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पुलिसकर्मी पर प्राथमिकी दर्ज न करने पर एसपी को अल्टीमेटम
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:32 AM IST
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जौनपुर। सिकरारा थाना क्षेत्र निवासी विवाहिता से घर में घुसकर दुराचार का प्रयास करने के आरोपी पुलिसकर्मी समेत दो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज न करने का आदेश कोर्ट ने दिया है। सीजेएम कोर्ट ने पुलसि अधीक्षक को अल्टीमेटम दिया है कि आरोपियों के खिलाफ एसओ से प्राथमिकी दर्ज करवा कर 16 अगस्त को कोर्ट में प्रस्तुत करें।
विवाहिता ने कोर्ट में धारा 156(3) के तहत दरखास्त दिया था कि उसके पति बाहर रहते हैं। वह बच्चों के साथ घर पर रहती है। पड़ोसी विपिन व कांस्टेबल प्रदीप सिंह अक्सर शाम को शराब पीकर हंगामा करते हैं। आरोपियों की गंदी नजर वादिनी की बेटियों पर रहती है। नशे में धुत होकर अश्लील हरकतें करते रहते हैं। 11 जून 18 की रात विपिन व प्रदीप शराब के नशे में वादिनी के घर आए और रूपया की मांग करने लगे। असमर्थता जताने पर वादिनी से दुराचार का प्रयास किए, गालियां दिए तथा जेल में सड़ाने की धमकी दी। इस बाबत वादी ने एसपी, राष्ट्रीय महिला आयोग, प्रमुख सचिव को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ थानाध्यक्ष सिकरारा को 17 जुलाई 18 को प्राथमिकी दर्ज करने और 24 घंटे में आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया लेकिन उन्होंने आदेश का अनुपालन नहीं किया। दो अगस्त को कोर्ट ने आदेश की अवहेलना के संबंध में थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा लेकिन वह कोर्ट में भी उपस्थित नहीं हुए। तब कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक को अल्टीमेटम दिया है।
सामूहिक दुष्कर्म में तीन सगे भाइयों पर प्राथमिकी का आदेश
जौनपुर। सिकरारा थाना क्षेत्र निवासी विवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म करने के आरोपी तीन सगे भाइयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश सिविल जज सीनियर डिवीजन/ एफटी सी कोर्ट ने थानाध्यक्ष सिकरारा को दिया है।
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विवाहिता ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार के माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया कि 15 जून 18 को सायं वह शौच करके घर वापस आ रही थी। रास्ते में रमाशंकर रामआसरे व गिरजाशंकर तीनों भाई शराब पी रहे थे। वादिनी को देखते ही गंदा गाना गाने लगे। वादिनी ने डांटा तो तीनों को नागवार गुजरा। आरोपियों ने वादिनी का मुंह दबाकर उसे घर के बगल ले जाकर पटक दिया। रमाशंकर ने उसके गले पर चाकू लगा दिया और धमकी दी कि आवाज की तो गला काट कर जान से मार देंगे।तीनों भाइयों ने लाचार वादिनी के साथ बारी-बारी से दुराचार किया।वादिनी ने थानाध्यक्ष सिकरारा व पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्रदेकर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की लेकिन आरोपियों के अनुचित व नाजायज दबाव के कारण कोई सुनवाई नहीं हुई तब उसने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाया।न्यायालय ने तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया सामूहिक दुष्कर्म का मामला पाते हुए प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया।
चेक बाउंस में ठेकेदार को एक वर्ष कैद
जौनपुर। केराकत थाना क्षेत्र के चेक बाउंस के मामले में एसीजे (सीडी ) द्वितीय ने आरोपी ठेकेदार को दोषी पाते हुए एक वर्ष का कारावास, चेक धनराशि ढाई लाख रूपये व तीस हजार रु0 क्षतिपूर्ति परिवादी को अदा करने का आदेश दिया।
राजेश पांडेय निवासी अमहित,केराकत ने कोर्ट में परिवाद दायर किया था कि अखिलेश कुमार निवासी गौराबादशाहपुर से उसका अच्छा संबंध था।वह ठेकेदारी का कार्य करता था।उसने कहा कि ठेका पर काम का बड़ा आर्डर मिला है।काम होने के बाद पेमेंट मिलेगा।ढाई लाख रूपये की परिवादी से मांग किया।परिवादी ने भिन्न-भिन्न तिथियों पर जनवरी 2012 से मार्च 2012 के बीच उसे ढाई लाख रचूपयव्े दिया। अप्रैल में रुपए की मांग की। 22 जुलाई 2012 को परिवादी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ढाई लाख रूपये का चेक परिवादी को दिया। 13 अगस्त 2012 को उसने स्टेट बैंक में अपने खाते में चेक जमा किया तो अपर्याप्त बैलेंस की रिपोर्ट आई। आरोपी को सूचना दिया व रुपए की मांग की तो वह टालमटोल करने लगा। नोटिस देने के बाद भी रुपए नहीं दिया।कोर्ट ने गवाहों के बयान एवं दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए धारा 138 एनआई एक्ट के तहत सजा सुनाया।
