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रसूल की सीरत पर चलने की जरुरत है: मौलाना मेराज हैदर
Updated Sat, 10 Nov 2018 12:33 AM IST
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जौनपुर। अय्यामे अजा का दो महीना खत्म हो गया है। मजलिस, मातम व जुलूसों का सिलसिला जारी है। गुरुवार की देर रात शाही किला गेट के पास इमामबाड़ा मीर जामीन अली, पेशकार मरहूम में मरहूम सै अफजाल हुसैन व तैय्यबा बीबी के इसाले सवाब की मजलिस का आयोजन हुआ। मौलाना मेराज हैदर आजमी ने कहा कि इस्लाम को हजरत मोहम्मद व उनके नवासों ने अपनी कुर्बानी देकर बचाया है। आज हम सबको उनके बताए रास्तों पर चलने की जरूरत है। इस्लाम के नाम पर कुछ लोग आतंकवाद फैलाने में जुटे है। उनसे बचने की जरूरत है। इस्लाम ने हमेशा भाईचारा व सद्भाव का संदेश दिया है। इससे पूर्व सोजख्वानी गौहरअली जैदी व उनके हमनवां ने की। पेशखानी सै. कायम रजा रिजवी, मुफ्ती हाशिम मेंहदी ने किया। अंजुमन मजलुमिया पोस्ती खाना ने नौहा मातम कर कर्बला के शहीदों को नजराने अकीदत पेश किया। संचालन डॉ. इंतजार मेंहदी शोहरत ने किया तथा आभार पर अंजार कमर, हसनैन कमर, अफरोज कमर, कायम रजा रिजवी ने जताया।