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पैसा होने के बावजूद अभी तक नहीं बन पाया एक भी आवास
Updated Sun, 11 Feb 2018 12:36 AM IST
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जौनपुर। रुपये खजाने में होने के बाद भी शहर में गरीबों का घर नहीं बन पाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक एक भी आवास नहीं बन सका है जबकि योजना के तहत 1628 गरीबों के सिर पर छत मुहैया कराई जानी है। आवास बनाने के लिए शासन से नगरीय विकास अभिकरण(डूडा) को दो करोड़ 10 लाख रुपये जारी भी कर दिए हैं।
शहरी क्षेत्र के गरीबों को छत उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का संचालन किया गया है। इसके तहत आवास बनाने के लिए लाभार्थी को तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये दिए जाने हैं। जिले में चालू वित्तीय वर्ष में1628 आवास बनाने का लक्ष्य था। आवास बनवाने की जिम्मेदारी नगरीय विकास अभिकरण(डूडा) की है। जिले की तीन नगर पालिका और छह नगर पंचायतों में आवास बनाए जाने हैं। नगर पालिका परिषद जौनपुर में 228, नगर पालिका परिषद शाहगंज में 121, नगर पालिका परिषद मुगराबादशा हपुर में 134, नगर पंचायत जफराबाद में 189, नगर पंचायत केराकत में 185, नगर पंचायत खेतासराय में 211, नगर पंचायत मछलीशहर में 180, नगर पंचायत मड़ियाहूं में 253 व नगर पंचायत बदलापुर में 127 आवास बनाने के लिए शासन ने विभाग दो करोड़ 10 लाख रुपये मुहैया कराए हैं। मगर डूडा की लापरवाही का आलम यह है कि अभी तक एक भी आवास नहीं बन पाया है। विभाग द्वारा सभी आवासों के लिए लाभार्थी का चयन कर लिया है, 350 आवासों की जीओ टैगिंग भी की गई है। मगर निर्माण महज 40 घरों का शुरू हुआ है ।
आवास बनाने का मानक
जौनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत आवास बनाने के लिए मानक भी निर्धारित किया गया है। इसमें चयनित व्यक्ति को नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्र का निवासी होना चाहिए, उनके पास 30 वर्ग मीटर की अपनी भूमि होनी चाहिए, पक्का मकान नहीं होना चाहिए आदि मानक है। यह मानक पूरा करने वाले व्यक्तियों को ही उक्त आवास का लाभ दिये जाने का प्राविधान है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत लाभार्थी के चयन की तिथि से एक साल के अंदर आवास पूरा किया जाना है। लाभार्थी चयनित करने के बाद जीओ टैगिंग कर उनको धनराशि जारी की जा रही है। 350 आवासों का जीओ टैगिंग की जा चुुुकी है और 40 लाभार्थियों को पहली किस्त देकर निर्माण का कार्य भी शुरू करा दिया गया है।-एमपी सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा
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जौनपुर। रुपये खजाने में होने के बाद भी शहर में गरीबों का घर नहीं बन पाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक एक भी आवास नहीं बन सका है जबकि योजना के तहत 1628 गरीबों के सिर पर छत मुहैया कराई जानी है। आवास बनाने के लिए शासन से नगरीय विकास अभिकरण(डूडा) को दो करोड़ 10 लाख रुपये जारी भी कर दिए हैं।
शहरी क्षेत्र के गरीबों को छत उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का संचालन किया गया है। इसके तहत आवास बनाने के लिए लाभार्थी को तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये दिए जाने हैं। जिले में चालू वित्तीय वर्ष में1628 आवास बनाने का लक्ष्य था। आवास बनवाने की जिम्मेदारी नगरीय विकास अभिकरण(डूडा) की है। जिले की तीन नगर पालिका और छह नगर पंचायतों में आवास बनाए जाने हैं। नगर पालिका परिषद जौनपुर में 228, नगर पालिका परिषद शाहगंज में 121, नगर पालिका परिषद मुगराबादशा हपुर में 134, नगर पंचायत जफराबाद में 189, नगर पंचायत केराकत में 185, नगर पंचायत खेतासराय में 211, नगर पंचायत मछलीशहर में 180, नगर पंचायत मड़ियाहूं में 253 व नगर पंचायत बदलापुर में 127 आवास बनाने के लिए शासन ने विभाग दो करोड़ 10 लाख रुपये मुहैया कराए हैं। मगर डूडा की लापरवाही का आलम यह है कि अभी तक एक भी आवास नहीं बन पाया है। विभाग द्वारा सभी आवासों के लिए लाभार्थी का चयन कर लिया है, 350 आवासों की जीओ टैगिंग भी की गई है। मगर निर्माण महज 40 घरों का शुरू हुआ है ।
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आवास बनाने का मानक
जौनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत आवास बनाने के लिए मानक भी निर्धारित किया गया है। इसमें चयनित व्यक्ति को नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्र का निवासी होना चाहिए, उनके पास 30 वर्ग मीटर की अपनी भूमि होनी चाहिए, पक्का मकान नहीं होना चाहिए आदि मानक है। यह मानक पूरा करने वाले व्यक्तियों को ही उक्त आवास का लाभ दिये जाने का प्राविधान है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत लाभार्थी के चयन की तिथि से एक साल के अंदर आवास पूरा किया जाना है। लाभार्थी चयनित करने के बाद जीओ टैगिंग कर उनको धनराशि जारी की जा रही है। 350 आवासों का जीओ टैगिंग की जा चुुुकी है और 40 लाभार्थियों को पहली किस्त देकर निर्माण का कार्य भी शुरू करा दिया गया है।-एमपी सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा