंकि महिला पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें थीं। आरोपी के पास से कोई मोबाइल व गाड़ी की चाबी की बरामदगी नहीं हुई। राजनीतिक विद्वेश के कारण ललई को फंसा दिया गया। शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया कि आरोपी जनप्रतिनिधि हैं। उन्होंने महिला थाना के थानाध्यक्ष का हाथ पकड़ा, महिला कांस्टेबल से मोबाइल छीना, सरकारी गाड़ी से चाबी निकाली, भीड़ को उकसाया तथा कार्य में बाधा डाला। थानाध्यक्ष खुटहन की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में विधायक को सोमवार को ही जमानत पर रिहा करने का आदेश हो चुका है। महिला थानेदार तारावती ने प्राथमिकी दर्ज कराया था कि 6 नवंबर को खुटहन ब्लाक प्रमुख अविश्वास प्रस्ताव में हमराहियों के साथ ब्लॉक पर जाते समय रास्ते में पचास-साठ लोगों ने गाड़ी रोक दिया। विधायक ललई ने उनका हाथ पकड़ा तथा हमराहियों से बदसलूकी की। महिला पुलिसकर्मी का मोबाइल तथा गाड़ी की चाबी छीन ली। वह ब्लॉक कैंपस में भाग कर अपनी जान बचाई। ललई की जेल से रिहाई के समय जिला कारागार के मुख्य द्वार पर जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, रत्नकाकर चौबे, जिला पंचायत सदस्य नन्हकू यादव, पूर्व विधायक लालबहादुर यादव, श्रवण जायसवाल, निजामुद्दीन, राजेश यादव लोहिया, संघर्ष यादव, मेवालाल यादव आदि पहुंचे थे।
खुटहन उपद्रव मामले में महिला थानेदार की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपी पूर्व मंत्री ललई यादव को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। उधर, विवेचक ने एसीजे एम चतुर्थ श्वेता श्रीवास्तव की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि आरोपी ने जेल में बयान दिया है कि वह लूटे गए मोबाइल व गाड़ी की चाबी बरामद करा सकता है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी की पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकृत किया जो बुधवार को सुबह 8:00 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। आरोपी को जेल से निकाल कर बरामदगी के बाद जेल में दाखिल करने का आदेश हुआ। उधर, अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम के जमानत के आदेश पर आरोपी को मंगलवार की शाम ही जेल से रिहा कर दिया गया है। कोतवाल शाहगंज का कहना है कि आरोपी को सुबह वह जेल से कस्टडी रिमांड पर उसे ले जाएंगे। जबकि देर शाम को वह जेल से रिहा होकर समर्थकों की भारी भीड़ के साथ घर जा चुके हैं।
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एसडीएम और थानाध्यक्ष पर परिवाद दर्ज
जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में परिवादी के घर का ताला तोड़कर सामान बाहर फेंकने, मारने-पीटने और गाली-धमकी के मामले में सीजेएम अभिनय मिश्र ने एसडीएम केराकत व थानाध्यक्ष जलालपुर समेत पांच आरोपियों के खिलाफ परिवाद दर्ज किया है।
लालपुर निवासी हवलदार ने कोर्ट में परिवाद दायर किया कि 27 नवंबर की शाम 4:00 बजे अपनी दुकान पर बैठा था। इसी बीच एसडीएम केराकत, थानाध्यक्ष जलालपुर पड़ोस के संतोष व अन्य के साथ आए और उसके घर का दरवाजा जबरन तोड़कर सामान निकाल कर बाहर फेंकने लगे। विरोध पर एसडीएम के ललकारने पर थानाध्यक्ष उसे जमीन पर पटक कर बुरी तरह मारापीटा। गालियां देते हुए कहा कि अगर पुन: ताला बंद किया तो जेल में डाल देंगे। घटना को तमाम लोगों ने देखा लेकिन भयवश कोई कुछ कर नहीं सका। पुलिस अधीक्षक को दरखास्त के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई तब उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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खुटहन उपद्रव में महिला थाने की थानाध्यक्ष की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में विधायक शैलेंद्र यादव ललई को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अजय त्यागी ने एक-एक लाख रुपए की दो जमानत व निजी मुचलके पर मंगलवार को जेल से रिहा करने का आदेश