{"_id":"5d6820b38ebc3e016c138145","slug":"aura-village-transformed-into-police-camp-sp-inspected-jaunpur-news-vns4808372170","type":"story","status":"publish","title_hn":"औरा गांव पुलिस छावनी में हुआ तब्दील, एसपी ने लिया जायजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औरा गांव पुलिस छावनी में हुआ तब्दील, एसपी ने लिया जायजा
विज्ञापन
औरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील
एसपी ने लिया जायजा, पूछा किस कानून के तहत दस दिन थाने में युवकों को रखा
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। रामपुर थाना क्षेत्र के औरा गांव में दरोगा को महिलाओं द्वारा धूप में खड़े कर बंधक बनाए जाने के मामले में एसपी रविशंकर छवि भी मौके पर बुधवार की देर रात पहुंचे। पुलिस फोर्स देख गांव के कुछ लोग गांव छोड़कर हट गए। लेकिन जब एसपी ने कुछ लोगों से शालीनता से पूछताछ करना शुरू किया तो धीरे - धीरे पूरे गांव के लोग जुट गए। हत्या की घटना का वर्कआउट करने का सख्त निर्देश एसओ को देकर एक घंटे बाद लौट गए।
रामपुर इंस्पेक्टर द्वारा एक ग्रामीण को अकारण पीटे जाने से आक्रोशित सैकड़ों महिलाओं ने पुलिस वाहन का चाबी निकाल ली और करीब तीन घंटे तक धूप में खड़ा कराए रखा। सीओ अवधेश कुमार शुक्ला ने एसपी से आने का आश्वासन दिलवाया तब जाकर ग्रामीणों ने थानेदार को मुक्त किया। गुरुवार को एसपी गांव पहुंचे और मृतक सुनील कुमार पटेल के पिता चिंता पटेल से मुलाकात की। लाल चंद पटेल से मामले की जानकारी ली। गांव वालों ने शिकायत की कि इंस्पेक्टर ने युवकों को दस दिन थाने में रखा और उनसे मारपीट की। मंगलवार को मुक्त किया। एसपी ने इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा से पूछा कि किस कानून के तहत दस दिनों तक युवकों को थाने पर रखा और भविष्य में ऐसा नहीं करने की हिदायत दी।
सीओ अवधेश कुमार शुक्ला से ने बताया कि इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा ही इस मामले में विवेचक हैं तो एसपी ने कहा कि इसके पास तो गांव का कुछ ब्यौरा ही नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि किसी भी व्यक्ति को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा और हत्या का खुलासा शीघ्र कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसपी ने लिया जायजा, पूछा किस कानून के तहत दस दिन थाने में युवकों को रखा
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। रामपुर थाना क्षेत्र के औरा गांव में दरोगा को महिलाओं द्वारा धूप में खड़े कर बंधक बनाए जाने के मामले में एसपी रविशंकर छवि भी मौके पर बुधवार की देर रात पहुंचे। पुलिस फोर्स देख गांव के कुछ लोग गांव छोड़कर हट गए। लेकिन जब एसपी ने कुछ लोगों से शालीनता से पूछताछ करना शुरू किया तो धीरे - धीरे पूरे गांव के लोग जुट गए। हत्या की घटना का वर्कआउट करने का सख्त निर्देश एसओ को देकर एक घंटे बाद लौट गए।
रामपुर इंस्पेक्टर द्वारा एक ग्रामीण को अकारण पीटे जाने से आक्रोशित सैकड़ों महिलाओं ने पुलिस वाहन का चाबी निकाल ली और करीब तीन घंटे तक धूप में खड़ा कराए रखा। सीओ अवधेश कुमार शुक्ला ने एसपी से आने का आश्वासन दिलवाया तब जाकर ग्रामीणों ने थानेदार को मुक्त किया। गुरुवार को एसपी गांव पहुंचे और मृतक सुनील कुमार पटेल के पिता चिंता पटेल से मुलाकात की। लाल चंद पटेल से मामले की जानकारी ली। गांव वालों ने शिकायत की कि इंस्पेक्टर ने युवकों को दस दिन थाने में रखा और उनसे मारपीट की। मंगलवार को मुक्त किया। एसपी ने इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा से पूछा कि किस कानून के तहत दस दिनों तक युवकों को थाने पर रखा और भविष्य में ऐसा नहीं करने की हिदायत दी।
विज्ञापन
सीओ अवधेश कुमार शुक्ला से ने बताया कि इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा ही इस मामले में विवेचक हैं तो एसपी ने कहा कि इसके पास तो गांव का कुछ ब्यौरा ही नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि किसी भी व्यक्ति को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा और हत्या का खुलासा शीघ्र कर दिया जाएगा।
विज्ञापन