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इमाम हुसैन ने इंसानियत को बचाया
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:12 AM IST
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जौनपुर। करंजाकला ब्लाक के करंजाखुर्द गांव में सदर इमाम बारगाह में मजलिस हुई। जिसमें सोजख़्वानी शबाब हैदर व उनके हमनवा बार दुआरिया ने किया। पेशखानी जफर नसीराबादी शोजब करंजाखुर्द वसी हैदर केराकती मजलिस को खतीब ए इंकेलाब जाकिर ए अहलेबैत मौलाना नेसार हुसैन प्रिंस दख्खिनपट्टी बबरखा ने खेताब किया।
इस दौरान मौलाना ने कहा कि हमें कुर्बानी इमाम हुसैन अ.स. के मकसद को निगाहों में रख कर अजादारी और शब्बेदारी को अंजाम देना चाहिए। मौलाना ने कहा कि इमाम हुसैन अ.स. ने दुनिया की सबसे बड़े आतंकवादी यजीद के खिलाफ सच्चाई की आवाज बुलंद की और इंसानियत को मरने से बचाया। इंसानियत की इससे बड़ी क्या मिसाल हो सकती है कि यजीद की फ़ौज का कमांडर हुर जैसे गुनहगार को गले लगा कर बताया। अगर कोई हमारे दर पर आ जाता है तो हम उसे भी माफ कर देते हैं। जिन्हें हम जनाब ए हुर कहते हैं। मजलिस के बाद जनाब जाकिर ए अहलेबैत डॉ. कमर अब्बास शबीह ए अमारी का तार्रुफ़ कराया। हुज्जतुल इस्लाम मौलाना अब्बास अली खां क़िबला मौलाना सैय्यद मोहमद ताबिश क़िबला व मौलाना शौजब साहब क़िबला ने तक़रीर को अंजाम दिया। इसके बाद अंजुमन अजादारीया कदीम जौनपुर, अंजुमन अजाए हुसैन बबरखा दख्खिनपट्टी, अंजुमन दस्तए तनवीर हैदरी सिपाह, मकसदे हुसैन रन्नो, अंजुमन हैदरी कोरापट्टी, नौहा खां जफर नसीराबादी, नौहा खां तुफैल अब्बास रन्नवी, जैन रिजवी ने पढ़ा और जुलूस पूरे गांव में गश्त करते हुए वापस सदर इमामबारगाह में खत्म हुआ। मजलिस में वसी हैदर, सुल्तान हैदर, सिप्ते अब्बास, कल्बे हैदर शकील, इमरान, राजा, शानू, गांधी, गौहर, आजम जैदी, नवाज हैदर, फैजान हैदर, औसाफ हैदर, तश्शन, बच्छन, सलमान हैदर, मो. अली वकील सहित कई लोग मौजूद रहे। आए हुए मोमनीन का बानिए जुलूस अंजुमन शमशीरे हैदरी के लोगों ने शुक्रिया अदा किया।
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इस दौरान मौलाना ने कहा कि हमें कुर्बानी इमाम हुसैन अ.स. के मकसद को निगाहों में रख कर अजादारी और शब्बेदारी को अंजाम देना चाहिए। मौलाना ने कहा कि इमाम हुसैन अ.स. ने दुनिया की सबसे बड़े आतंकवादी यजीद के खिलाफ सच्चाई की आवाज बुलंद की और इंसानियत को मरने से बचाया। इंसानियत की इससे बड़ी क्या मिसाल हो सकती है कि यजीद की फ़ौज का कमांडर हुर जैसे गुनहगार को गले लगा कर बताया। अगर कोई हमारे दर पर आ जाता है तो हम उसे भी माफ कर देते हैं। जिन्हें हम जनाब ए हुर कहते हैं। मजलिस के बाद जनाब जाकिर ए अहलेबैत डॉ. कमर अब्बास शबीह ए अमारी का तार्रुफ़ कराया। हुज्जतुल इस्लाम मौलाना अब्बास अली खां क़िबला मौलाना सैय्यद मोहमद ताबिश क़िबला व मौलाना शौजब साहब क़िबला ने तक़रीर को अंजाम दिया। इसके बाद अंजुमन अजादारीया कदीम जौनपुर, अंजुमन अजाए हुसैन बबरखा दख्खिनपट्टी, अंजुमन दस्तए तनवीर हैदरी सिपाह, मकसदे हुसैन रन्नो, अंजुमन हैदरी कोरापट्टी, नौहा खां जफर नसीराबादी, नौहा खां तुफैल अब्बास रन्नवी, जैन रिजवी ने पढ़ा और जुलूस पूरे गांव में गश्त करते हुए वापस सदर इमामबारगाह में खत्म हुआ। मजलिस में वसी हैदर, सुल्तान हैदर, सिप्ते अब्बास, कल्बे हैदर शकील, इमरान, राजा, शानू, गांधी, गौहर, आजम जैदी, नवाज हैदर, फैजान हैदर, औसाफ हैदर, तश्शन, बच्छन, सलमान हैदर, मो. अली वकील सहित कई लोग मौजूद रहे। आए हुए मोमनीन का बानिए जुलूस अंजुमन शमशीरे हैदरी के लोगों ने शुक्रिया अदा किया।
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