{"_id":"cd7397e4eb40da8e8b2eb314e1d8e812","slug":"urn-with-journey-began-bhagwat-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलश यात्रा के साथ शुरू हुई भागवत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलश यात्रा के साथ शुरू हुई भागवत
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Wed, 09 Dec 2015 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर के प्राचीन श्री सीतानाथ मंदिर पर बुधवार से श्रीमद्भागवत कथा का
विज्ञापन
शुभारंभ हो गया। भागवत कथा से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस पर
लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा की। कलश यात्रा को नगर के विभिन्न चौराहों से
निकली। इसमें महिलाओं व पुुरुषों की खासी भागीदारी रही।
कलश यात्रा का शुभारंभ श्री मुरली मनोहर मंदिर से हुआ। राजमार्ग से होकर कलश यात्रा भागवत कथा स्थल श्री सीतानाथ मंदिर पहुंची जहां वैदिक रीति से पूजन अर्चन किया। परीक्षित श्रीमती संतोषी सोनी भागवत महापुराण को सिर पर रखकर कलशयात्रा में आगे चल रहीं थीं। कथावाचक व्यास पं. नवनीत मिश्रा शास्त्री नेे कहा कि श्रीमद्भागवत का सभी पुराणों में सर्वश्रेष्ठ स्थान है।
इसमें 18 हजार श्लोक और 12 स्कंद हैं। बताया कि भागवत कथा श्रवण से जीव को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि जो पुण्य भगवान के दर्शन से प्राप्त होता है वही भागवत पुराण के दर्शनों से प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि कलिकाल में जो भी प्राणी श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करता है उसके समस्त क्लेशों का शमन स्वयमेव ही हो जाता है। इस
दौरान राहुल तिवारी, जयगोविंद मिश्रा, मनोज गुप्ता, महेश विदुआ, संदीप शांडिल्य, लल्लूराम मिश्रा, अवधेश द्विवेदी, कृष्णा यादव, गोविंदशरण, रघुवीर अग्रवाल, जयप्रकाश, डॉ. पंचम, विनीत मिश्रा, रज्जन गोस्वामी, रमेश पाटकार, प्रदीप रावत, प्रेमलता, सुमन, मीरा, गीता, उमा, विनीता, रजनी, किशोरी, गीता सोनी आदि मौजूद रहीं।
कलश यात्रा का शुभारंभ श्री मुरली मनोहर मंदिर से हुआ। राजमार्ग से होकर कलश यात्रा भागवत कथा स्थल श्री सीतानाथ मंदिर पहुंची जहां वैदिक रीति से पूजन अर्चन किया। परीक्षित श्रीमती संतोषी सोनी भागवत महापुराण को सिर पर रखकर कलशयात्रा में आगे चल रहीं थीं। कथावाचक व्यास पं. नवनीत मिश्रा शास्त्री नेे कहा कि श्रीमद्भागवत का सभी पुराणों में सर्वश्रेष्ठ स्थान है।
इसमें 18 हजार श्लोक और 12 स्कंद हैं। बताया कि भागवत कथा श्रवण से जीव को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि जो पुण्य भगवान के दर्शन से प्राप्त होता है वही भागवत पुराण के दर्शनों से प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि कलिकाल में जो भी प्राणी श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करता है उसके समस्त क्लेशों का शमन स्वयमेव ही हो जाता है। इस
दौरान राहुल तिवारी, जयगोविंद मिश्रा, मनोज गुप्ता, महेश विदुआ, संदीप शांडिल्य, लल्लूराम मिश्रा, अवधेश द्विवेदी, कृष्णा यादव, गोविंदशरण, रघुवीर अग्रवाल, जयप्रकाश, डॉ. पंचम, विनीत मिश्रा, रज्जन गोस्वामी, रमेश पाटकार, प्रदीप रावत, प्रेमलता, सुमन, मीरा, गीता, उमा, विनीता, रजनी, किशोरी, गीता सोनी आदि मौजूद रहीं।