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वितीय स्वीकृत नहीं मिलने से रामपुर-गोधना मार्ग का निर्माण फंसा
Updated Mon, 12 Nov 2018 12:17 AM IST
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मीरगंज। गोधना से मीरगंज निगोह होते हुए रामपुर जाने वाली 27 किमी लंबी सड़क के चौड़ीकरण का काम वित्तीय स्वीकृत नहीं मिलने से अधर में पड़ गया है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 36 करोड के बजट की सहमति मार्च माह में दी थी।
गोधना -निगोह मार्ग व निगोह से रामपुर मार्ग के लिए लोक निर्माण विभाग ने 36 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। इसके तहत सड़क को साढे़ पांच मीटर चौड़ी किया जाना था। केंद्रीय सड़क निधि से इसे मंजूरी मिल गई। मगर वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली। इसके चलते टेंडर प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई है और काम अधर में लटका है। सड़क का निर्माण होने से गोधना, अगहुआ, किसान नगर, मीरगंज, जरौना, कटवार, निगोह, परियत, रसुलहा बाजार, सधीरनगंज का विकास होने के साथ साथ क्षेत्र के लोगों को जौनपुर, भदोही व इलाहाबाद मुख्यालय की दूरी तय करने में आसानी होती। अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी ओपी प्रसाद का कहना है की सड़क निर्माण की सैद्धांतिक सहमति मार्च में मिल गई थी लेकिन धन नहीं मिला। सांसद रामचरित्र निषाद का कहना की वह इस सड़क के वित्तीय सहमति के लिए खुद लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्या से मिल चुके है। एक महीने के अंदर वित्तीय स्वीकृति मिल जाएगी।
गोधना -निगोह मार्ग व निगोह से रामपुर मार्ग के लिए लोक निर्माण विभाग ने 36 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। इसके तहत सड़क को साढे़ पांच मीटर चौड़ी किया जाना था। केंद्रीय सड़क निधि से इसे मंजूरी मिल गई। मगर वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली। इसके चलते टेंडर प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई है और काम अधर में लटका है। सड़क का निर्माण होने से गोधना, अगहुआ, किसान नगर, मीरगंज, जरौना, कटवार, निगोह, परियत, रसुलहा बाजार, सधीरनगंज का विकास होने के साथ साथ क्षेत्र के लोगों को जौनपुर, भदोही व इलाहाबाद मुख्यालय की दूरी तय करने में आसानी होती। अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी ओपी प्रसाद का कहना है की सड़क निर्माण की सैद्धांतिक सहमति मार्च में मिल गई थी लेकिन धन नहीं मिला। सांसद रामचरित्र निषाद का कहना की वह इस सड़क के वित्तीय सहमति के लिए खुद लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्या से मिल चुके है। एक महीने के अंदर वित्तीय स्वीकृति मिल जाएगी।
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