विवाहिता ने कोर्ट में धारा 156(3) के तहत दरखास्त दिया था कि उसके पति बाहर रहते हैं। वह बच्चों के साथ घर पर रहती है। पड़ोसी विपिन व कांस्टेबल प्रदीप सिंह अक्सर शाम को शराब पीकर हंगामा करते हैं। आरोपियों की गंदी नजर वादिनी की बेटियों पर रहती है। नशे में धुत होकर अश्लील हरकतें करते रहते हैं। 11 जून 18 की रात विपिन व प्रदीप शराब के नशे में वादिनी के घर आए और रूपया की मांग करने लगे। असमर्थता जताने पर वादिनी से दुराचार का प्रयास किए, गालियां दिए तथा जेल में सड़ाने की धमकी दी। इस बाबत वादी ने एसपी, राष्ट्रीय महिला आयोग, प्रमुख सचिव को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ थानाध्यक्ष सिकरारा को 17 जुलाई 18 को प्राथमिकी दर्ज करने और 24 घंटे में आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया लेकिन उन्होंने आदेश का अनुपालन नहीं किया। दो अगस्त को कोर्ट ने आदेश की अवहेलना के संबंध में थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा लेकिन वह कोर्ट में भी उपस्थित नहीं हुए। तब कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक को अल्टीमेटम दिया है।
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सामूहिक दुष्कर्म में तीन सगे भाइयों पर प्राथमिकी का आदेश
जौनपुर। सिकरारा थाना क्षेत्र निवासी विवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म करने के आरोपी तीन सगे भाइयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश सिविल जज सीनियर डिवीजन/ एफटी सी कोर्ट ने थानाध्यक्ष सिकरारा को दिया है।
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विवाहिता ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार के माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया कि 15 जून 18 को सायं वह शौच करके घर वापस आ रही थी। रास्ते में रमाशंकर रामआसरे व गिरजाशंकर तीनों भाई शराब पी रहे थे। वादिनी को देखते ही गंदा गाना गाने लगे। वादिनी ने डांटा तो तीनों को नागवार गुजरा। आरोपियों ने वादिनी का मुंह दबाकर उसे घर के बगल ले जाकर पटक दिया। रमाशंकर ने उसके गले पर चाकू लगा दिया और धमकी दी कि आवाज की तो गला काट कर जान से मार देंगे।तीनों भाइयों ने लाचार वादिनी के साथ बारी-बारी से दुराचार किया।वादिनी ने थानाध्यक्ष सिकरारा व पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्रदेकर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की लेकिन आरोपियों के अनुचित व नाजायज दबाव के कारण कोई सुनवाई नहीं हुई तब उसने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाया।न्यायालय ने तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया सामूहिक दुष्कर्म का मामला पाते हुए प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया।
चेक बाउंस में ठेकेदार को एक वर्ष कैद
जौनपुर। केराकत थाना क्षेत्र के चेक बाउंस के मामले में एसीजे (सीडी ) द्वितीय ने आरोपी ठेकेदार को दोषी पाते हुए एक वर्ष का कारावास, चेक धनराशि ढाई लाख रूपये व तीस हजार रु0 क्षतिपूर्ति परिवादी को अदा करने का आदेश दिया।
राजेश पांडेय निवासी अमहित,केराकत ने कोर्ट में परिवाद दायर किया था कि अखिलेश कुमार निवासी गौराबादशाहपुर से उसका अच्छा संबंध था।वह ठेकेदारी का कार्य करता था।उसने कहा कि ठेका पर काम का बड़ा आर्डर मिला है।काम होने के बाद पेमेंट मिलेगा।ढाई लाख रूपये की परिवादी से मांग किया।परिवादी ने भिन्न-भिन्न तिथियों पर जनवरी 2012 से मार्च 2012 के बीच उसे ढाई लाख रचूपयव्े दिया। अप्रैल में रुपए की मांग की। 22 जुलाई 2012 को परिवादी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ढाई लाख रूपये का चेक परिवादी को दिया। 13 अगस्त 2012 को उसने स्टेट बैंक में अपने खाते में चेक जमा किया तो अपर्याप्त बैलेंस की रिपोर्ट आई। आरोपी को सूचना दिया व रुपए की मांग की तो वह टालमटोल करने लगा। नोटिस देने के बाद भी रुपए नहीं दिया।कोर्ट ने गवाहों के बयान एवं दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए धारा 138 एनआई एक्ट के तहत सजा सुनाया।