{"_id":"5bcf6513bdec2269980465ab","slug":"15403184486-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना आपूर्ति के लिए किसानों को देना होगा घोषणा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना आपूर्ति के लिए किसानों को देना होगा घोषणा पत्र
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। जिला गन्ना अधिकारी हुदा सिद्दीकी ने बताया कि गन्ना सर्वेक्षण नीति 2018-19 के अनुसार गन्ना आपूर्ति हेतु सट्टा संचालन व पर्ची निर्गमन किए जाने के लिए किसान द्वारा अपने भूजोत एवं गन्ना क्षेत्रफल के संबंध में निर्धारित प्रारूप पर घोषणा-पत्र दिया जाना अनिवार्य है। किंतु कुछ चीनी मिल क्षेत्रों के कतिपय किसानों द्वारा अभी तक अपना घोषणा-पत्र गन्ना समिति व परिषद कार्यालय में जमा नहीं किया गया है। ऐसे किसानों को घोषणा पत्र जमा करने के लिए 30 अक्तूबर तक का समय दिया गया है।
उन्होंने बताया कि नियमानुसार ऐसे किसानों का सट्टा आगामी पेराई सत्र 2018-19 में संचालित नहीं हो सकेगा और उन्हें किसी भी चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। इसलिए उन्हें घोषणा-पत्र संबंधित गन्ना समिति व परिषद कार्यालय में 30 अक्तूबर तक जमा करने का अवसर दिया गया है। इसके पश्चात उसे गन्ना आपूर्ति से वंचित कर दिया जाएगा। यदि किसी किसान द्वारा अपने घोषणा-पत्र में गन्ना क्षेत्रफल व भूजोत के संबंध में गलत आंकड़े दिए जाते हैं और सत्यापन में गलत पाए गए तो ऐसे गन्ना किसानों का सट्टा बंद करने के साथ-साथ गन्ना मूल्य भुगतान रोकने की विधिक कार्यवाही पर विचार किया जा सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि नियमानुसार ऐसे किसानों का सट्टा आगामी पेराई सत्र 2018-19 में संचालित नहीं हो सकेगा और उन्हें किसी भी चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। इसलिए उन्हें घोषणा-पत्र संबंधित गन्ना समिति व परिषद कार्यालय में 30 अक्तूबर तक जमा करने का अवसर दिया गया है। इसके पश्चात उसे गन्ना आपूर्ति से वंचित कर दिया जाएगा। यदि किसी किसान द्वारा अपने घोषणा-पत्र में गन्ना क्षेत्रफल व भूजोत के संबंध में गलत आंकड़े दिए जाते हैं और सत्यापन में गलत पाए गए तो ऐसे गन्ना किसानों का सट्टा बंद करने के साथ-साथ गन्ना मूल्य भुगतान रोकने की विधिक कार्यवाही पर विचार किया जा सकता है।
विज्ञापन