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यमुना का जलस्तर बढ़ा, कई गांवों से कटा संपर्क
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कालपी मगरोल मार्ग पर भरे बाढ़ के पानी से वाहन निकालते लोग
- फोटो : ORAI
कालपी। हथिनी कुंड बांध से 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर बुधवार को यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। पिछले 24 घंटे में यमुना का जलस्तर लगभग तीन मीटर बढ़ गया है। नदी में पानी बढ़ने से यमुना पट्टी के दर्जनों गांवों का संपर्क कालपी से कट गया है। बाढ़ से यमुना के घाटों में भी पानी भरने लगा है व आसपास खेतों की सब्जियों की फसलें भी डूब गईं हैं। कालपी मगरौल मार्ग में जोधर रपटे पर पानी भरने कालपी मगरौल मार्ग अवरुद्ध हो गया है। यमुना नदी में आई बाढ़ को मद्देनजर रखकर प्रशासन ने नदी पट्टी के गांवों के लोगों को एलर्ट किया है। साथ ही बाढ़ नियंत्रण चौकियों व यमुना किनारे बसे गांवों में लेखपालों की तैनाती कर निगरानी कराई जा रही है।
केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के अनुसार हथिनी कुंड बांध दिल्ली से पानी छोड़ने के कारण कालपी में यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि अभी यमुना खतरे के निशान से यमुना लगभग 4 मीटर नीचे है, पर है, लेकिन अगर इसी रफ्तार से पानी बढ़ता रहा तो अगले 24 घंटे में यमुना खतरे का निशान पार कर सकती है। वहीं बाढ़ के हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए है। वहीं बाढ़ से यमुना की तलहटी में सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। यमुना का जलस्तर लगभग 25 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है।
यमुना में आई बाढ़ के बाद कालपी से लगे हुए हीरापुर, शेखपुर, गुढ़ा मैनुपुर, देवकली, कीरतपुर, गुढ़ा खास, मगरौल सहित लगभग एक दर्जन गांवों का संपर्क कालपी से कट गया है। यमुना में आई बाढ़ के बाद जोधर रपटे पर पानी चलने लगा है, जिससे कालपी मांगरोल संपर्क मार्ग पर बने रपटा के ऊपर करीब डेढ़ मीटर पानी बहने से क्षेत्र के लोगों का संपर्क कालपी से कट गया है। रपटा के ऊपर पानी बहने के बाद भी लोग अपनी जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। उपजिलाधिकारी जयेंद्र कुमार ने बताया यमुना किनारे बसे ग्रामीणों को सचेत कर दिया गया है, साथ ही जरूरत पड़ी तो उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। सभी लेखपालों को गांवों में ही रुकने के निर्देश दे दिए गए है। किसी भी स्थिति से निपटने की सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। साथ ही गांवों में संपर्क बना रहे इसके लिए नावों की भी व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है।
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केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के अनुसार हथिनी कुंड बांध दिल्ली से पानी छोड़ने के कारण कालपी में यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि अभी यमुना खतरे के निशान से यमुना लगभग 4 मीटर नीचे है, पर है, लेकिन अगर इसी रफ्तार से पानी बढ़ता रहा तो अगले 24 घंटे में यमुना खतरे का निशान पार कर सकती है। वहीं बाढ़ के हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए है। वहीं बाढ़ से यमुना की तलहटी में सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। यमुना का जलस्तर लगभग 25 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है।
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यमुना में आई बाढ़ के बाद कालपी से लगे हुए हीरापुर, शेखपुर, गुढ़ा मैनुपुर, देवकली, कीरतपुर, गुढ़ा खास, मगरौल सहित लगभग एक दर्जन गांवों का संपर्क कालपी से कट गया है। यमुना में आई बाढ़ के बाद जोधर रपटे पर पानी चलने लगा है, जिससे कालपी मांगरोल संपर्क मार्ग पर बने रपटा के ऊपर करीब डेढ़ मीटर पानी बहने से क्षेत्र के लोगों का संपर्क कालपी से कट गया है। रपटा के ऊपर पानी बहने के बाद भी लोग अपनी जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। उपजिलाधिकारी जयेंद्र कुमार ने बताया यमुना किनारे बसे ग्रामीणों को सचेत कर दिया गया है, साथ ही जरूरत पड़ी तो उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। सभी लेखपालों को गांवों में ही रुकने के निर्देश दे दिए गए है। किसी भी स्थिति से निपटने की सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। साथ ही गांवों में संपर्क बना रहे इसके लिए नावों की भी व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है।

कालपी में यमुना नदी के पानी से डूबी फसल- फोटो : ORAI

कालपी में यमुना नदी में बढ़ा जलस्तर- फोटो : ORAI
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