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तीन हजार की आबादी वाले गांव में पानी की किल्लत
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आटा। कदौरा ब्लाक के गांव अकोढ़ी के ग्रामीण भीषण गर्मी में पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। गांव में लगे कई हैंडपंप खराब हैं। प्यास बुझाने के लिए आधा किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है।
गांव की आबादी लगभग तीन हजार के आसपास है। पेयजल के लिए गांव में 20 से अधिक हैंडपंप हैं, उसमें कई खराब पड़े हैं। गांव में मनोज तिवारी के दरवाजे पर लगा हैंडपंप एक साल से पानी नहीं दे रहा है, दीपक यादव के दरवाजे लगा हैंडपंप भी छह माह से खराब है। पप्पू यादव के दरवाजे का हैंडपंप भी रिबोर होने को पड़ा है। केदार कुशवाहा के घर के पास लगा हैंडपंप भी पानी नहीं दे रहा है। ग्रामीण आधा किलोमीटर दूर शंकर जी के मंदिर पानी ढोकर लाते हैं।
गांव निवासी विजयलक्ष्मी, शिवम, श्यामलाल कुशवाहा, हरिसिंह, मूलचंद, हरिराम आदि का कहना है कि कई बार ग्राम प्रधान और सचिव से खराब हैंडपंपों के बारे में अवगत कराया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। हैंडपंप न सुधरे तो वह सभी ब्लाक जाकर अधिकारियों का घेराव करेंगे।
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अकोढ़ी गांव के प्रधान लल्लू का कहना है कि खराब हैंडपंपों की सूची तैयार कर ली है। जल्द ही मिस्त्री भेजकर उनको ठीक कराया जाएगा। सचिव धीरेंद्र यादव का कहना है कि गांव में जो हैंडपंप खराब है उनको जल्द ही ठीक कराकर पानी की समस्या दूर की जाएगी।
10 दिन से चार गांवों में अंधेरा
सिरसा कलार। चार गांवों में करीब 10 दिन से बिजली खराब है। जखा, तरसौर, छानी और सिरसा कलार के कुरेपुरा में ट्रांसफार्मर फुंके और खंभे गिरे पड़े हैं। तरसौर निवासी पंकज सेंगर, ध्यानेंद्र सेंगर का कहना है कि 10 दिन बाद भी खराबी दूर नहीं हुई। छानी निवासी नरेंद्र, शेरसिंह का कहना है कि हफ्ते भर पहले ट्रांसफार्मर फुंक गया था अभी तक नहीं बदला। जखा निवासी रामानंद, जयंत कुमार का कहना है कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कुरेपुरा निवासी रामजीवन, बचन सिंह का कहना है कि भीषण गर्मी में उन्हें पानी के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
पानी की किल्लत से कस्बे वासी परेशान
पानी की टंकी का ट्रांसफार्मर लगभग आठ दिन पहले खराब हो गया था। जिससे पानी के लिए परेशानी हुई। तीन दिन पहले ट्रांसफार्मर लगाया गया। चालू होते ही फुंक गया है। मोहल्ले के सोनू उपाध्याय का कहना है कि अधिकारियों से कई बार कहा, लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है।
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गांव की आबादी लगभग तीन हजार के आसपास है। पेयजल के लिए गांव में 20 से अधिक हैंडपंप हैं, उसमें कई खराब पड़े हैं। गांव में मनोज तिवारी के दरवाजे पर लगा हैंडपंप एक साल से पानी नहीं दे रहा है, दीपक यादव के दरवाजे लगा हैंडपंप भी छह माह से खराब है। पप्पू यादव के दरवाजे का हैंडपंप भी रिबोर होने को पड़ा है। केदार कुशवाहा के घर के पास लगा हैंडपंप भी पानी नहीं दे रहा है। ग्रामीण आधा किलोमीटर दूर शंकर जी के मंदिर पानी ढोकर लाते हैं।
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गांव निवासी विजयलक्ष्मी, शिवम, श्यामलाल कुशवाहा, हरिसिंह, मूलचंद, हरिराम आदि का कहना है कि कई बार ग्राम प्रधान और सचिव से खराब हैंडपंपों के बारे में अवगत कराया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। हैंडपंप न सुधरे तो वह सभी ब्लाक जाकर अधिकारियों का घेराव करेंगे।
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अकोढ़ी गांव के प्रधान लल्लू का कहना है कि खराब हैंडपंपों की सूची तैयार कर ली है। जल्द ही मिस्त्री भेजकर उनको ठीक कराया जाएगा। सचिव धीरेंद्र यादव का कहना है कि गांव में जो हैंडपंप खराब है उनको जल्द ही ठीक कराकर पानी की समस्या दूर की जाएगी।
10 दिन से चार गांवों में अंधेरा
सिरसा कलार। चार गांवों में करीब 10 दिन से बिजली खराब है। जखा, तरसौर, छानी और सिरसा कलार के कुरेपुरा में ट्रांसफार्मर फुंके और खंभे गिरे पड़े हैं। तरसौर निवासी पंकज सेंगर, ध्यानेंद्र सेंगर का कहना है कि 10 दिन बाद भी खराबी दूर नहीं हुई। छानी निवासी नरेंद्र, शेरसिंह का कहना है कि हफ्ते भर पहले ट्रांसफार्मर फुंक गया था अभी तक नहीं बदला। जखा निवासी रामानंद, जयंत कुमार का कहना है कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कुरेपुरा निवासी रामजीवन, बचन सिंह का कहना है कि भीषण गर्मी में उन्हें पानी के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
पानी की किल्लत से कस्बे वासी परेशान
पानी की टंकी का ट्रांसफार्मर लगभग आठ दिन पहले खराब हो गया था। जिससे पानी के लिए परेशानी हुई। तीन दिन पहले ट्रांसफार्मर लगाया गया। चालू होते ही फुंक गया है। मोहल्ले के सोनू उपाध्याय का कहना है कि अधिकारियों से कई बार कहा, लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है।