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सड़क पर शव रखकर लगाया जाम
जौनपुर ब्यूराे
Updated Sun, 20 Dec 2015 01:21 AM IST
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रामपुर थाना क्षेत्र के आशापुर गांव से प्रधान प्रत्याशी रहे द्रवेश कुमार का अपहरण कर उनकी हत्या से गुस्साए परिवार वाले और ग्रामीणों ने शनिवार को रामपुर थाने के सामने शव सड़क पर रख चक्का जाम कर दिया। लोगों ने एसओ के
खिलाफ कार्रवाई और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एसपी देहात, एसडीएम, सीओ ने मनाने का तमाम प्रयास किया पर लोग नहीं माने। दोपहर एक बजे एसपी राजूबाबू सिंह मौके
पर पहुंचे और उन्होंने एसओ विश्वजीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई व आरोपियों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तो जाम समाप्त हुआ। लोगों के गुस्से को देखते हुए पीएसी और सर्किल के सभी थानों की फोर्स बुला ली
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गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की शाम को शव लेकर परिवार वाले घर पहुंचे और अंतिम संस्कार से मना कर दिया। शनिवार को लोग शव लेकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रामपुर थाने पहुंचे। थाने के सामने शव सड़क पर रख
कर जाम लगा दिया। लोग थानाध्यक्ष रामपुर को हटाने, हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग कर रहे थे।
जाम की सूचना पर एसपी देहात अरुण कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम मडिय़ाहूं रामकेश यादव, सीओ हितेंद्र कृष्ण मौके पर
पहुंच गए। अधिकारियों ने जाम समाप्त करवाने का बहुत प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं मानें। सूचना पर एसपी राजूबाबू सिंह मौके पर पहुंचे। मृतक के भाइयों ने एसपी से कहा कि वे अपने भाई के अपहरण की सूचना लेकर थाने गए तो
थानाध्यक्ष ने उन्हें ही बैठा लिया। उनका मोबाइल भी जब्त कर लिया। पुलिस जरा भी जिम्मेदारी निभाई होती तो द्रवेश की जान बच सकती थी। एसपी ने एसओ को वहां से हटाने, घटना की विवेचना सिंगरामऊ के थानाध्यक्ष क्षितिज त्रिपाठी
को सौंपने और हत्यारोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किए जाने का आश्वासन दिया तो दोपहर एक बजे जाम समाप्त हुआ। थाने के सामने प्रदर्शन के समय मृतक की पत्नी ,माता ,बहन, तीनों बच्चे भी थे।
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खिलाफ कार्रवाई और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एसपी देहात, एसडीएम, सीओ ने मनाने का तमाम प्रयास किया पर लोग नहीं माने। दोपहर एक बजे एसपी राजूबाबू सिंह मौके
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पर पहुंचे और उन्होंने एसओ विश्वजीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई व आरोपियों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तो जाम समाप्त हुआ। लोगों के गुस्से को देखते हुए पीएसी और सर्किल के सभी थानों की फोर्स बुला ली
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गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की शाम को शव लेकर परिवार वाले घर पहुंचे और अंतिम संस्कार से मना कर दिया। शनिवार को लोग शव लेकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रामपुर थाने पहुंचे। थाने के सामने शव सड़क पर रख
कर जाम लगा दिया। लोग थानाध्यक्ष रामपुर को हटाने, हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग कर रहे थे।
जाम की सूचना पर एसपी देहात अरुण कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम मडिय़ाहूं रामकेश यादव, सीओ हितेंद्र कृष्ण मौके पर
पहुंच गए। अधिकारियों ने जाम समाप्त करवाने का बहुत प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं मानें। सूचना पर एसपी राजूबाबू सिंह मौके पर पहुंचे। मृतक के भाइयों ने एसपी से कहा कि वे अपने भाई के अपहरण की सूचना लेकर थाने गए तो
थानाध्यक्ष ने उन्हें ही बैठा लिया। उनका मोबाइल भी जब्त कर लिया। पुलिस जरा भी जिम्मेदारी निभाई होती तो द्रवेश की जान बच सकती थी। एसपी ने एसओ को वहां से हटाने, घटना की विवेचना सिंगरामऊ के थानाध्यक्ष क्षितिज त्रिपाठी
को सौंपने और हत्यारोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किए जाने का आश्वासन दिया तो दोपहर एक बजे जाम समाप्त हुआ। थाने के सामने प्रदर्शन के समय मृतक की पत्नी ,माता ,बहन, तीनों बच्चे भी थे।