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गोशाला:::लापरवाही बरतने वाले नोडलों को चेतावनी
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उरई। गोवंशों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। 12 अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद गुरुवार को सीडीओ के निर्देश पर डीडीओ ने बैठक कर सभी अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
सरकार की मंशा के अनुसार गोवंशों के लिए जिले में भी बड़ी संख्या में गोशालाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके लिए बजट भी जारी हुआ है। इसके बावजूद गोशालाएं की स्थिति काफी दयनीय हैं। अधिकांश गोशालाओं में न तो अलाव है। और न ही गोवंशों के लिए पर्याप्त टट्टर की व्यवस्था है। गोवंशों को खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ रही हैं। कई बार शिकायतें भी मिल चुकी हैं।
अधिकांश शिकायतें डकोर ब्लाक से आने के कारण गुरुवार को सीडीओ डॉ. अभय कुमार श्रीवास्तव ने विकास भवन सभागार में डकोर ब्लाक के नोडल अधिकारियों, प्रधानों और सचिवों के साथ बैठक की। उन्होंने समीक्षा में बरसार गोशाला में अव्यवस्थाएं मिलने पर सचिव आशुतोष को कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही प्रधानों से गोशालाओं के संचालन में सहयोग की बात कही। सभी नोडल अधिकारियों को प्रतिदिन गोशालाओं में अलाव जलवाने, गायों को गुड़ खिलवाने के साथ गोवंश की टैगिंग कराने के भी निर्देश दिए। कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी। इस मौके पर डीडीओ सुभाष चंद्र त्रिपाठी, सीपीओ डॉ. सुरेन्द्र कुमार सचान, बीडीओ डकोर डीके कुशवाहा, एडीओ पंचायत बलवीर सिंह सेंगर आदि मौजूद रहे।
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फोटो 17:::पड़ौरा गोशाला में अलाव के पास खड़े होकर राहत महसूस करते गोवंश।
पड़ौरा गोशाला में अलाव जलवाया
कदौरा। अधिकारियों की सख्ती के बाद गुरुवार को पड़ौरा गोशाला में अलाव तो जला दिए गए। पर टिनशेड और टट्टर के पर्याप्त इंतजाम नहीं हो सके हैं। भीषण ठंड में ब्लाक क्षेत्र की गोशालाओं में हाल अभी भी बदहाल हैं। एक सप्ताह के दो गोशालाओं में तीन पशुओं की मौत हो चुकी है। हालांकि अभी कई गोशालाओं में टिनशेड, टट्टर और छप्पर के पर्याप्त इंतजाम न होने की वजह से गोवंश ठंड में रात बसर करने को मजबूर हैं। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। (संवाद)
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हुकुमपुरा की गोशाला में भी इंतजाम नहीं
- जनप्रतिनिधि और ग्रामीण कर रहे लगातार शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुरा। विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिल्हौर के हुकुमपुरा में बनी अस्थायी गोशाला में भी ठंड से बचाव और गोवंशों के पानी और चारे के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई बार जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत भी हैं।
ग्राम पंचायत सदस्य रमेश सिंह ने डीएम व मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को शिकायती पत्र दिया है। इसमें बताया कि गोशाला की जांच व गोवंश को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच करने का आग्रह किया। रमेश सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान में गोशाला में 41 गोवंश हैं जबकि कागजों में 51 गोवंश दर्शा गया हैं। खाने के नाम पर नामात्र की सूखी कुटी दी जाती हैं। उनका आरोप है कि पर्याप्त भोजन और ठंड के इंतजाम न होने की वजह से गोवंशों की मौत भी हो रही है।
पशु चिकित्सा अधिकारी रामपुरा डॉ सुरेन्द्र सिंह ने बताया इसी माह 17 तारीख को बिल्हौर की हुकुमपुरा गोशाला के लिए 64500 रुपये दिये गये हैं। अगर गोवंशों की स्थिति ऐसी है तो जांच कराई जाएगी। विकास खण्ड अधिकारी संदीप कुमार यादव ने कहा कि बुधवार को ही उनके द्वारा सभी सचिवों के साथ बैठक की गई थी। जिसमें सभी को निर्देश भी दिए गये थे कि गोशाला की व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। सचिव के माध्यम से उक्त प्रकरण के बारे में जानकारी प्राप्त कर कार्रवाई की जाएगी।
