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पति पत्नी व पुत्र को आजीवन कारावास एवं दो-दो लाख रुपये अर्थ दंड
Updated Tue, 31 Oct 2017 12:26 AM IST
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जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र में सत्रह साल पूर्व उलाहना देने गई निर्मला देवी को ईंट पत्थर से घायल करने के बाद गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी पति-पत्नी व पुत्र को दोषी करार देते हुए सोमवार को एडीजे द्वितीय मनोज कुमार सिंह गौतम की अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास एवं दो-दो लाख रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन कथानक के अनुसार लाइन बाजार थाना क्षेत्र के हरईपुर गांव निवासी सोमेश्वर प्रसाद पांडेय ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 फरवरी 2001 की सुबह नौ बजे मां निर्मला देवी पड़ोसी विष्णुकांत और उनकी पत्नी कविता देवी से छींटाकशी का उलाहना व शिकायत करने गई। इस पर विष्णु कांत और कविता ने गालियां देते हुए ईंट पत्थर चलाए और ललकारा। इसके बाद बेटे दीपक ने बंदूक से मां निर्मला देवी के सिर में गोली मार दी। पथराव से भी मां को चोटें आईं। इलाज के दौरान निर्मला देवी की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता जवाहर लाल यादव व ज्ञानेंद्र कुमार यादव ने कुल ग्यारह गवाह कोर्ट में परीक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्कों को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के बाद तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
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अभियोजन कथानक के अनुसार लाइन बाजार थाना क्षेत्र के हरईपुर गांव निवासी सोमेश्वर प्रसाद पांडेय ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 फरवरी 2001 की सुबह नौ बजे मां निर्मला देवी पड़ोसी विष्णुकांत और उनकी पत्नी कविता देवी से छींटाकशी का उलाहना व शिकायत करने गई। इस पर विष्णु कांत और कविता ने गालियां देते हुए ईंट पत्थर चलाए और ललकारा। इसके बाद बेटे दीपक ने बंदूक से मां निर्मला देवी के सिर में गोली मार दी। पथराव से भी मां को चोटें आईं। इलाज के दौरान निर्मला देवी की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता जवाहर लाल यादव व ज्ञानेंद्र कुमार यादव ने कुल ग्यारह गवाह कोर्ट में परीक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्कों को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के बाद तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
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