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गोमती नदी में कूड़ा गिरा रहे नपा के कर्मचारियों को खदेड़ा
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जौनपुर। नगरपालिका के सफाई कर्मचारी गोमती नदी में कूड़ा गिरा रहे हैं। सोमवार को सुबह तीन- चार की संख्या में सफाई कर्मचारी ठेले से कूड़ा लेकर शिवगोपाल घाट पर पहुंचे जहां कूड़ा गिरा ही रहे थे कि स्वच्छ गोमती अभियान के कार्यकर्त्ताओं ने उन्हें दौड़ा लिया। कुछ तो भाग लिए लेकिन मौके पर पकड़े गए दो सफाई कर्मचारियों को वहीं कूड़ा ठेले पर लदवाकर वापस कराया। यह स्थिति तब है जब स्वयं डीएम गोपीघाट से लेकर शिवगोपाल घाट तक सफाई करा चुकें है। बावजूद इसके नगरपालिका के कर्मचारी सुधर नहीं रहें है। इस मामले की शिकायत स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्ता ने डीएम से किया है।
गोमती नदी कूड़ें से पट गई है। नदी में प्रदूषण को लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाया तो डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने फरवरी माह में जिले के 300 सफाई कर्मचारियों को साथ लेकर नदी के घाटों की सफाई कराई । उन्होंने नदी में कूड़ा डालने से मनाही किया । इसके लिए नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को चेतावनी भी दी । लेकिन नगरपालिका का अपने कर्मचारियों पर नियंत्रण ही नहीं है। कभी कोई कूड़ा जला दे रहा है तो कभी शहर का कूड़ा नदी में ही डाल दे रहें है। सोमवार को स्वच्छ गोमती अभियान के बृजेश की नजर पड़ी तो वह कई समर्थकों को लेकर सफाई कर्मचारियों को दौड़ा लिए। दो तो भाग गए लेकिन दो मौके पर पकड़ें गए। उन्हें सख्त चेतावनी देकर छोड़ा गया। नदी की स्थिति यह है कि गुलरघाट, तुतीपुर, बजरंग घाट, केरारवीर घाट, पानदरीबा, हनुमान घाट गंदगी से पट गए है।
100 टन निकलता है कूड़ा
जौनपुर। शहर में हर रोज 100 टन कूड़ा निकलता है। इसके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर के बीचोबीच गोमती नदी के होने के कारण कूड़ा नदी में फेंका जा रहा है। इसे कभी कभार चोरी से जलाया भी जाता है। जिसकी दुगंध से शहर के लोग परेशान हो जाते है। इसे लेकर हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं ने वाद दायर कर रखा है। जिसमें कोर्ट के सख्त निर्देश के बावजूद इसके नगरपालिका नदी की सफाई को लेकर गंभीर नहीं है।
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मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रहीं है। जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसे निलंबित कर कार्रवाई की जाएगी। सभी को सख्त निर्देश है कि नदी में कूड़ा नहीं गिराना है।
कृष्णचंद्र
अधिशासी अधिकारी
नगरपालिका परिषद
गोमती नदी कूड़ें से पट गई है। नदी में प्रदूषण को लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाया तो डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने फरवरी माह में जिले के 300 सफाई कर्मचारियों को साथ लेकर नदी के घाटों की सफाई कराई । उन्होंने नदी में कूड़ा डालने से मनाही किया । इसके लिए नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को चेतावनी भी दी । लेकिन नगरपालिका का अपने कर्मचारियों पर नियंत्रण ही नहीं है। कभी कोई कूड़ा जला दे रहा है तो कभी शहर का कूड़ा नदी में ही डाल दे रहें है। सोमवार को स्वच्छ गोमती अभियान के बृजेश की नजर पड़ी तो वह कई समर्थकों को लेकर सफाई कर्मचारियों को दौड़ा लिए। दो तो भाग गए लेकिन दो मौके पर पकड़ें गए। उन्हें सख्त चेतावनी देकर छोड़ा गया। नदी की स्थिति यह है कि गुलरघाट, तुतीपुर, बजरंग घाट, केरारवीर घाट, पानदरीबा, हनुमान घाट गंदगी से पट गए है।
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100 टन निकलता है कूड़ा
जौनपुर। शहर में हर रोज 100 टन कूड़ा निकलता है। इसके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर के बीचोबीच गोमती नदी के होने के कारण कूड़ा नदी में फेंका जा रहा है। इसे कभी कभार चोरी से जलाया भी जाता है। जिसकी दुगंध से शहर के लोग परेशान हो जाते है। इसे लेकर हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं ने वाद दायर कर रखा है। जिसमें कोर्ट के सख्त निर्देश के बावजूद इसके नगरपालिका नदी की सफाई को लेकर गंभीर नहीं है।
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मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रहीं है। जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसे निलंबित कर कार्रवाई की जाएगी। सभी को सख्त निर्देश है कि नदी में कूड़ा नहीं गिराना है।
कृष्णचंद्र
अधिशासी अधिकारी
नगरपालिका परिषद