दिया था। आरोपी के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि घटना 11:10 बजे प्रात: की बताई गई जबकि इसी दिनांक को आरोपी के खिलाफ दर्ज अन्य प्राथमिकी में घटना 10:30 बजे की बताई गई तो पुन: 11:10 घटना कैसे हो सकती है। इसके अलावा हत्या के प्रयास का अपराध नहीं बनता क्योंकि महिला पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें थीं। आरोपी के पास से कोई मोबाइल व गाड़ी की चाबी की बरामदगी नहीं हुई। राजनीतिक विद्वेश के कारण ललई को फंसा दिया गया। शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया कि आरोपी जनप्रतिनिधि हैं। उन्होंने महिला थाना के थानाध्यक्ष का हाथ पकड़ा, महिला कांस्टेबल से मोबाइल छीना, सरकारी गाड़ी से चाबी निकाली, भीड़ को उकसाया तथा कार्य में बाधा डाला। थानाध्यक्ष खुटहन की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में विधायक को सोमवार को ही जमानत पर रिहा करने का आदेश हो चुका है। महिला थानेदार तारावती ने प्राथमिकी दर्ज कराया था कि 6 नवंबर को खुटहन ब्लाक प्रमुख अविश्वास प्रस्ताव में हमराहियों के साथ ब्लॉक पर जाते समय रास्ते में पचास-साठ लोगों ने गाड़ी रोक दिया। विधायक ललई ने उनका हाथ पकड़ा तथा हमराहियों से बदसलूकी की। महिला पुलिसकर्मी का मोबाइल तथा गाड़ी की चाबी छीन ली। वह ब्लॉक कैंपस में भाग कर अपनी जान बचाई। ललई की जेल से रिहाई के समय जिला कारागार के मुख्य द्वार पर जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, रत्नकाकर चौबे, जिला पंचायत सदस्य नन्हकू यादव, पूर्व विधायक लालबहादुर यादव, श्रवण जायसवाल, निजामुद्दीन, राजेश यादव लोहिया, संघर्ष यादव, मेवालाल यादव आदि पहुंचे थे।
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खुटहन उपद्रव मामले में महिला थानेदार की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपी पूर्व मंत्री ललई यादव को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। उधर, विवेचक ने एसीजे एम चतुर्थ श्वेता श्रीवास्तव की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि आरोपी ने जेल में बयान दिया है कि वह लूटे गए मोबाइल व गाड़ी की चाबी बरामद करा सकता है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी की पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकृत किया जो बुधवार को सुबह 8:00 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। आरोपी को जेल से निकाल कर बरामदगी के बाद जेल में दाखिल करने का आदेश हुआ। उधर, अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम के जमानत के आदेश पर आरोपी को मंगलवार की शाम ही जेल से रिहा कर दिया गया है। कोतवाल शाहगंज का कहना है कि आरोपी को सुबह वह जेल से कस्टडी रिमांड पर उसे ले जाएंगे। जबकि देर शाम को वह जेल से रिहा होकर समर्थकों की भारी भीड़ के साथ घर जा चुके हैं।
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एसडीएम और थानाध्यक्ष पर परिवाद दर्ज
जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में परिवादी के घर का ताला तोड़कर सामान बाहर फेंकने, मारने-पीटने और गाली-धमकी के मामले में सीजेएम अभिनय मिश्र ने एसडीएम केराकत व थानाध्यक्ष जलालपुर समेत पांच आरोपियों के खिलाफ परिवाद दर्ज किया है।
लालपुर निवासी हवलदार ने कोर्ट में परिवाद दायर किया कि 27 नवंबर की शाम 4:00 बजे अपनी दुकान पर बैठा था। इसी बीच एसडीएम केराकत, थानाध्यक्ष जलालपुर पड़ोस के संतोष व अन्य के साथ आए और उसके घर का दरवाजा जबरन तोड़कर सामान निकाल कर बाहर फेंकने लगे। विरोध पर एसडीएम के ललकारने पर थानाध्यक्ष उसे जमीन पर पटक कर बुरी तरह मारापीटा। गालियां देते हुए कहा कि अगर पुन: ताला बंद किया तो जेल में डाल देंगे। घटना को तमाम लोगों ने देखा लेकिन भयवश कोई कुछ कर नहीं सका। पुलिस अधीक्षक को दरखास्त के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई तब उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।