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चुनाव में वापस आएगी संगठन की साख
Jaunpur
Updated Sun, 23 Mar 2014 05:31 AM IST
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जौनपुर। इलाहाबाद-झांसी खंड निर्वाचन क्षेत्र के शिक्षक विधायक एवं जिले के प्रभारी सुरेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट की खोई हुई साख इस चुनाव में वापस आएगी। वह शुक्र वार को नगर के एक होटल में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि वाराणसी खंड शिक्षक एमएलसी की सीट पर लंबे समय से शर्मा गुट का प्रतिनिधित्व रहा है। स्व. पंचानन राय इस सीट से विधायक चुने जाते रहे। उनकी आकस्मिक मौत के बाद संगठन कमजोर हुआ और उसका लाभ विपक्षियों को मिला। इस चुनाव में संगठन की प्रतिष्ठा वापस आएगी। शिक्षक संघ पांडेय गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश नारायण ने उनके समक्ष शर्मा गुट की सदस्यता ग्रहण की। श्री त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों का कल्याण गुटबाजी से नहीं बल्कि एक मंच पर होने से होगा। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षक हितों के लिए उनकी समस्याओं का निस्तारण करने की बजाय शिक्षक गुटों को आपस में लड़ाने का काम कर रही है। पूर्व की बसपा सरकार ने भी शिक्षकों के विनियमितीकरण का वादा किया था, लेकिन पांच साल तक सत्ता में रहने के बाद भी सरकार ने वादा पूरा नहीं किया। कहा कि शिक्षकों के विनियमितीकरण से राजकोष पर भी कोई असर पड़ने वाला नहीं है। इसके बाद भी सरकार शिक्षकों का हित नहीं चाहती है। उनके साथ संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, रमाशंकर पाठक, अनिल उपाध्याय आदि मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि वाराणसी खंड शिक्षक एमएलसी की सीट पर लंबे समय से शर्मा गुट का प्रतिनिधित्व रहा है। स्व. पंचानन राय इस सीट से विधायक चुने जाते रहे। उनकी आकस्मिक मौत के बाद संगठन कमजोर हुआ और उसका लाभ विपक्षियों को मिला। इस चुनाव में संगठन की प्रतिष्ठा वापस आएगी। शिक्षक संघ पांडेय गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश नारायण ने उनके समक्ष शर्मा गुट की सदस्यता ग्रहण की। श्री त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों का कल्याण गुटबाजी से नहीं बल्कि एक मंच पर होने से होगा। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षक हितों के लिए उनकी समस्याओं का निस्तारण करने की बजाय शिक्षक गुटों को आपस में लड़ाने का काम कर रही है। पूर्व की बसपा सरकार ने भी शिक्षकों के विनियमितीकरण का वादा किया था, लेकिन पांच साल तक सत्ता में रहने के बाद भी सरकार ने वादा पूरा नहीं किया। कहा कि शिक्षकों के विनियमितीकरण से राजकोष पर भी कोई असर पड़ने वाला नहीं है। इसके बाद भी सरकार शिक्षकों का हित नहीं चाहती है। उनके साथ संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, रमाशंकर पाठक, अनिल उपाध्याय आदि मौजूद थे।
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