जौनपुर। अटाला मस्जिद के बाहर किए गए अतिक्रमण को रविवार की शाम प्रशासन ने बुलडोजर लगवाकर ढहवा दिया। इस दौरान मस्जिद के आसपास 65 दुकानदारों द्वारा बनवाए गए चबूतरे, टीनशेड आदि को ढहवा दिया। इसके बाद देर रात तक मलबा हटाया जाता रहा।
अटाला मस्जिद के बाहर 65 दुकानें हैं, जिसमें टिन शेड लगाकर स्थाई व अस्थाई कब्जा किया गया था। जबकि प्रशासन के मुताबिक अटाला मस्जिद को 1919 में ही पुरातत्व विभाग पटना की संपत्ति घोषित कर दी गई थी। आजादी के बाद सारनाथ में खुले कार्यालय को इसे स्थानांतरित की गई। इधर मस्जिद के आसपास 65 दुकानें बनाकर लोगों ने अटाला म स्जिद के मूल स्वरुप को बदल दिया। बीते दिनों एक वायरल वीडियो के बाद प्रशासन अटाला म स्जिद को लेकर गंभीर हो गया। पुरातत्व विभाग के भी अधिकारी आए और इसके बाद प्रशासन ने यहां की सुधि लेनी शुरू कर दी। जिला प्रशासन द्वारा एक माह से सभी को चेतावनी दी जा रही थी। इसी बीच रविवार की शाम करीब सात बजे अपर जिलाधिकारी भू-एवं राजस्व रजनीश राय पहुंचे। उनकी मौजूदगी में नगर पालिका परिषद की टीम ने जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने का कार्य शुरू किया, जो देररात तक चलता रहा। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि अटाला मस्जिद के बाहर 65 दुकानें हैं, जिसमें टिन शेड लगाकर स्थाई व अस्थाई कब्जा किया गया था। जिला प्रशासन द्वारा एक माह से सभी को चेतावनी दी जा रही थी, अब इन दुकानदारों से अतिक्रमण हटाने का जुर्माना भी वसूला जाएगा।