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तीन सगे भाइयों समेत चार को आजीवन कारावास
Updated Thu, 22 Feb 2018 12:52 AM IST
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जौनपुर। खुटहन थाना क्षेत्र के तिघरा गांव में चुनावी व मुकदमेबाजी की रंजिश को लेकर विक्रमाजीत यादव की गोली व लाठियों से मारकर हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने तीन भाइयों समेत चार आरोपियों को आजीवन कारावास व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाया। क्रास केस में दो भाइयों को सात वर्ष कारावास व 5500 रूपए जुर्माने से दंडित किया है। घटना 23 साल पहले की है।
खुटहन थाना क्षेत्र के जौकाबाद गांव निवासी ग्राम प्रधान सभाजीत यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराया था कि 2 अप्रैल 1995 को 10:00 बजे रात उनका भाई विक्रमाजीत यादव ग्राम मरहट से खेत की देखभाल कर वापस आ रहा था। ग्राम तिघरा के फतेह बहादुर की बाग में जब वह पहुंचा तो प्रधानी चुनाव की पुरानी रंजिश व मुकदमेबाजी की रंजिश को लेकर तीन भाई राजबहादुर यादव, उदय राज, अभय राज और उनका पुत्र तुलसी कट्टा और लाठी से लैस होकर विक्रमा को घेर लिए। राजबहादुर ने विक्रमा पर कट्टे से फायर किया। वह घायल हो गया। शेष आरोपियों ने उसे लाठियों से मारकर चोटें पहुंचाया। बाद में विक्रमा की मौत हो गई। उधर राजबहादुर ने प्राथमिकी दर्ज कराया कि वह अपने बच्चों को बुलेट पर बैठाकर घर आ रहा था। फतेह बहादुर की बाग के पास विक्रमाजीत व महेंद्र कट्टा लेकर एवं सुभाष आदि बम लेकर घेर लिए। विक्रमा ने उसे पकड़ा व महेंद्र ने गोली चला दिया। वह बैठ गया और गोली विक्रमा को लग गई। बाद में विक्रमा की मौत हो गई। उसके बच्चे मनोज को भी आरोपियों ने चोटें पहुंचाया। पुलिस ने विवेचना कर दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। प्रथम मामले में एडीजीसी विजय शंकर यादव एवं क्रास केस में एडीजीसी जवाहर लाल यादव ने गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाया।
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हत्यारोपी को आजीवन कारावास
जौनपुर। महाराजगंज थाना क्षेत्र के चरियाही गांव में आबादी की जमीन के विवाद को लेकर वादी की माता कमला देवी की गड़ासी से मारकर हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ने एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा व तीन आरोपियों को क्रमश: 5 वर्ष, 3 वर्ष, 1 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों को जुर्माने से भी दंडित किया गया।विमलेश यादव निवासी ग्राम चरियाही ने प्राथमिकी दर्ज कराया था कि 28 दिसंबर 2012 को 2:30 बजे दिन उसके घर के सामने आबादी की जमीन पर पट्टीदार लाल बहादुर आदि पतरा रख रहे थे। मना करने पर लाल बहादुर व उनके परिवार के लोगों ने गड़ासी, कुल्हाड़ी, राड से वादी के माता, पिता भाई व भाभी पर जानलेवा हमला कर दिया। वादी की मां कमला देवी की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के अन्य लोगों को भी गंभीर चोटें आई। पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट दाखिल किया। कोर्ट ने आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाया।
खुटहन थाना क्षेत्र के जौकाबाद गांव निवासी ग्राम प्रधान सभाजीत यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराया था कि 2 अप्रैल 1995 को 10:00 बजे रात उनका भाई विक्रमाजीत यादव ग्राम मरहट से खेत की देखभाल कर वापस आ रहा था। ग्राम तिघरा के फतेह बहादुर की बाग में जब वह पहुंचा तो प्रधानी चुनाव की पुरानी रंजिश व मुकदमेबाजी की रंजिश को लेकर तीन भाई राजबहादुर यादव, उदय राज, अभय राज और उनका पुत्र तुलसी कट्टा और लाठी से लैस होकर विक्रमा को घेर लिए। राजबहादुर ने विक्रमा पर कट्टे से फायर किया। वह घायल हो गया। शेष आरोपियों ने उसे लाठियों से मारकर चोटें पहुंचाया। बाद में विक्रमा की मौत हो गई। उधर राजबहादुर ने प्राथमिकी दर्ज कराया कि वह अपने बच्चों को बुलेट पर बैठाकर घर आ रहा था। फतेह बहादुर की बाग के पास विक्रमाजीत व महेंद्र कट्टा लेकर एवं सुभाष आदि बम लेकर घेर लिए। विक्रमा ने उसे पकड़ा व महेंद्र ने गोली चला दिया। वह बैठ गया और गोली विक्रमा को लग गई। बाद में विक्रमा की मौत हो गई। उसके बच्चे मनोज को भी आरोपियों ने चोटें पहुंचाया। पुलिस ने विवेचना कर दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। प्रथम मामले में एडीजीसी विजय शंकर यादव एवं क्रास केस में एडीजीसी जवाहर लाल यादव ने गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाया।
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हत्यारोपी को आजीवन कारावास
जौनपुर। महाराजगंज थाना क्षेत्र के चरियाही गांव में आबादी की जमीन के विवाद को लेकर वादी की माता कमला देवी की गड़ासी से मारकर हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ने एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा व तीन आरोपियों को क्रमश: 5 वर्ष, 3 वर्ष, 1 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों को जुर्माने से भी दंडित किया गया।विमलेश यादव निवासी ग्राम चरियाही ने प्राथमिकी दर्ज कराया था कि 28 दिसंबर 2012 को 2:30 बजे दिन उसके घर के सामने आबादी की जमीन पर पट्टीदार लाल बहादुर आदि पतरा रख रहे थे। मना करने पर लाल बहादुर व उनके परिवार के लोगों ने गड़ासी, कुल्हाड़ी, राड से वादी के माता, पिता भाई व भाभी पर जानलेवा हमला कर दिया। वादी की मां कमला देवी की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के अन्य लोगों को भी गंभीर चोटें आई। पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट दाखिल किया। कोर्ट ने आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाया।
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