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राम नाम से ही तर जाता है जीवन-विद्यार्थी महाराज
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महराजगंज। क्षेत्र के महराजगंज सवंसा स्थित हनुमान मंदिर पर चल रहा पांच दिवसीय श्री राम मानस कथा का समापन शनिवार को हो गया। इस दौरान कथा वाचक श्री विद्यार्थी जी महाराज ने लंका कांड के महत्ता को बताया।
उन्होंने कहा कि जिस समय रावण की आत्मा निकली। उसमे से भी श्री राम का ही नाम निकला।रावण के स्वार्थ व अहंकार ने रावण की लंका को नष्ट कर दिया। इसलिए मनुष्य को जीवन में कभी अहंकार नहीं करना चाहिए।जिस प्रकार रावण ने अंतिम में राम का नाम लिया। वह तर गया। उसी प्रकार मानव जीवन में यदि राम नाम आ जाए तो जिंदगी तर जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रीराम का पिता के प्रति आदर व लक्ष्मण का भाई के प्रति प्यार इंसान को बहुत कुछ सिखाता है।हमें अपने बच्चों को भी ऐसे संस्कार देने चाहिए।जीवन में मर्यादा का होना आवश्यक है। वेदों का ज्ञाता रावण अगर मर्यादा लांघकर सीता माता का हरण न करता तो शायद उसका वध न होता। उन्होंने कहा कि राम हमारी संस्कृति हैं। हमें अपने बच्चों को उनके आदर्शों व संस्कारों के बारे में बताना चाहिए। ताकि वे संस्कारवान बनकर अनुशासन में रहें।कथा में पहुचे सर जेपी महिला महाविद्यालय के डायरेक्टर राजेश जे सिंह द्वारा कथा का समापन किया। इस दौरान कथा आयोजक श्यामशंकर उपाध्याय,केवटली ग्राम प्रधानपति नन्दलाल,राहुल मिश्रा, राजीव सिंह,ओमकार सिंह, ओमकार सिंह, सहित आदि उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि जिस समय रावण की आत्मा निकली। उसमे से भी श्री राम का ही नाम निकला।रावण के स्वार्थ व अहंकार ने रावण की लंका को नष्ट कर दिया। इसलिए मनुष्य को जीवन में कभी अहंकार नहीं करना चाहिए।जिस प्रकार रावण ने अंतिम में राम का नाम लिया। वह तर गया। उसी प्रकार मानव जीवन में यदि राम नाम आ जाए तो जिंदगी तर जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रीराम का पिता के प्रति आदर व लक्ष्मण का भाई के प्रति प्यार इंसान को बहुत कुछ सिखाता है।हमें अपने बच्चों को भी ऐसे संस्कार देने चाहिए।जीवन में मर्यादा का होना आवश्यक है। वेदों का ज्ञाता रावण अगर मर्यादा लांघकर सीता माता का हरण न करता तो शायद उसका वध न होता। उन्होंने कहा कि राम हमारी संस्कृति हैं। हमें अपने बच्चों को उनके आदर्शों व संस्कारों के बारे में बताना चाहिए। ताकि वे संस्कारवान बनकर अनुशासन में रहें।कथा में पहुचे सर जेपी महिला महाविद्यालय के डायरेक्टर राजेश जे सिंह द्वारा कथा का समापन किया। इस दौरान कथा आयोजक श्यामशंकर उपाध्याय,केवटली ग्राम प्रधानपति नन्दलाल,राहुल मिश्रा, राजीव सिंह,ओमकार सिंह, ओमकार सिंह, सहित आदि उपस्थित रहे।
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