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कुशल प्रशासक थे पूर्व प्राचार्य हृदयनारायण सिंह
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:05 AM IST
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जौनपुर। राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने कहा कि पूर्व प्राचार्य हृदय नारायण सिंह कुशल प्रशासक और प्रतिभा के धनी थे। उनके समय में कालेज में पठन पाठन ही नहीं बल्कि अनुशासन की भी एक मिशाल रही। जिसकी आज भी लोग चर्चा करते हैं। उनके बनाए गए आदर्श आज भी सभी के लिए अनुकरणीय है। वह बुधवार को टीडी कालेज सभागार में पूर्व प्राचार्य हृदयनारायण सिंह के स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्राचार्य हृदय नारायण सिंह ने कालेज को न केवल एक मजबूत आधार बल्कि शिक्षा और अनुशासन के क्षेत्र में भी एक मिशाल के रूप में स्थापित करके सराहनीय कार्य किया। कालेज के प्रबंधक अशोक कुमार सिंह ने उनके समय की शिक्षा व्यवस्था पर विस्तार से प्रकाश डाला। जफराबाद के भाजपा विधायक डा. हरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पूर्व प्राचार्य के आदर्श आज भी सभी के लिए अनुकरणीय हैं। उनके आदर्शो पर चल कर ही कालेज की गरिमा को सुरक्षित रखा जा सकता है। कुंवर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि कालेज को आगे बढ़ाने में पूर्व प्राचार्य की भूमिका अहम रही। हमें उनके आदर्शों से सीख लेने की जरूरत है। इससे पूर्व उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उनके पुत्र आशुतोष सिंह ने आभार जताया। समारोह की अध्यक्षता रिटायर्ड कुलपति डा. कीर्ति सिंह ने किया।
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उन्होंने कहा कि पूर्व प्राचार्य हृदय नारायण सिंह ने कालेज को न केवल एक मजबूत आधार बल्कि शिक्षा और अनुशासन के क्षेत्र में भी एक मिशाल के रूप में स्थापित करके सराहनीय कार्य किया। कालेज के प्रबंधक अशोक कुमार सिंह ने उनके समय की शिक्षा व्यवस्था पर विस्तार से प्रकाश डाला। जफराबाद के भाजपा विधायक डा. हरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पूर्व प्राचार्य के आदर्श आज भी सभी के लिए अनुकरणीय हैं। उनके आदर्शो पर चल कर ही कालेज की गरिमा को सुरक्षित रखा जा सकता है। कुंवर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि कालेज को आगे बढ़ाने में पूर्व प्राचार्य की भूमिका अहम रही। हमें उनके आदर्शों से सीख लेने की जरूरत है। इससे पूर्व उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उनके पुत्र आशुतोष सिंह ने आभार जताया। समारोह की अध्यक्षता रिटायर्ड कुलपति डा. कीर्ति सिंह ने किया।
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