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कारगज में ही कर दिया समस्या का निस्तारण
Updated Mon, 08 Jan 2018 12:49 AM IST
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जौनपुर। जन सुनवाई पोर्टल पर आ रही शिकायतों का निस्तारण कागज पर ही कर दिया जा रहा है। पुलिस मौके पर झांकने तक नहीं गई और पीड़ित के मोबाइल पर समस्या निस्तारण किए जाने का मैसेज भी आ गया। इसे देख पीड़ित खुद हैरान है। मामला बक्शा थाना क्षेत्र के बेलापार गांव का है।
बेलापार (नौपेड़वा बाजार) निवासी उमेश चंद्र ने प्रदेश सरकार की जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पुश्तैनी जमीन का पट्टीदारों से अभी बटवारा नहीं हुआ है। बटवारे को लेकर सिविल कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। इसी बीच उनके पट्टीदार कृष्ण कुमार, राजकुमार ने उनके हिस्से की भूमि पर निर्माण शुरू कर दिए। निर्माण रोकवाने की मांग को लेकर पहले उन्होंने पुलिस से शिकायत की को पुलिस ने थाने से डाटकर भगा दिया। उनका पहले हुआ निर्माण भी कब्जा कर लिया गया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर उमेश ने प्रदेश सरकार की जनसुनवाई पोर्टल पर 20 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज कराने के बाद न तो कोई राजस्व विभाग से और नही कोई पुलिस विभाग की ओर से मौके पर झांकने तक नहीं आया। इसी बीच शनिवार को उनके मोबाइल फोन पर मैसेज आ गया कि संदर्भ आख्या 20019417007179 का निस्तारण कर दिया गया है। निस्तारण आख्या जनसुनवाई पोर्टल पर देखी जा सकती है। यह मैसेज मिलने पर पीड़ित हैरान हो उठा। न्याय पाने की उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। उमेश का कहना है कि अपनी समस्या को लेकर अब वह खुद मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ जाएंगे।
बेलापार (नौपेड़वा बाजार) निवासी उमेश चंद्र ने प्रदेश सरकार की जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पुश्तैनी जमीन का पट्टीदारों से अभी बटवारा नहीं हुआ है। बटवारे को लेकर सिविल कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। इसी बीच उनके पट्टीदार कृष्ण कुमार, राजकुमार ने उनके हिस्से की भूमि पर निर्माण शुरू कर दिए। निर्माण रोकवाने की मांग को लेकर पहले उन्होंने पुलिस से शिकायत की को पुलिस ने थाने से डाटकर भगा दिया। उनका पहले हुआ निर्माण भी कब्जा कर लिया गया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर उमेश ने प्रदेश सरकार की जनसुनवाई पोर्टल पर 20 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज कराने के बाद न तो कोई राजस्व विभाग से और नही कोई पुलिस विभाग की ओर से मौके पर झांकने तक नहीं आया। इसी बीच शनिवार को उनके मोबाइल फोन पर मैसेज आ गया कि संदर्भ आख्या 20019417007179 का निस्तारण कर दिया गया है। निस्तारण आख्या जनसुनवाई पोर्टल पर देखी जा सकती है। यह मैसेज मिलने पर पीड़ित हैरान हो उठा। न्याय पाने की उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। उमेश का कहना है कि अपनी समस्या को लेकर अब वह खुद मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ जाएंगे।
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