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उत्पीडन और वसूली के खिलाफ भड़के शिक्षक
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:07 AM IST
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जौनपुर। बाल क्रीड़ा के नाम पर प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों से की गई वसूली और जांच के नाम पर शिक्षकों के उत्पीड़न के खिलाफ शिक्षक गुस्से में हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ ने सोमवार को बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की है। शहर के ढालगर टोला स्थित प्राथमिक शिक्षक संघ के कैंप कार्यालय पर जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ल की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि जांच के नाम पर शिक्षकों का हो रहा उत्पीड़न और बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता के नाम पर वसूली के खिलाफ 12 दिसंबर को शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। बैठक में मौजूद शिक्षक नेताओं ने कहा कि नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन प्राप्त न होने से वह आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। उनसे शपथ-पत्र लेकर वेतन दिया जाए। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए निर्धारित सेवा अवधि पांच वर्ष के बजाय एक वर्ष की जानी चाहिए। उन्होंने प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों के संविलयन का विरोध करते हुए कहा कि कक्षा एक से कक्षा पांच तक, कक्षा 6 से कक्षा 8 तक सीनियर बेसिक स्कूल संचालन की अलग-अलग व्यवस्था है। दोनों पदों के लिए अलग-अलग वेतनमान निर्धारित हैं। ऐसे में उक्त संविलियन आदेश बेसिक शिक्षा नियमावली के विपरीत है। जिससे हजारों प्राथमिक शिक्षकों के पद व पदोन्नति के अवसर समाप्त हो जाएंगे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष लाल साहब यादव ने कहा सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा प्रदेश के 158868 विद्यालयों में से मात्र 32033 विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के पद सृजित किये गए हैं। इसके कुप्रभाव से प्रदेश के 126835 विद्यालय प्रधानाध्यापक विहिन हो जाएंगे। शिक्षक नेता वीरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि ब्लाक स्तर से लेकर जनपद स्तर तक की क्रीड़ा प्रतियोगिताओं के लिए शासन से पर्याप्त धन उपलब्ध कराया जाए। जिससे क्रीड़ा प्रतियोगिताओं के नाम पर शिक्षकों से धन वसूली बन्द हो। बैठक में रविचन्द यादव, प्रमोद दूबे, उमेश मिश्र, ऊषा सिंह, गायत्री देवी, लक्ष्मीकांत सिंह, डा. चन्द्रजीत मौर्य, उमानाथ यादव, मनोज यादव, पवन कुमार, संजीव सिंह, कमलेश, रवि सिंह, सुनील यादव, डा. शिवानी मौर्या समेत अन्य शिक्षक नेता मौजूद थे।
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