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सूखते कपड़ों के नीचे तार, हादसों का इंतजार
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मकान की छत से गुजरती बंद लाइन पर सूखते कपड़े।
- फोटो : ORAI
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उरई। इसे लोगों की लापरवाही कही जाए या फिर बिजली विभाग की उदासीनता, शहर के तुलसीनगर मोहल्ले में घरों के सामने से निकली एलटी लाइन पर सूखते कपड़े कभी भी देखे जा सकते हैं। यह बात और है कि बिजली विभाग लाइन डालकर ही भूल सा गया है और उसके बगल से गुजर रही दूसरी चालू एलटी लाइन की अनदेखी कर महिलाओं ने उसे अपने छज्जों की डोरी समझकर उस पर कपड़े सुखाने शुरू कर दिए है। इससे कभी भी कोई गंभीर हादसा हो सकता है। इलाकाई लोगों का कहना है कि मोहल्ले में झूलते तारों की दिक्कत के कारण ही नई लाइन डलवाई गई थी लेकिन अभी तक उसे शुरू नहीं किया जा सका है।
बता दें कि तुलसीनगर के काली मंदिर के पास स्थित दो वर्ष पूर्व डाली गई नई बिजली लाइन की सप्लाई चालू न होने के कारण कुछ लोग उसको अपने घर के कपड़ों को सुखाने की डोरी के रुप में उपयोग कर रहे हैं जबकि इसी बंद लाइन के समानांतर चालू लाइन भी निकली है। कभी भी तेज हवा या फिर आंधी से दोनों लाइनें आपस में जुड़ सकती है। ऐसे में हादसे की आशंका रहती है। इसके अलावा इलाके में झूलते तारों, खपच्ची से बंधे तारों की भी कोई कमी नहीं है। लोगों का कहना है कि यदि नई लाइन चालू हो जाए तो काफी हद तक समस्या से निजात मिल सकती है।
मोहल्ले के लक्ष्मण सिंह का कहना है कि नई लाइन मनमाने ढंग से डाली गई है, जिस कारण कहीं मकान के छज्जों तो कहीं छतों से गुजरी है। इसका इलाकाई लोग विरोध भी कर रहे हैं। इस कारण ही लाइन चालू नहीं हो पा रही है। इलाके के मोहित गुप्ता के मुताबिक नई लाइन की समस्या तो है ही, पुरानी लाइन भी काफी जर्जर हो चुकी है। कई शिकायतों के बाद भी विभाग के कर्मचारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। लिहाजा कोई घटना न हो जाए। इसके लिए अधिकारियों को ही ध्यान देना होगा।
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जिन लोगों के लिए नई लाइन डाली गई थी और चालू नहीं की गई, वहां के लोगों ने दूसरी गली को जा रही लाइन में कटिया भी डाल रखी है। इसके अलावा कहीं मकान के छूते हुए तो कहीं किसी कोचिंग के बाहर ही तार झूलते दिखाई दे रहे हैं। विभाग के एसडीओ राजेश पटेल का कहना है कि लाइन क्यों नहीं चालू हुई, इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल वे स्वयं मौके पर जाकर पूरी स्थिति देखकर समस्या के निदान का प्रयास करेंगे। कटिया के लिए विभाग का अभियान भी चल रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बता दें कि तुलसीनगर के काली मंदिर के पास स्थित दो वर्ष पूर्व डाली गई नई बिजली लाइन की सप्लाई चालू न होने के कारण कुछ लोग उसको अपने घर के कपड़ों को सुखाने की डोरी के रुप में उपयोग कर रहे हैं जबकि इसी बंद लाइन के समानांतर चालू लाइन भी निकली है। कभी भी तेज हवा या फिर आंधी से दोनों लाइनें आपस में जुड़ सकती है। ऐसे में हादसे की आशंका रहती है। इसके अलावा इलाके में झूलते तारों, खपच्ची से बंधे तारों की भी कोई कमी नहीं है। लोगों का कहना है कि यदि नई लाइन चालू हो जाए तो काफी हद तक समस्या से निजात मिल सकती है।
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मोहल्ले के लक्ष्मण सिंह का कहना है कि नई लाइन मनमाने ढंग से डाली गई है, जिस कारण कहीं मकान के छज्जों तो कहीं छतों से गुजरी है। इसका इलाकाई लोग विरोध भी कर रहे हैं। इस कारण ही लाइन चालू नहीं हो पा रही है। इलाके के मोहित गुप्ता के मुताबिक नई लाइन की समस्या तो है ही, पुरानी लाइन भी काफी जर्जर हो चुकी है। कई शिकायतों के बाद भी विभाग के कर्मचारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। लिहाजा कोई घटना न हो जाए। इसके लिए अधिकारियों को ही ध्यान देना होगा।
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जिन लोगों के लिए नई लाइन डाली गई थी और चालू नहीं की गई, वहां के लोगों ने दूसरी गली को जा रही लाइन में कटिया भी डाल रखी है। इसके अलावा कहीं मकान के छूते हुए तो कहीं किसी कोचिंग के बाहर ही तार झूलते दिखाई दे रहे हैं। विभाग के एसडीओ राजेश पटेल का कहना है कि लाइन क्यों नहीं चालू हुई, इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल वे स्वयं मौके पर जाकर पूरी स्थिति देखकर समस्या के निदान का प्रयास करेंगे। कटिया के लिए विभाग का अभियान भी चल रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।