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सरकार की मंशा के अनुसार गोवंशों के लिए जिले में भी बड़ी संख्या में गोशालाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके लिए बजट भी जारी हुआ है। इसके बावजूद गोशालाएं की स्थिति काफी दयनीय हैं। अधिकांश गोशालाओं में न तो अलाव है। और न ही गोवंशों के लिए पर्याप्त टट्टर की व्यवस्था है। गोवंशों को खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ रही हैं। कई बार शिकायतें भी मिल चुकी हैं।
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अधिकांश शिकायतें डकोर ब्लाक से आने के कारण गुरुवार को सीडीओ डॉ. अभय कुमार श्रीवास्तव ने विकास भवन सभागार में डकोर ब्लाक के नोडल अधिकारियों, प्रधानों और सचिवों के साथ बैठक की। उन्होंने समीक्षा में बरसार गोशाला में अव्यवस्थाएं मिलने पर सचिव आशुतोष को कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही प्रधानों से गोशालाओं के संचालन में सहयोग की बात कही। सभी नोडल अधिकारियों को प्रतिदिन गोशालाओं में अलाव जलवाने, गायों को गुड़ खिलवाने के साथ गोवंश की टैगिंग कराने के भी निर्देश दिए। कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी। इस मौके पर डीडीओ सुभाष चंद्र त्रिपाठी, सीपीओ डॉ. सुरेन्द्र कुमार सचान, बीडीओ डकोर डीके कुशवाहा, एडीओ पंचायत बलवीर सिंह सेंगर आदि मौजूद रहे।
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फोटो 17:::पड़ौरा गोशाला में अलाव के पास खड़े होकर राहत महसूस करते गोवंश।
पड़ौरा गोशाला में अलाव जलवाया
कदौरा। अधिकारियों की सख्ती के बाद गुरुवार को पड़ौरा गोशाला में अलाव तो जला दिए गए। पर टिनशेड और टट्टर के पर्याप्त इंतजाम नहीं हो सके हैं। भीषण ठंड में ब्लाक क्षेत्र की गोशालाओं में हाल अभी भी बदहाल हैं। एक सप्ताह के दो गोशालाओं में तीन पशुओं की मौत हो चुकी है। हालांकि अभी कई गोशालाओं में टिनशेड, टट्टर और छप्पर के पर्याप्त इंतजाम न होने की वजह से गोवंश ठंड में रात बसर करने को मजबूर हैं। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। (संवाद)
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हुकुमपुरा की गोशाला में भी इंतजाम नहीं
- जनप्रतिनिधि और ग्रामीण कर रहे लगातार शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुरा। विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिल्हौर के हुकुमपुरा में बनी अस्थायी गोशाला में भी ठंड से बचाव और गोवंशों के पानी और चारे के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई बार जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत भी हैं।
ग्राम पंचायत सदस्य रमेश सिंह ने डीएम व मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को शिकायती पत्र दिया है। इसमें बताया कि गोशाला की जांच व गोवंश को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच करने का आग्रह किया। रमेश सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान में गोशाला में 41 गोवंश हैं जबकि कागजों में 51 गोवंश दर्शा गया हैं। खाने के नाम पर नामात्र की सूखी कुटी दी जाती हैं। उनका आरोप है कि पर्याप्त भोजन और ठंड के इंतजाम न होने की वजह से गोवंशों की मौत भी हो रही है।
पशु चिकित्सा अधिकारी रामपुरा डॉ सुरेन्द्र सिंह ने बताया इसी माह 17 तारीख को बिल्हौर की हुकुमपुरा गोशाला के लिए 64500 रुपये दिये गये हैं। अगर गोवंशों की स्थिति ऐसी है तो जांच कराई जाएगी। विकास खण्ड अधिकारी संदीप कुमार यादव ने कहा कि बुधवार को ही उनके द्वारा सभी सचिवों के साथ बैठक की गई थी। जिसमें सभी को निर्देश भी दिए गये थे कि गोशाला की व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। सचिव के माध्यम से उक्त प्रकरण के बारे में जानकारी प्राप्त कर कार्रवाई की जाएगी।