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तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मी तलब
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जौनपुर। केराकत थाना क्षेत्र के चौकिया गांव निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह व उनके भाइयों को थाने पर दौड़ा कर पीटने एवं लूटपाट करने के आरोप में कोर्ट ने तत्कालीन थानाध्यक्ष केराकत एनपी सिंह समेत तीन पुलिसकर्मियों को तलब किया है।
वादी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र पर कोतवाली केराकत में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वादी का आरोप है कि 25 मार्च 2006 को 12 बजे दिन तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक केराकत एनपी सिंह, सिपाही तनवीर, चौकी प्रभारी मुफ्तीगंज एसआई संदीप सिंह ने उसे, उसके भाइयों को मारपीट कर उनकी हत्या का प्रयास किया। थाना परिसर में लाठियों से दौड़ाकर पीटा। उनके घर से मार्शल व स्कॉर्पियो उठा ले आए तथा गाड़ियों के इंजन में बालू डालकर नष्ट कर दिया। लाइसेंसी हथियार भी पुलिस वाले घर से उठा ले आए। पुलिस ने विवेचना कर आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दिया। कोर्ट ने पुलिस महानिरीक्षक को लिखे गए पत्र की प्रतिलिपि का हवाला दिया जिसमें पुलिस महानिरीक्षक द्वारा मामले में प्रभारी निरीक्षक केराकत द्वारा वादी की ओर से मुकदमा पंजीकृत कराने में विलंब करने तथा उनकी गाड़ियों में बालू डालकर नष्ट करने का दोषी पाए जाने का उल्लेख है। इसके अतिरिक्त चोटहिलों की मेडिकल रिपोर्ट भी पत्रावली में संलग्न है। कोर्ट ने केस डायरी में उल्लिखित साक्ष्य के आधार पर पुलिसकर्मियों को विचारण के लिए तलब किया। अगली सुनवाई 17 जून 2019 को होगी।
वादी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र पर कोतवाली केराकत में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वादी का आरोप है कि 25 मार्च 2006 को 12 बजे दिन तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक केराकत एनपी सिंह, सिपाही तनवीर, चौकी प्रभारी मुफ्तीगंज एसआई संदीप सिंह ने उसे, उसके भाइयों को मारपीट कर उनकी हत्या का प्रयास किया। थाना परिसर में लाठियों से दौड़ाकर पीटा। उनके घर से मार्शल व स्कॉर्पियो उठा ले आए तथा गाड़ियों के इंजन में बालू डालकर नष्ट कर दिया। लाइसेंसी हथियार भी पुलिस वाले घर से उठा ले आए। पुलिस ने विवेचना कर आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दिया। कोर्ट ने पुलिस महानिरीक्षक को लिखे गए पत्र की प्रतिलिपि का हवाला दिया जिसमें पुलिस महानिरीक्षक द्वारा मामले में प्रभारी निरीक्षक केराकत द्वारा वादी की ओर से मुकदमा पंजीकृत कराने में विलंब करने तथा उनकी गाड़ियों में बालू डालकर नष्ट करने का दोषी पाए जाने का उल्लेख है। इसके अतिरिक्त चोटहिलों की मेडिकल रिपोर्ट भी पत्रावली में संलग्न है। कोर्ट ने केस डायरी में उल्लिखित साक्ष्य के आधार पर पुलिसकर्मियों को विचारण के लिए तलब किया। अगली सुनवाई 17 जून 2019 को होगी।
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