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तहसीलों में नहीं स्थापित हो सके फायर स्टेशन
Updated Mon, 26 Mar 2018 12:11 AM IST
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जौनपुर। 50 लाख की आबादी वाले इस जिले में अगलगी जैसी घटनाओं से सुरक्षा की जिम्मेदारी फायर ब्रिगेड की सिर्फ चार गाडिय़ों के भरोसे है। तहसीलों में फायर स्टेशन बनाने की तैयारी कई सालों से की जा रही है ,लेकिन अभी तक फायर स्टेशन की स्थापना नहीं हो सकी। जिसका नतीजा यह है कि जब भी कभी शहर से दूर ग्रामीण इलाकों में अगलगी जैसी घटनाएं होती हैं तो फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचकर सिर्फ राख बुझाने के काम आता है। तहसीलों में फायर स्टेशन स्थापित करने के लिए जनप्रतिनिधि भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। अग्निशमन विभाग के पास संसाधनों की कमी है।
गर्मी का महीना शुरू होते ही आगलगी की घटनाएं भी तेज हो जाती हैं। कहीं शार्टसर्किट तो कहीं चूल्हे की चिंगारी तबाही मचाती है। लेकिन इस तबाही से लोगों को बचाने के लिए अग्निशमन विभाग के पास संसाधनों का टोटा है। मुख्यालय से जनपद सीमा के चारो छोर की दूरी 60 से 70 किलोमीटर से अधिक है। ऐसे में जब कभी सड़कों की दशा भी खराब है। ऐसे में जब भी कभी सुइथाकला, मुंगराबादशाहपुर, मीरगंज, चंदवक, महराजगंज इलाकों में आगलगी जैसी घटनाएं होती हैं तो वहां फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों को पहुंचने घंटे भर से अधिक का समय लग जाता है। इस समस्या से निबटने के लिए ही तहसील मुख्यालयों पर फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग कई सालों से चल रही है। लेकिन मछलीशहर तहसील को छोड़ किसी भी तहसील में फायर स्टेशन स्थापित नहीं हो सका है। तहसीलों में बोलेरो कैंपर जरूर रखे गए हैं लेकिन यह तभी काम आता है जब अगलगी वाली घटना स्थल पर पानी की व्यवस्था होती है।
संसाधनों का टोटा
जौनपुर। जिले में अग्निशमन विभाग के पास संसाधनों का टोटा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अलावा जिले में अग्निशमन अधिकारी के दो पद हैं लेकिन दोनों पद खाली पड़े हैं। इसीप्रकार लीडिंग फायरमैन के पांच पद के मुकाबले सिर्फ दो की तैनाती है। फायरमैन के 37 पदों के सापेक्ष 32 और फायर सर्विस चालक के सात पद के सापेक्ष पांच की तैनाती है। चार चार हजार लीटर क्षमता वाली दो वाटर टेंडर और ढाई ढाई हजार लीटर क्षमता के दो वाटर टेंडर हैं।
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शाहगंज और बदलापुर उपलब्ध हुई जमीन
जौनपुर। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजप्रकाश राय का कहना है कि तहसीलों में फायर स्टेशन के लिए जमीन की तलाश हो रही है। जिलाधिकारी ने शाहगंज और बदलापुर तहसील में जमीन उपलब्ध करा दी है। वहां फायर स्टेशन की स्थापना के लिए प्रपोजल शासन को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
बिजली के तार के नीचे न लगाएं खलिहान
जौनपुर। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राज प्रकाश राय का कहना है कि अगलगी जैसी घटनाओं से बचने के लिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। बिजली के तार के आस पास खलिहान नहीं लगाना चाहिए। बीड़ी और सिगरेट पीने वालों को उसे बुझाकर ही फेंकना चाहिए। जबकभी खेत खलिहान में आग लगे तो हरे पत्ते वाली पेड़ की टहनियों की मदद से पीट पीटकर आग बुझाने का प्रयास करना चाहिए। घरों में खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग अच्छी तरह बुझा देनी चाहिए।
गर्मी का महीना शुरू होते ही आगलगी की घटनाएं भी तेज हो जाती हैं। कहीं शार्टसर्किट तो कहीं चूल्हे की चिंगारी तबाही मचाती है। लेकिन इस तबाही से लोगों को बचाने के लिए अग्निशमन विभाग के पास संसाधनों का टोटा है। मुख्यालय से जनपद सीमा के चारो छोर की दूरी 60 से 70 किलोमीटर से अधिक है। ऐसे में जब कभी सड़कों की दशा भी खराब है। ऐसे में जब भी कभी सुइथाकला, मुंगराबादशाहपुर, मीरगंज, चंदवक, महराजगंज इलाकों में आगलगी जैसी घटनाएं होती हैं तो वहां फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों को पहुंचने घंटे भर से अधिक का समय लग जाता है। इस समस्या से निबटने के लिए ही तहसील मुख्यालयों पर फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग कई सालों से चल रही है। लेकिन मछलीशहर तहसील को छोड़ किसी भी तहसील में फायर स्टेशन स्थापित नहीं हो सका है। तहसीलों में बोलेरो कैंपर जरूर रखे गए हैं लेकिन यह तभी काम आता है जब अगलगी वाली घटना स्थल पर पानी की व्यवस्था होती है।
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संसाधनों का टोटा
जौनपुर। जिले में अग्निशमन विभाग के पास संसाधनों का टोटा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अलावा जिले में अग्निशमन अधिकारी के दो पद हैं लेकिन दोनों पद खाली पड़े हैं। इसीप्रकार लीडिंग फायरमैन के पांच पद के मुकाबले सिर्फ दो की तैनाती है। फायरमैन के 37 पदों के सापेक्ष 32 और फायर सर्विस चालक के सात पद के सापेक्ष पांच की तैनाती है। चार चार हजार लीटर क्षमता वाली दो वाटर टेंडर और ढाई ढाई हजार लीटर क्षमता के दो वाटर टेंडर हैं।
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शाहगंज और बदलापुर उपलब्ध हुई जमीन
जौनपुर। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजप्रकाश राय का कहना है कि तहसीलों में फायर स्टेशन के लिए जमीन की तलाश हो रही है। जिलाधिकारी ने शाहगंज और बदलापुर तहसील में जमीन उपलब्ध करा दी है। वहां फायर स्टेशन की स्थापना के लिए प्रपोजल शासन को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
बिजली के तार के नीचे न लगाएं खलिहान
जौनपुर। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राज प्रकाश राय का कहना है कि अगलगी जैसी घटनाओं से बचने के लिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। बिजली के तार के आस पास खलिहान नहीं लगाना चाहिए। बीड़ी और सिगरेट पीने वालों को उसे बुझाकर ही फेंकना चाहिए। जबकभी खेत खलिहान में आग लगे तो हरे पत्ते वाली पेड़ की टहनियों की मदद से पीट पीटकर आग बुझाने का प्रयास करना चाहिए। घरों में खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग अच्छी तरह बुझा देनी चाहिए।