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भूलेख पत्रावलियों की नकल के लिए होती है वसूली
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:36 AM IST
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जौनपुर। भूलेख पत्रावलियों की नकल के लिए राजस्व अभिलेखागार में लोगों से किस कदर वसूली होती है उसकी बानकी शुक्रवार को जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने भी खुद देखी। वसूली की जांच के लिए डीएम ने अपने गनर चंद्रशेखर को प्रत्रावली की नकल के लिए भेजा तो वहां जड़ जमाए आउट साइडर ने डीएम के गनर से भी पांच सौ रुपये ले लिए। लेकिन थोड़ी ही देर में उसे माजरा समझ में आ गया और डीएम के पहुंचने से पहले ही वह मौके से फरार हो गया।
राजस्व अभिलेखागार में कई आउट साइडर काम करते हैं। आरोप है कि उर्दू अनुवादक भी यहां एक आउट साइडर ही है। जिलाधिकारी से किसी ने शिकायत की थी कि राजस्व अभिलेखागार में मामूली काम के लिए भी पांच सौ से एक हजार रुपये लिए जाते हैं। इसकी जांच कराने के लिए जिलाधिकारी ने अपने गनर चंद्रशेखर को पांच सौ रुपये लेकर राजस्व अभिलेखागार भेजा। वहां मौजूद प्राइवेट उर्दू अनुवादक ने किसी अभिलेख की नकल देने के लिए पांच सौ रुपये मांगे। गनर चंद्रशेखर ने पांच सौ रुपये दे दिए। रुपये लेने के बाद उसे भनक लग गई कि वह किसी आम इंसान से रुपये नहीं लिए हैं। मौके की नजाकत को देखते वह गनर को चकमा देकर फरार हो गया। इसी दौरान एसडीएम सदर प्रियंका प्रियदर्शिनी मौके पर पहुंची। लेकिन तबतक आरोपी मौके से फरार हो चुका था। इस संबंध में एसडीएम सदर प्रियंका प्रियदर्शिनी ने बताया कि राजस्व अभिलेखागार से आउटसाइडरों को बाहर किया जाएगा।
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राजस्व अभिलेखागार में कई आउट साइडर काम करते हैं। आरोप है कि उर्दू अनुवादक भी यहां एक आउट साइडर ही है। जिलाधिकारी से किसी ने शिकायत की थी कि राजस्व अभिलेखागार में मामूली काम के लिए भी पांच सौ से एक हजार रुपये लिए जाते हैं। इसकी जांच कराने के लिए जिलाधिकारी ने अपने गनर चंद्रशेखर को पांच सौ रुपये लेकर राजस्व अभिलेखागार भेजा। वहां मौजूद प्राइवेट उर्दू अनुवादक ने किसी अभिलेख की नकल देने के लिए पांच सौ रुपये मांगे। गनर चंद्रशेखर ने पांच सौ रुपये दे दिए। रुपये लेने के बाद उसे भनक लग गई कि वह किसी आम इंसान से रुपये नहीं लिए हैं। मौके की नजाकत को देखते वह गनर को चकमा देकर फरार हो गया। इसी दौरान एसडीएम सदर प्रियंका प्रियदर्शिनी मौके पर पहुंची। लेकिन तबतक आरोपी मौके से फरार हो चुका था। इस संबंध में एसडीएम सदर प्रियंका प्रियदर्शिनी ने बताया कि राजस्व अभिलेखागार से आउटसाइडरों को बाहर किया जाएगा।
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