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उड़ गइले पिजरा से सुगनावा हो बदनवा बेकार हो गइल
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:48 AM IST
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सुजानगंज। राष्ट्रीय महाविद्यालय सुजानगंज में भजन संध्या का आयोजन किया गया। वाराणसी के कलाकारों ने भजन, लोकगीत, ठुमरी, चैता, होली गीत के माध्यम से लोगों का मन मोह लिया।
गायिका सुचरिता गुप्ता की ठुमरी ‘कौन गली गयो श्याम बता दे सखी’ को लोगों ने खूब सराहा। सुरसंग्राम की गायिका मंगला सलोनी की गीत ‘हमारे घर राम नाम सौदा बिकाये’ पर लोगों ने खूब ताली बजाई। गायक सौरभ श्रीवास्तव ‘जय गणपति वंदन गण नायक’ पर सभी मंत्रमुग्ध हो गए। विद्यालय की छात्रा प्रीती सिंह ‘रुनुक झुनूक पायलिया बाजै मोरे पाउआ बड़ा नीक लागई ननद तोरा गऊआ’ को सुन लोगों ने खूब सराहा। प्रतीक्षा सिंह ने भी अपने निर्गुण ‘उड़ गइले पिजरा से सुगनावा हो बदनवा बेकार हो गइल’ के माध्यम से सभी को मोहित किया। इसके पूर्व संस्थापक पं. काशी प्रसाद की मूर्ति पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसमें पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी ने कहा कि काशी प्रसाद जी विद्वान तथा अद्वितीय थे। क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बढ़ाया और इस समाज को शिक्षा के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी तथा संचालन के के उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर विद्याशंकर तिवारी, इंदुप्रकाश तिवारी, डा. राकेश पांडेय, प्रमोद सिंह, सुधीर तिवारी, राजाराम तिवारी, लालविहारी तिवारी आदि उपस्थित रहे। प्रबंधक वेद प्रकाश त्रिपाठी ने आभार व्यक्त किया।
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गायिका सुचरिता गुप्ता की ठुमरी ‘कौन गली गयो श्याम बता दे सखी’ को लोगों ने खूब सराहा। सुरसंग्राम की गायिका मंगला सलोनी की गीत ‘हमारे घर राम नाम सौदा बिकाये’ पर लोगों ने खूब ताली बजाई। गायक सौरभ श्रीवास्तव ‘जय गणपति वंदन गण नायक’ पर सभी मंत्रमुग्ध हो गए। विद्यालय की छात्रा प्रीती सिंह ‘रुनुक झुनूक पायलिया बाजै मोरे पाउआ बड़ा नीक लागई ननद तोरा गऊआ’ को सुन लोगों ने खूब सराहा। प्रतीक्षा सिंह ने भी अपने निर्गुण ‘उड़ गइले पिजरा से सुगनावा हो बदनवा बेकार हो गइल’ के माध्यम से सभी को मोहित किया। इसके पूर्व संस्थापक पं. काशी प्रसाद की मूर्ति पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसमें पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी ने कहा कि काशी प्रसाद जी विद्वान तथा अद्वितीय थे। क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बढ़ाया और इस समाज को शिक्षा के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी तथा संचालन के के उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर विद्याशंकर तिवारी, इंदुप्रकाश तिवारी, डा. राकेश पांडेय, प्रमोद सिंह, सुधीर तिवारी, राजाराम तिवारी, लालविहारी तिवारी आदि उपस्थित रहे। प्रबंधक वेद प्रकाश त्रिपाठी ने आभार व्यक्त किया।
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