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चंद्रगुप्त मौर्य के व्यक्तित्व व कृतित्व पर डाला गया प्रकाश
Updated Sun, 08 Apr 2018 11:49 PM IST
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जौनपुर। लोक मंगल दल द्वारा रविवार को एसएस पब्लिक स्कूल लखनपुर के प्रांगण में चंद्रगुप्त मौर्य की जयंती मनाई गई। उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया।
मुख्य अतिथि प्रियदर्शी अशोक मिशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय मौर्य ने कहा कि चंद्रगुप्त मौर्य ने खंड-खंड में बिखरे भारत को एकजुट किया। उनकी नीति राष्ट्रहित और लोकहित में थी। जनता का हित करने और उनके साथ न्याय करना अपना कर्तव्य समझते थे। पहली बार उन्होंने आधुनिक युग की तरह शासन की व्यवस्था बनायी थी। जिसे आधुनिक विद्घान भी उनकी व्यवस्था को देखकर आश्चर्य प्रकट करते हैं। सचिव चंदन मौर्य ने कहा कि चंद्रगुप्त मौर्य भारत को एक सूत्र में पिरोते हुए अखंड भारत का निर्माण कर चक्रवर्ती सम्राट बने। संरक्षक कमलाकांत मौर्य ने कहा कि उनकी सीमाएं अफगानिस्तान से लेकर श्रीलंका तक फैली हुई थी। राष्ट्रनायक चंद्रगुप्त मौर्य के विषय में कवि रामधारी सिंह दिनकर ने भी अपने कविताओं के माध्यम से उल्लेख किया है। इस अवसर पर देवेंद्र मौर्य, छेदीलाल मौर्य, डा.उदयनरायण सिंह, रामआसरे मौर्य, राम जियावन मौर्य, संतोष मौर्य, डा.लक्ष्मीप्रसाद मौर्य, नरसिंह मौर्य, विक्रमा दित्य मौर्य कैलाशनाथ मौर्य आदि उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि प्रियदर्शी अशोक मिशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय मौर्य ने कहा कि चंद्रगुप्त मौर्य ने खंड-खंड में बिखरे भारत को एकजुट किया। उनकी नीति राष्ट्रहित और लोकहित में थी। जनता का हित करने और उनके साथ न्याय करना अपना कर्तव्य समझते थे। पहली बार उन्होंने आधुनिक युग की तरह शासन की व्यवस्था बनायी थी। जिसे आधुनिक विद्घान भी उनकी व्यवस्था को देखकर आश्चर्य प्रकट करते हैं। सचिव चंदन मौर्य ने कहा कि चंद्रगुप्त मौर्य भारत को एक सूत्र में पिरोते हुए अखंड भारत का निर्माण कर चक्रवर्ती सम्राट बने। संरक्षक कमलाकांत मौर्य ने कहा कि उनकी सीमाएं अफगानिस्तान से लेकर श्रीलंका तक फैली हुई थी। राष्ट्रनायक चंद्रगुप्त मौर्य के विषय में कवि रामधारी सिंह दिनकर ने भी अपने कविताओं के माध्यम से उल्लेख किया है। इस अवसर पर देवेंद्र मौर्य, छेदीलाल मौर्य, डा.उदयनरायण सिंह, रामआसरे मौर्य, राम जियावन मौर्य, संतोष मौर्य, डा.लक्ष्मीप्रसाद मौर्य, नरसिंह मौर्य, विक्रमा दित्य मौर्य कैलाशनाथ मौर्य आदि उपस्थित रहे।