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मौत की पटरी बन सकती हैं रेल पटरियां
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:36 AM IST
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जौनपुर। रेलवे प्रशासन नहीं चेता तो जफराबाद-सुल्तानपुर रेल प्रखंड पर कभी भी ट्रेन हादसा हो सकता है। सराय हरखू रेलवे स्टेशन से कोइरीपुर हाल्ट के बीच छह स्थानों पर रेल पटरी की हालात जर्जर है। इन स्थानों पर ट्रेनें कासन पर गुजारी जा रही हैं। मुजफ्फरनगर में पिछले दिनों उत्कल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद भी रेलवे महकमा एहतियात तो बरत रहा है लेकिन अभी पटरियां दुरुस्त नहीं की गईं।
मुजफ्फरनगर में हाल ही में रेल पटरियां टूटी होने के कारण बड़ा हादसा हो गया था जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे प्रशासन को चेताने का काम किया है। इसके बाद भी अभी तक ट्रैक दुरुस्त नहीं किए गए। जफराबाद-सुल्तानपुर रेल प्रखंड पर छह स्थानों पर रेल ट्रैक खराब है। रेल पथ दोहरीकरण के दौरान मानव रहित गेट नंबर 20, 22 पर बने अंडर ग्राउंड रास्ते में पानी भरने और पहितियापुर स्थित पुल संख्या 118, नीमा हाल्ट कोइरीपुर 871/ 872 किलोमीटर और पीली नदी कोइरीपुर महारानी पश्चिम पुल नंबर 163 पर गिट्टी कम पड़ने के कारण रेल पटरी ट्रेनों के आने-जाने के दौरान लप रही है। इस मार्ग पर चालीस से अधिक ट्रेनों का आवागमन हो रहा है। ट्रेनों में प्रतिदिन लाखों यात्री जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। इनकी सुरक्षा राम भरोसे है। ऐसा नहीं है कि इससे रेल महकमा परिचित नहीं है। रेलवे प्रशासन को पटरियों के जर्जर होने की जानकारी है। यही वजह है कि जहां रेल पटरी लप रही है वहां ट्रेनें कासन पर गुजारी जा रही हैं। रेलवे स्टेशन श्रीकृष्णनगर के वरिष्ठ खंड अभियंता मनोज केशरी ने बताया कि जहां ट्रैक खराब हैं वहां ट्रेनें कासन पर गुजारी जा रही हैं। ट्रैक दुरुस्त करने के लिए वरिष्ठ खंड अभियंता आरपी सिंह की देखरेख में युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। जल्द ही रेल ट्रैक को दुरुस्त कर दिया जाएगा। ट्रैक की सुरक्षा, संरक्षा के लिए पेट्रोलिंग के साथ ही चौकसी बढ़ा दी गई है।
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मुजफ्फरनगर में हाल ही में रेल पटरियां टूटी होने के कारण बड़ा हादसा हो गया था जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे प्रशासन को चेताने का काम किया है। इसके बाद भी अभी तक ट्रैक दुरुस्त नहीं किए गए। जफराबाद-सुल्तानपुर रेल प्रखंड पर छह स्थानों पर रेल ट्रैक खराब है। रेल पथ दोहरीकरण के दौरान मानव रहित गेट नंबर 20, 22 पर बने अंडर ग्राउंड रास्ते में पानी भरने और पहितियापुर स्थित पुल संख्या 118, नीमा हाल्ट कोइरीपुर 871/ 872 किलोमीटर और पीली नदी कोइरीपुर महारानी पश्चिम पुल नंबर 163 पर गिट्टी कम पड़ने के कारण रेल पटरी ट्रेनों के आने-जाने के दौरान लप रही है। इस मार्ग पर चालीस से अधिक ट्रेनों का आवागमन हो रहा है। ट्रेनों में प्रतिदिन लाखों यात्री जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। इनकी सुरक्षा राम भरोसे है। ऐसा नहीं है कि इससे रेल महकमा परिचित नहीं है। रेलवे प्रशासन को पटरियों के जर्जर होने की जानकारी है। यही वजह है कि जहां रेल पटरी लप रही है वहां ट्रेनें कासन पर गुजारी जा रही हैं। रेलवे स्टेशन श्रीकृष्णनगर के वरिष्ठ खंड अभियंता मनोज केशरी ने बताया कि जहां ट्रैक खराब हैं वहां ट्रेनें कासन पर गुजारी जा रही हैं। ट्रैक दुरुस्त करने के लिए वरिष्ठ खंड अभियंता आरपी सिंह की देखरेख में युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। जल्द ही रेल ट्रैक को दुरुस्त कर दिया जाएगा। ट्रैक की सुरक्षा, संरक्षा के लिए पेट्रोलिंग के साथ ही चौकसी बढ़ा दी गई है।
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