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भाई की लंबी उम्र के लिए बहनों ने व्रत रखकर किया पूजा
Updated Sat, 10 Nov 2018 12:22 AM IST
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जौनपुर। भाई दूज का त्योहार उत्साह से मनाया गया। बहनों ने व्रत रखकर भाई के लंबी उम्र के लिए दुआ की। भाई को तिलक लगाकर उनकी आरती उतारने के बाद मुंह मीठा कराया। विवाहिताओं ने भाइयों को घर बुलाकर तिलक लगाया भोजन कराया।
भैया दूज के दिन बहनें नहा-धोकर नया वस्त्र धारण अक्षत, कुमकुम और रोली से आठ दल वाला कमल का फूल बनाकर आं्गन में पूजा किया। भाई की लंबी उम्र और कल्याण की कामना के साथ व्रत का संकल्प लिया। विधि-विधान के साथ यम की पूजा की। यम की पूजा के बाद यमुना, चित्रगुप्त और यमदूतों की पूजा की। भाई को तिलक लगाकर बहनों आरती उतारी। भाईयों ने यथाशक्ति अपनी बहन को उपहारा भेंट किया। पूजा होने तक भाई-बहन दोनों ने ही व्रत रखा। पूजा संपन्न होने के बाद भाई-बहन साथ मिलकर भोजन किया।
पं. सुभाष मिश्र बताते हैं कि हिंदू धर्म में भैया दूज का विशेष महत्व है। इस पर्व को यम द्वितीया भी कहा जाता है। रक्षाबंधन के बाद भैया दूज दूसरा ऐसा त्योहार है जिसे भाई-बहन बड़े ही उत्साह के साथ मनाते हैं। भाई दूज के मौके पर बहन अपने भाई की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती है। कई जगहों पर इस दिन बहनें अपने भाइयों को तेल लगाकर उन्हें स्नान भी कराती हैं। यमुना नदी में स्नान कराना अत्यंत शुभ माना जाता है। अगर यमुना में स्नान संभव न हो तो भैया दूज के दिन भाई को अपनी बहन के घर नहाना चाहिए।
भैया दूज के दिन बहनें नहा-धोकर नया वस्त्र धारण अक्षत, कुमकुम और रोली से आठ दल वाला कमल का फूल बनाकर आं्गन में पूजा किया। भाई की लंबी उम्र और कल्याण की कामना के साथ व्रत का संकल्प लिया। विधि-विधान के साथ यम की पूजा की। यम की पूजा के बाद यमुना, चित्रगुप्त और यमदूतों की पूजा की। भाई को तिलक लगाकर बहनों आरती उतारी। भाईयों ने यथाशक्ति अपनी बहन को उपहारा भेंट किया। पूजा होने तक भाई-बहन दोनों ने ही व्रत रखा। पूजा संपन्न होने के बाद भाई-बहन साथ मिलकर भोजन किया।
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पं. सुभाष मिश्र बताते हैं कि हिंदू धर्म में भैया दूज का विशेष महत्व है। इस पर्व को यम द्वितीया भी कहा जाता है। रक्षाबंधन के बाद भैया दूज दूसरा ऐसा त्योहार है जिसे भाई-बहन बड़े ही उत्साह के साथ मनाते हैं। भाई दूज के मौके पर बहन अपने भाई की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती है। कई जगहों पर इस दिन बहनें अपने भाइयों को तेल लगाकर उन्हें स्नान भी कराती हैं। यमुना नदी में स्नान कराना अत्यंत शुभ माना जाता है। अगर यमुना में स्नान संभव न हो तो भैया दूज के दिन भाई को अपनी बहन के घर नहाना चाहिए।
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