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कोर्ट में पेश हुए दो आतंकी
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:40 AM IST
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श्रमजीवी ट्रेन विस्फोट कांड के आरोपी दो आतंकियों को अदालत में पेश करने ले जाते पुलिसकर्मी
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जौनपुर। श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन बम विस्फोट कांड के दो आरोपी आतंकियों हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन और नफीकुल विश्वास को सोमवार को पुलिस सुरक्षा के बीच जिला कारागार से लाकर एडीजे प्रथम एमपी सिंह की अदालत में पेश किया गया। मामले में बहस होनी थी लेकिन दोनों आरोपियों ने अदालत से आग्रह किया कि उन्हें समझने के लिए कुछ समय दिया जाए। इसे संज्ञान में लेते हुए अदालत ने बहस के लिए 18 सितंबर की तिथि तय की। इस दौरान पूरा दीवानी न्यायालय परिसर पुलिस छावनी के रूप में तब्दील हो गया था।
पटना से वाराणसी, जौनपुर होते दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन की साधारण बोगी में 28 जुलाई 2005 की शाम सवा पांच बजे हरपालगंज रेलवे स्टेशन के निकट हरिहरपुर रेलवे क्रासिंग के पास बम धमाका हुआ था। इसमें 12 यात्रियों की मौत हो गई थी और चौदह यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे। अफरातफरी मचने के साथ लोग भयभीत हो गए थे। मामले की विवेचना में चार आतंकी आरोपियों का नाम प्रकाश में आया था। इस मामले में आतंकी आरोपी मुहम्मद आलमगीर उर्फ रोनी और ओवैदुर्रमान उर्फ बाबू भाई को दोषी पाते हुए न्यायालय पहले ही फांसी की सजा सुना चुकी है। मामले में बहस की प्रक्रिया के दौरान अन्य दो आरोपियों हिलालुद्दीन व नफीकुल विश्वास को अन्य मामलों में सुनवाई के लिए हैदराबाद जेल भेज दिया गया था। इसके कारण इन दोनों के मामले में उस समय फैसला नहीं हो पाया था। कई तारीखें पड़ीं लेकिन हैदराबाद जेल से दोनों आतंकी आरोपी पेशी के समय उपस्थित नहीं हो पा रहे थे। कोर्ट के निर्देश पर हाल ही दोनों आतंकी आरोपियों को हैदराबाद जेल से जौनपुर लाया गया था। सोमवार को दोनों को श्रमजीवी विस्फोट कांड में बहस के लिए अदालत में पेश किया गया। दोनों आरोपियों ने केस में कुछ कागजात जमा करने और केस को समझने के लिए समय मांगा। अब इस मामले में बहस 18 सितंबर को होगी।
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पटना से वाराणसी, जौनपुर होते दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन की साधारण बोगी में 28 जुलाई 2005 की शाम सवा पांच बजे हरपालगंज रेलवे स्टेशन के निकट हरिहरपुर रेलवे क्रासिंग के पास बम धमाका हुआ था। इसमें 12 यात्रियों की मौत हो गई थी और चौदह यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे। अफरातफरी मचने के साथ लोग भयभीत हो गए थे। मामले की विवेचना में चार आतंकी आरोपियों का नाम प्रकाश में आया था। इस मामले में आतंकी आरोपी मुहम्मद आलमगीर उर्फ रोनी और ओवैदुर्रमान उर्फ बाबू भाई को दोषी पाते हुए न्यायालय पहले ही फांसी की सजा सुना चुकी है। मामले में बहस की प्रक्रिया के दौरान अन्य दो आरोपियों हिलालुद्दीन व नफीकुल विश्वास को अन्य मामलों में सुनवाई के लिए हैदराबाद जेल भेज दिया गया था। इसके कारण इन दोनों के मामले में उस समय फैसला नहीं हो पाया था। कई तारीखें पड़ीं लेकिन हैदराबाद जेल से दोनों आतंकी आरोपी पेशी के समय उपस्थित नहीं हो पा रहे थे। कोर्ट के निर्देश पर हाल ही दोनों आतंकी आरोपियों को हैदराबाद जेल से जौनपुर लाया गया था। सोमवार को दोनों को श्रमजीवी विस्फोट कांड में बहस के लिए अदालत में पेश किया गया। दोनों आरोपियों ने केस में कुछ कागजात जमा करने और केस को समझने के लिए समय मांगा। अब इस मामले में बहस 18 सितंबर को होगी।
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