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उच्च न्यायालय के आदेश को ताख पर रख कर ली गई तालाबों नीलामी
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:26 AM IST
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मछलीशहर (जौनपुर)। स्थानीय तहसील प्रशासन और मत्स्य पालन विभाग की ओर से बीते महीने हुई 20 तालाबों की नीलामी रद्द हो सकती है। इससे आवंटियों को नुकसान होगा। उच्च न्यायालय और राजस्व परिषद के आदेशों का उल्लंघन करके की गई इस नीलामी के खिलाफ लोग हाइकोर्ट जाने तैयारी में है।
उच्च न्यायालय ने मत्स्य पालन के लिये तालाबों के आवंटन के संबंध में अपने आदेश में कहा है कि समाचार पत्रों मे विज्ञापन देने और मत्स्य पालन पट्टा देने के लिए नीलामी प्रक्रिया के बीच चार हफ्ते का अंतर होना चाहिए। इसकी जानकारी राजस्व परिषद् के आयुक्त और सचिव ने शासनादेश जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को दे दी । बावजूद इसके तहसील क्षेत्र के कुल 71 तालाबों की नीलामी संबधी विज्ञापन 17 जून को प्रकाशित कराकर स्थानीय प्रशासन व मत्स्य विभाग ने 28 जून को नीलामी करा दी, जो उच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन किया गया । आश्चर्य इस बात का है कि उपजिलाधिकारी कार्यालय को इस आदेश की जानकारी होने के बावजूद उनके कार्यालय से विज्ञापन भी जारी हो गया और नीलामी भी हो गई । बताया गया कि नीलामी प्रक्रिया निरस्त होने पर आवंटियों को नुकसान होगा। (ब्यूरो)
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उच्च न्यायालय ने मत्स्य पालन के लिये तालाबों के आवंटन के संबंध में अपने आदेश में कहा है कि समाचार पत्रों मे विज्ञापन देने और मत्स्य पालन पट्टा देने के लिए नीलामी प्रक्रिया के बीच चार हफ्ते का अंतर होना चाहिए। इसकी जानकारी राजस्व परिषद् के आयुक्त और सचिव ने शासनादेश जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को दे दी । बावजूद इसके तहसील क्षेत्र के कुल 71 तालाबों की नीलामी संबधी विज्ञापन 17 जून को प्रकाशित कराकर स्थानीय प्रशासन व मत्स्य विभाग ने 28 जून को नीलामी करा दी, जो उच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन किया गया । आश्चर्य इस बात का है कि उपजिलाधिकारी कार्यालय को इस आदेश की जानकारी होने के बावजूद उनके कार्यालय से विज्ञापन भी जारी हो गया और नीलामी भी हो गई । बताया गया कि नीलामी प्रक्रिया निरस्त होने पर आवंटियों को नुकसान होगा। (ब्यूरो)
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