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भारी फोर्स के साथ शुरू हुआ फोरलेन बाईपास का निर्माण
Updated Sun, 25 Feb 2018 12:04 AM IST
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जलालपुर (जौनपुर)।
किसानों के विरोध के बाद भी प्रशासन ने शनिवार को भारी पुलिस बल और पीएसी के साथ जलालपुर में फोरलेन बाईपास का निर्माण शुरू करा दिया। किसानों का आरोप है कि उन्हें मुआवजा दिए बिना ही उनकी जमीन पर सड़क बनाई जा रही है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जमीन के लिए संघर्ष कर रहे किसान न्याय मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां जिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने किसानों को मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया है।
जलालपुर में बीबनमऊ और महिमापुर गांव से होकर फोरलेन बाईपास का निर्माण हो रहा है। दोनों गांव के 82 किसानों की करीब सात एकड़ से अधिक भूमि बिना मुआवजा दिए ही अधिग्रहण करने का आरोप है। शुक्रवार को एसडीएम और सीओ केराकत ने भारी फोर्स के साथ त्रिलोचन बाईपास निर्माण के लिए किसानों की खड़ी फसल पर जेसीबी चलवा दी थी। शनिवार को एसडीएम केराकत मंगलेश दुबे पांच थानों की फोर्स, पीएसी के जवान और महिला कांस्टेबल के साथ जलालपुर के बीबनमऊ गांव पहुंचे। जहां जेसीबी लगाकर जबरन निर्माण शुरू करा दिया। किसानों का आरोप है कि वह अपनी बात कहना चाहे तो पुलिस के बल पर उन्हें धक्के देकर भगा दिया गया। अधिकारी ने उनकी बात भी नहीं सुनी। किसान न्याय मोर्चा के अध्यक्ष राजेश मिश्र कहते हैं कि वह जिलाधिकारी से मिलकर किसानों की समस्या बताई तो जिलाधिकारी ने काम रोकवाने और मुआवजा दिए जाने का भरोसा दिया। यहां आकर काम रोकने का प्रयास किया गया तो एसडीएम ने कहा कि डीएम के ही आदेश पर काम हो रहा है। ऐसे में उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। जमीन पर प्रशासन जबरदस्ती कब्जा कर रहा है। शाम को करीब पांच बजे जलालपुर चौराहे के समीप एक दूकान के बरामदे को तुड़वा दिया। एसडीएम केराकत मंगलेश दुबे का कहना है कि किसान जिस जमीन का मुआवजा मांग रहे हैं, उस जमीन का अधिग्रहण 1982 में ही कर लिया गया था और उसी वक्त मुआवजा भी दिया जा चुका है।
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किसानों के विरोध के बाद भी प्रशासन ने शनिवार को भारी पुलिस बल और पीएसी के साथ जलालपुर में फोरलेन बाईपास का निर्माण शुरू करा दिया। किसानों का आरोप है कि उन्हें मुआवजा दिए बिना ही उनकी जमीन पर सड़क बनाई जा रही है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जमीन के लिए संघर्ष कर रहे किसान न्याय मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां जिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने किसानों को मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया है।
जलालपुर में बीबनमऊ और महिमापुर गांव से होकर फोरलेन बाईपास का निर्माण हो रहा है। दोनों गांव के 82 किसानों की करीब सात एकड़ से अधिक भूमि बिना मुआवजा दिए ही अधिग्रहण करने का आरोप है। शुक्रवार को एसडीएम और सीओ केराकत ने भारी फोर्स के साथ त्रिलोचन बाईपास निर्माण के लिए किसानों की खड़ी फसल पर जेसीबी चलवा दी थी। शनिवार को एसडीएम केराकत मंगलेश दुबे पांच थानों की फोर्स, पीएसी के जवान और महिला कांस्टेबल के साथ जलालपुर के बीबनमऊ गांव पहुंचे। जहां जेसीबी लगाकर जबरन निर्माण शुरू करा दिया। किसानों का आरोप है कि वह अपनी बात कहना चाहे तो पुलिस के बल पर उन्हें धक्के देकर भगा दिया गया। अधिकारी ने उनकी बात भी नहीं सुनी। किसान न्याय मोर्चा के अध्यक्ष राजेश मिश्र कहते हैं कि वह जिलाधिकारी से मिलकर किसानों की समस्या बताई तो जिलाधिकारी ने काम रोकवाने और मुआवजा दिए जाने का भरोसा दिया। यहां आकर काम रोकने का प्रयास किया गया तो एसडीएम ने कहा कि डीएम के ही आदेश पर काम हो रहा है। ऐसे में उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। जमीन पर प्रशासन जबरदस्ती कब्जा कर रहा है। शाम को करीब पांच बजे जलालपुर चौराहे के समीप एक दूकान के बरामदे को तुड़वा दिया। एसडीएम केराकत मंगलेश दुबे का कहना है कि किसान जिस जमीन का मुआवजा मांग रहे हैं, उस जमीन का अधिग्रहण 1982 में ही कर लिया गया था और उसी वक्त मुआवजा भी दिया जा चुका है।
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