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स्टेशन का सुंदरीकरण कार्य ठप्प होने बढ़ी परेशानी
Updated Fri, 09 Mar 2018 12:52 AM IST
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जंघई रेलवे स्टेशन के सुंदरीकरण का काम बंद होने से लोगों में नाराजगी है। ठेकेदार ने स्टेशन पर मिट्टी डालकर छोड़ दिया है। 6 माह पहले ठेकेदार ने प्रतीक्षालय को तोड़वा दिया था। उसके बाद वहां मिट्टी डलवाकर छोड़ दिया। जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वाराणसी-प्रतापगढ रेल प्रखंड पर स्थित जंघई रेलवे स्टेशन बड़ा जंक्शन है। स्टेशन को ए श्रेणी का दर्ज प्राप्त है। इसकी वार्षिक इनकम 20 करोड़ है। लेकिन स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का टोटा है। इसके सुंदरीकरण के लिए उत्तर रेलवे से दो साल पहले डेढ़ करोड़ रुपये का बजट पास किया था। जिसमें स्टेशन के स्वरूप को बदलने की तैयारी थी। जिसमें स्टेशन का बाहरी हिस्से में पोर्टिको निर्माण सहित कार पार्किंग, बाल उद्यान, प्लेट फार्म नंबर एक को ऊंचा करने, सर्कुलेटिंग एरिया को नया आयाम देना था। साथ ही इलेक्ट्रानिक एलाउंस कक्ष व इलेक्ट्रानिक बोगी डिस्पले बोर्ड, प्लेट फार्म पर टीन शेड लगने का काम होना है। इसके लिए अधिकारी चार बार जंघई स्टेशन पहुंच कर मैप भी देख चुके हैं। निर्देश भी दिया था कि तीन माह में काम दिखना चाहिए। जिसके बाद ठेकेदार ने पुराना यात्री प्रतीक्षालय ढहा दिया। अभी ढेर सारे कार्य बाकी हैं। लोगों का कहना है कि जिस तरह रेलवे विकास कार्य करा रहा है। उसको पूरा होने में कई वर्ष लग जाएंगे। वरिष्ठ खंड अभियंता कार्य प्रतापगढ हरीश यादव का कहना है कि पुराने भवन को तोड़कर नए सिरे से बनाना है। रेलवे का कार्य भी बाधित न हो और नया निर्माण भी पूरा हो जाए। इसी कारण से कार्य पूरा होने में देरी हो रही है।
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