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सीबीएसई विद्यालयों ने ताला बंदी कर जताया विरोध
Updated Sat, 07 Apr 2018 11:32 PM IST
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जौनपुर। निजी कालेज पर शुल्क निर्धारण के लिए सरकार द्वारा जारी अध्यादेश के विरोध में शनिवार को सीबीएसई कालेजों के ताले नहीं खुले। आल इंडिया पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के निर्देश पर कालेजों का प्रतिनिधि मंडल दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंच कर धरना प्रदर्शन में हिस्सा लिया। अध्यादेश के विरोध में कालेज गेट पर बैनर लगाकर सरकार की नीति का विरोध किया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार निजी विद्यालयों को भी प्राथमिक विद्यालयों की तरह बर्बाद करने पर आमादा है। लेकिन संघ इसके खिलाफ देश भर में बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा। शुल्क निर्धारण के लिए सरकार द्वारा जारी अध्यादेश को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए घातक बताया। सरकार के अध्यादेश के विरोध में आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड के कुछ कालेजों का ताला नहीं खुला। आल इंडिया पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के निर्देश पर जिले के सीबीएसई कालेजों के प्रबंधकों ने एक दिन पहले ही बैठक कर स्कूल बंद करने का निर्णय लिया था। जिसके कारण शनिवार को अधिकांश विद्यालयों में ताला बंद रहे। पवन सिंह और सूर्यांश प्रताप के नेतृत्व में कालेज प्रतिनिधि दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डा. सूर्य प्रकाश सिंह मुन्ना ने कहा कि सरकार निजी विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था को चौपट करने पर आमादा है। निजी विद्यालय छात्रों से जितनी फीस लेते हैं उससे अधिक उन्हें सुविधाएं भी मुहैया कराते हैं। निजी विद्यालयों के छात्र जहां भी खड़े होते हैं उनकी एक अलग पहचान होती है। सरकार चाह कर भी प्राथमिक विद्यालयों की दशा को सुधार नहीं पा रहा है। एसोसिएशन जो निर्णय लेगा उसके हिसाब से आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। हड़ताल के कारण शनिवार को विद्यालयों में ताला बंद रहा। जिले में सीबीएसई बोर्ड के 56 और आईसीएसई बोर्ड के एक विद्यालय का संचालन होता है। जिसमें अस्सी हजार से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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