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घर-घर जाकर खोजें टीबी के मरीज
Updated Sun, 17 Jun 2018 12:00 AM IST
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जौनपुर। अभियान चला कर जिले में क्षय रोगियों को खोजा जाएगा। क्षय रोग के प्रति संवेदनशील इलाकों में घर-घर जाकर स्वास्थ्यकर्मी रोगियों को पता लगाएंगे औैर मरीजों की बलगम की जांच की जाएगी। मरीजों का मुफ्त इलाज किया जाएगा। यह जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी डा. आरके सिंह शनिवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में शनिवार को पत्रकारों को दी।
उन्होंने कहा कि आरएनटीसीपी कार्यक्रम के तहत जिले में 18 से 27 जून तक स्वास्थ्य विभाग की टीम आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी द्वारा जिले टीबी की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में सघन अभियान चलाया जाएगा। साथ ही उनको बलगम की जांच व उपचार की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराएगी। इसके लिए जिले में टीबी खोज अभियान एक्टिव केस फाइडिंग अभियान चलाया जाएगा। जिसके अंतर्गत दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, भूख कम होना, बलगम में खून आने की शिकायत वाले व्यक्तियों का चयन किया जाएगा। जिससे टीबी के संक्रमण को कम करने में मदद मिलेगी। एक्टिव केस फाइडिंग अभियान के अंतर्गत जिले की कुल आबादी लगभग 50 लाख के सापेक्ष 10 प्रतिशत टीबी संभावित आबादी है। पांच लाख की जनसंख्या पर जिले में कुल 250 टीमों के माध्यम से टीबी के मरीजों की स्क्रीनिंग का कार्य किया जाएगा। टीबी मरीजों के बलगम की जांच कुल 26 माइक्रोस्कोपी केंद्र पर की जाएगी। कुल 250 टीमों पर 50 पर्यवेक्षक सहित 21 एमओटीसी (आरएनटीसीपी) सहित स्वास्थ्य अधिकारी को लगाया गया है
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उन्होंने कहा कि आरएनटीसीपी कार्यक्रम के तहत जिले में 18 से 27 जून तक स्वास्थ्य विभाग की टीम आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी द्वारा जिले टीबी की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में सघन अभियान चलाया जाएगा। साथ ही उनको बलगम की जांच व उपचार की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराएगी। इसके लिए जिले में टीबी खोज अभियान एक्टिव केस फाइडिंग अभियान चलाया जाएगा। जिसके अंतर्गत दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, भूख कम होना, बलगम में खून आने की शिकायत वाले व्यक्तियों का चयन किया जाएगा। जिससे टीबी के संक्रमण को कम करने में मदद मिलेगी। एक्टिव केस फाइडिंग अभियान के अंतर्गत जिले की कुल आबादी लगभग 50 लाख के सापेक्ष 10 प्रतिशत टीबी संभावित आबादी है। पांच लाख की जनसंख्या पर जिले में कुल 250 टीमों के माध्यम से टीबी के मरीजों की स्क्रीनिंग का कार्य किया जाएगा। टीबी मरीजों के बलगम की जांच कुल 26 माइक्रोस्कोपी केंद्र पर की जाएगी। कुल 250 टीमों पर 50 पर्यवेक्षक सहित 21 एमओटीसी (आरएनटीसीपी) सहित स्वास्थ्य अधिकारी को लगाया गया है
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