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फिर से डायरिया की चपेट में गुलालपुर मुसहर बस्ती
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:12 AM IST
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नेवढ़िया। विकास खंड रामनगर के गुलालपुर गाव के मुसहर बस्ती अभी डायरिया के चपेट से मुक्त भी नहीं हुआ था कि शनिवार की रात में एक ही परिवार से तीन बच्चे फिर से संक्रमण से फैल रहे खतरनाक बीमारी डायरिया की चपेट में आ गए।
एक हफ्ते पहले गुलालपुर के मुसहर बस्ती में 19 लोग डायरिया की चपेट में आने से गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। जिसमें एपिडेमिक टीम सीएचसी रामनगर व जिलास्तरीय टीम दो दिनों तक बस्ती में डेरा डालकर बीमार लोगों का उपचार किया। कई लोगो को ुसीएचसी रामनगर में उपचार के लिए भर्ती भी कराया गया था। और सभी डायरिया ग्रस्त बीमार बस्ती के लोग पूरी तरह से ठीक हो गए थे। तीन दिनों तक बस्ती के सभी लोगो का डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण भी किया था दवा का छिड़काव भी कराया गया क्लोरीन की दवाइयां भी बाटी गई थी। लेकिन एक हफ्ते बाद फिर से एक ही परिवार से तीन बच्चे डायरिया के गिरफ्त में आ गए। बताया जाता है कि रात में बासी चावल, मुर्गा खाकर सोए थे। इसमें विजय चार वर्ष उल्टी दस्त सुरु हो जाने से गंभीर रूप से बीमार हो गया। परिजनों ने एक निजि अस्पताल मडियाहू में भर्ती कराया देखते देखते अंजली तीन वर्ष व अर्जुन एक वर्ष को भी उल्टी दस्त होने लगा। जिसकी सूचना सीएचसी रामनगर के प्रभारी डॉ.आलोक सिंह को दी गई।रविवार दोपहर सीएचसी रामनगर की टीम एएनएम खुशबू यादव,आशा संगिनी शिवकुमारी दुबे,आशा ललिता देवी फार्मासिस्ट रामचंद्र पटेल आदि ने बस्ती में पहुचकर बीमार बच्चो को इंजेक्शन व दवाइया देकर उपचार किया। बस्ती के अगल बगल फिर से पाउडर का छिड़काव किया गया और क्लोरीन की गोलियां भी बाटी गई। सीएचसी रामनगर प्रभारी डॉ.आलोक सिंह ने बताया कि एक हफ्ते पहले बस्ती के सभी लोग डायरिया की गिरफ्त से बाहर थे। बताया गया था बस्ती में किसी प्रकार की गंदगी न होने पाए नही तो संक्रमण से फलने वाला बीमारी डायरिया का प्रकोप फिर से फैल सकता है।
एक हफ्ते पहले गुलालपुर के मुसहर बस्ती में 19 लोग डायरिया की चपेट में आने से गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। जिसमें एपिडेमिक टीम सीएचसी रामनगर व जिलास्तरीय टीम दो दिनों तक बस्ती में डेरा डालकर बीमार लोगों का उपचार किया। कई लोगो को ुसीएचसी रामनगर में उपचार के लिए भर्ती भी कराया गया था। और सभी डायरिया ग्रस्त बीमार बस्ती के लोग पूरी तरह से ठीक हो गए थे। तीन दिनों तक बस्ती के सभी लोगो का डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण भी किया था दवा का छिड़काव भी कराया गया क्लोरीन की दवाइयां भी बाटी गई थी। लेकिन एक हफ्ते बाद फिर से एक ही परिवार से तीन बच्चे डायरिया के गिरफ्त में आ गए। बताया जाता है कि रात में बासी चावल, मुर्गा खाकर सोए थे। इसमें विजय चार वर्ष उल्टी दस्त सुरु हो जाने से गंभीर रूप से बीमार हो गया। परिजनों ने एक निजि अस्पताल मडियाहू में भर्ती कराया देखते देखते अंजली तीन वर्ष व अर्जुन एक वर्ष को भी उल्टी दस्त होने लगा। जिसकी सूचना सीएचसी रामनगर के प्रभारी डॉ.आलोक सिंह को दी गई।रविवार दोपहर सीएचसी रामनगर की टीम एएनएम खुशबू यादव,आशा संगिनी शिवकुमारी दुबे,आशा ललिता देवी फार्मासिस्ट रामचंद्र पटेल आदि ने बस्ती में पहुचकर बीमार बच्चो को इंजेक्शन व दवाइया देकर उपचार किया। बस्ती के अगल बगल फिर से पाउडर का छिड़काव किया गया और क्लोरीन की गोलियां भी बाटी गई। सीएचसी रामनगर प्रभारी डॉ.आलोक सिंह ने बताया कि एक हफ्ते पहले बस्ती के सभी लोग डायरिया की गिरफ्त से बाहर थे। बताया गया था बस्ती में किसी प्रकार की गंदगी न होने पाए नही तो संक्रमण से फलने वाला बीमारी डायरिया का प्रकोप फिर से फैल सकता है।
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