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जिले के कई क्षेत्रों में गिरे बारिश के साथ ओले
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उरई/। पूस में कड़ाके की ठंड पड़ने के बाद बीते एक सप्ताह में निकली धूप ने लोगों को कुछ राहत जरूर दी। पर माघ में प्रवेश होते ही फिर एक बार मौसम बिगड़ गया।
बृहस्पतिवार को सुबह से शीतलहर चलने के साथ ही शाम को माधौगढ़, कुठौंद, जालौन, महेवा समेत कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ही ओले गिरने से फिर ठिठुरन बढ़ गई। वहीं माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के रौरा मानपुरा, गोपालपुरा, सर्र, महोई, सहित 24 गांवों में फसल बर्बाद होने से किसान फिर मायूस हो गए हैं। ओले पड़ने से सरसों, चना, मटर, गेहूं की फसल को नुकसान की उम्मीद जताई जा रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अचानक हुई बारिश से दोबारा से फिर ठंड बढ़ सकती है।
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किसानों का दर्द
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फोटो 30:::किसान कृष्णपाल।
माधौगढ़ के किसान कृष्णपाल सिंह ने कहा कि बारिश के साथ बरसे ओले ने सरसों की फसल में नुकसान पहुंचाया है। ओले की मार से सरसों के दाने खेत में गिर गए हैं। जिन्हें बीनना कठिन है।
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फोटो 31:::किसान नरेंद्र।
सरावन गांव के किसान नरेंद्र सिंह का कहना है कि ओले गिरने से मटर, सरसों और हरी मटर में नुकसान हुआ है। मिट्टी गीली होने से मटर की फलियां सडने लगेंगी। इससे फसल के उत्पादन में गिरावट आएगी।
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फोटो 32::मन्नू सिंह।
किसान मन्नू सिंह का कहना है कि हर तरफ से किसान की आफत है। रात भर अन्ना पशुओं से फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। वहीं बारिश के साथ ओले ने फसल के उत्पादन में गिरावट हो गई।
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फोटो 33:::किसान रामभरत सिंह।
माधौगढ़ के किसान रामभरत सिंह का कहना है कि किसान हर तरफ से परेशान है। जनवरी से शुरू हुई बारिश ने किसानों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। नुकसान की भरपाई करने के लिए सालों लग जाएंगे।
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बृहस्पतिवार को सुबह से शीतलहर चलने के साथ ही शाम को माधौगढ़, कुठौंद, जालौन, महेवा समेत कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ही ओले गिरने से फिर ठिठुरन बढ़ गई। वहीं माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के रौरा मानपुरा, गोपालपुरा, सर्र, महोई, सहित 24 गांवों में फसल बर्बाद होने से किसान फिर मायूस हो गए हैं। ओले पड़ने से सरसों, चना, मटर, गेहूं की फसल को नुकसान की उम्मीद जताई जा रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अचानक हुई बारिश से दोबारा से फिर ठंड बढ़ सकती है।
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किसानों का दर्द
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फोटो 30:::किसान कृष्णपाल।
माधौगढ़ के किसान कृष्णपाल सिंह ने कहा कि बारिश के साथ बरसे ओले ने सरसों की फसल में नुकसान पहुंचाया है। ओले की मार से सरसों के दाने खेत में गिर गए हैं। जिन्हें बीनना कठिन है।
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फोटो 31:::किसान नरेंद्र।
सरावन गांव के किसान नरेंद्र सिंह का कहना है कि ओले गिरने से मटर, सरसों और हरी मटर में नुकसान हुआ है। मिट्टी गीली होने से मटर की फलियां सडने लगेंगी। इससे फसल के उत्पादन में गिरावट आएगी।
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फोटो 32::मन्नू सिंह।
किसान मन्नू सिंह का कहना है कि हर तरफ से किसान की आफत है। रात भर अन्ना पशुओं से फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। वहीं बारिश के साथ ओले ने फसल के उत्पादन में गिरावट हो गई।
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फोटो 33:::किसान रामभरत सिंह।
माधौगढ़ के किसान रामभरत सिंह का कहना है कि किसान हर तरफ से परेशान है। जनवरी से शुरू हुई बारिश ने किसानों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। नुकसान की भरपाई करने के लिए सालों लग जाएंगे।