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Jalaun News: डीसी मनरेगा ने निरीक्षण किया तो चलती मिली जेसीबी
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माधौगढ़। क्षेत्र की ग्राम पंचायत गालमपुरा स्थित अमृत सरोवर में मनरेगा कार्यों में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद फर्जी माप पुस्तिका (एमबी) तैयार कर मजदूरों के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया। शिकायत के बाद जांच शुरू होने पर मामला खुल गया।
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2021-22 में अमृत सरोवर निर्माण के लिए करीब 16 लाख 80 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण पूरा होने के बाद सरोवर पर इंटरलॉकिंग, गेट, कुर्सियां और ट्यूबवेल आदि की व्यवस्था भी कर दी गई थी। इसका उद्घाटन मूलचंद्र निरंजन, चिंतामन दोहर और तत्कालीन बीडीओ रमेश चंद्र शर्मा द्वारा किया गया था।
आरोप है कि कार्य पूर्ण होने के बाद मनरेगा सेल में फर्जी दूसरी एमबी तैयार कर मार्च 2026 में दोबारा खोदाई दर्शाई गई। कागजों में 130 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगाकर करीब 2 लाख 70 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। इसके बाद मई 2026 में भी करीब 200 मजदूरों को दिखाकर फिर खोदाई शुरू करा दी गई।
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ग्रामीणों की शिकायत पर जांच शुरू हुई तो बीडीओ संदीप मिश्रा ने महिला मेट संतोषी देवी को हटाते हुए फर्जी कार्य निरस्त कर दिया। डीएम के निर्देश पर शनिवार को डीसी मनरेगा रामेंद्र सिंह कुशवाहा मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अमृत सरोवर पर जेसीबी मशीनें चलती मिलीं। अधिकारियों को देखते ही ठेकेदार जेसीबी लेकर मौके से भाग गया।
जानकारी मिलने के बाद वह सरोवर पर पहुंचे थे, यहां काम होने की पुष्टि नहीं हुई है। मेट पर कार्यवाही की गई है। जांच की जा रही है, जो भी जांच में आएगा, कार्यवाही की जाएगी। - रामेंद्र सिंह कुशवाह, डीसी।
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सूत्रों के अनुसार वर्ष 2021-22 में अमृत सरोवर निर्माण के लिए करीब 16 लाख 80 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण पूरा होने के बाद सरोवर पर इंटरलॉकिंग, गेट, कुर्सियां और ट्यूबवेल आदि की व्यवस्था भी कर दी गई थी। इसका उद्घाटन मूलचंद्र निरंजन, चिंतामन दोहर और तत्कालीन बीडीओ रमेश चंद्र शर्मा द्वारा किया गया था।
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आरोप है कि कार्य पूर्ण होने के बाद मनरेगा सेल में फर्जी दूसरी एमबी तैयार कर मार्च 2026 में दोबारा खोदाई दर्शाई गई। कागजों में 130 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगाकर करीब 2 लाख 70 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। इसके बाद मई 2026 में भी करीब 200 मजदूरों को दिखाकर फिर खोदाई शुरू करा दी गई।
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ग्रामीणों की शिकायत पर जांच शुरू हुई तो बीडीओ संदीप मिश्रा ने महिला मेट संतोषी देवी को हटाते हुए फर्जी कार्य निरस्त कर दिया। डीएम के निर्देश पर शनिवार को डीसी मनरेगा रामेंद्र सिंह कुशवाहा मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अमृत सरोवर पर जेसीबी मशीनें चलती मिलीं। अधिकारियों को देखते ही ठेकेदार जेसीबी लेकर मौके से भाग गया।
जानकारी मिलने के बाद वह सरोवर पर पहुंचे थे, यहां काम होने की पुष्टि नहीं हुई है। मेट पर कार्यवाही की गई है। जांच की जा रही है, जो भी जांच में आएगा, कार्यवाही की जाएगी। - रामेंद्र सिंह कुशवाह, डीसी।